महाभारत 2019: 4 साल में 18 राज्यों में पार्टियों को स्पष्ट बहुमत मिला, 8 बार भाजपा काे मिली कामयाबी

Bhaskar News | May 29,2018 08:08 AM IST

2014 के आम चुनाव के बाद से विधानसभा चुनावों में एक रोचक ट्रेंड देखने को मिला है। इस दौरान मतदाताओं ने खंडित जनादेश की जगह स्पष्ट बहुमत वाली सरकारों पर भरोसा जताया है। तब से अब तक 27 राज्यों में चुनाव हुए हैं। इनमें वे 5 राज्य भी शामिल हैं, जहां लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा चुनाव भी हुए थे। 2014 से अब तक हुए विधानसभा चुनावों में देश में गैर-भाजपा दलों को अधिक राज्यों में स्पष्ट बहुमत मिला है। इन चार वर्षों में भाजपा काे आठ यानी अन्य के मुकाबले दो राज्यों में कम स्पष्ट बहुमत मिला है।

महाभारत 2019: उसूलों के बाद बिकने के लिए आत्मा अंतिम सामान है- कुमार विश्वास की व्यंग्यात्मक श्रृंखला की दूसरी प्रस्तुति

कुमार विश्वास | May 28,2018 07:49 AM IST

कवि-सम्मेलन से लौटकर वैसे ही देर से सोया था कि सुबह ही सुबह हाजी पंडित के हो-हल्ले में उठ बैठा। आंगन में खड़े ज़ोर-ज़ोर से चिल्ला रहे थे ‘भाइयों, बहनों, आइए-आइए, मिलिए लोकतंत्र के सबसे शर्मदार, निष्ठावान प्राणी से। ‘नींद के झोंके में गिरता-पड़ता अपने बेडरूम की रेलिंग से आंगन में झांका तो अजीब नज़ारा था।

भास्कर संपादकीय: मिली-जुली हैं मोदी सरकार की चार साल की उपलब्धियां

Bhaskar news | May 25,2018 23:44 PM IST

मुद्रास्फीति की दर को चार और पांच प्रतिशत के बीच रख पाना भी उपलब्धि है। लेकिन तेल के बढ़ते दामों के साथ रुपए का गिरता मूल्य सभी के लिए चिंता का विषय है। रुपया पिछले कुछ दिनों में डॉलर के मुकाबले दस रुपए तक गिरा है। सरकार की नाकामियों में बट्‌टा खाते का कर्ज बड़ी चिंता है। 2014 में एनपीए 2.4 लाख करोड़ रुपए था, जो अब 7.8 लाख करोड़ रुपए तक हो चुका है। राजग सरकार वादे के मुताबिक दो करोड़ रोजगार सालाना सृजित नहीं कर पाई है और न ही विदेशी बैंकों में जमा काला धन देश में ला पाई है।

भास्कर संपादकीय: बेंगलुरू में विपक्षी एकता की शुरुआत के मायने

Bhaskar News | May 25,2018 08:45 AM IST

इसके बावजूद विपक्षी एकता की इस पहल के पीछे यह विश्वास है कि विविधताओं वाला यह देश न तो किसी व्यक्ति का एक छत्र शासन सहता है और न ही किसी दल का। देश ने 2014 में एक चौथाई सदी की गठबंधन की राजनीति को ठुकराकर एक पार्टी को पूर्ण बहुमत दिया और एक नेता में विश्वास जताया, इसके बावजूद उस नेता और दल ने गठबंधन को न तो व्यवहार में और न ही सिद्धांत में पूरी तरह से त्यागा।