इंदिरा गांधी के लिए इस नेता ने किया था प्लेन हाईजैक, रखीं थीं ये 3 शर्तें

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
लखनऊ. किसी नेता के लिए समर्थक द्वारा अपनी जान की बाजी लगाने की खबर तो खूब सुनी होगी लेकिन किसी समर्थक ने प्लेन हाईजैक कर लिया हो यह सुनने बड़ा अटपटा सा लगता है, लेकिन 80 के दशक में यूपी के दो नौजवानों ने इस काम को अंजाम दिया था। यह दो नौजवान कांग्रेस के नेता था जिनमे एक देवेन्द्र पाण्डेय और दुसरे भोला पाण्डेय थे। शनिवार देर रात देवेन्द्र पाण्डेय की मृत्यु हो गई। इस मौके पर DainikBhaskar.com इनसे जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा बता रहा है।
 
इंदिरा अरेस्ट हुई तो प्लेन हाईजैक कर लिया
- सुल्तानपुर के रहने वाले देवेन्द्र पाण्डेय की उम्र उस समय 27-28 साल की थी।
- इमरजेंसी के बाद देश में बनी जनता पार्टी की सरकार ने तमाम आरोप लगाकर इंदिरा गांधी को गिरफ्तार कर लिया था।
- देश में जगह जगह प्रदर्शन हो रहे थे तब यूपी के इन दो नेताओं ने इंदिरा को छुड़ाने के लिए अलग ही तरीका चुना।
- 20 दिसंबर 1978 को लखनऊ से दिल्ली जाने वाली इंडियन एयरलाइन की फ्लाईट संख्या IC 410 को हाईजैक कर लिया था।
- जिसे दिल्ली न ले जाकर वाराणसी में उतारा गया था। इस फ्लाईट में कुल 130 यात्री सवार थे. जिनकी हाईजैक की खबर सुन सांस गले में अटकी थी।
- कांग्रेस नेता सत्यदेव त्रिपाठी बताते हैं कि यह सरकार के खिलाफ एक सिंबॉलिक प्रदर्शन था। हालांकि बाद में दोनों नौजवानों को गिरफ्तार भी कर लिया गया था।
- ये मामला तब खूब जोर शोर से उछला था। इसका ईनाम भी दोनों नेताओं को मिला।  
 
खिलौने वाली पिस्टल के दम पर किया था हाईजैक
- लखनऊ से दिल्ली के लिए उडी फ्लाईट को देवेन्द्र पाण्डेय और भोला पाण्डेय ने महज खिलौने वाली पिस्टल के दम पर हाईजैक कर लिया था।
- सत्यदेव त्रिपाठी बताते हैं कि तत्कालीन सीएम राम नरेश यादव से बातचीत के बाद दोनों ने अपनी गिरफ्तारी दी थी।
 
3 मांगे थी हाईजैकर्स की
- देवेंद्र पांडेय और भोला पाण्डेय ने अपनी तीन मांगे सरकार के सामने रखी थी। जिसमें पहली थी- इंदिरा गांधी को गिरफ्तार किया गया है पहले उन्हें रिहा किया जाए।
- दूसरी- जि‍तने भी मामले इंदिरा गांधी और संजय गांधी के खिलाफ चल रहे हैं उन्हें खत्म किया जाए। - आखिरी मांग थी- केंद्र में सत्ता में बैठी जनता सरकार इस्तीफा दे। बता दें, उस समय मोरार जी देसाई देश के पीएम थे।
 
ईनाम में चुनाव का टिकट मिला था दोनों नेताओं को
- दो साल बाद साल 1980 में इंदिरा गांधी ने दोनों विधायक को विधायकी का टिकट दिया। दोनों अपनी अपनी विधानसभा से जीत कर सदन पहुंचे।
- भोला पांडेय भोला दो बार विधायक रहे। एक बार साल 1980 से 1985 तक और दूसरी बार 1989 से 1991 तक। बलिया के रहने वाले भोला इंडियन यूथ कांग्रेस के जनरल सेक्रेट्री रहे। वहीं 1991 से 2014 तक सांसद का चुनाव लड़े लेकिन जीते नहीं।
- जबकि देवेंद्र पांडेय दो बार सुलतानपुर से विधायक चुने गए। वो 1980 और 1985 के विधानसभा चुनाव जीते, लेकिन 1989 के चुनाव में पराजित हो गए. वो कांग्रेस के प्रदेश महासचिव भी रहे थे। 66 साल की एज में उनका देहांत हुआ।
 
खबरें और भी हैं...