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महाभारत 2019: लोकसभा में नए चेहरों को मिल रहा है मौका, 15 साल में 69% बढ़े नए सांसद

नए सांसदों में कांग्रेस के सबसे कम 20%, भाजपा के 60% सांसद पहली बार लोकसभा पहुंचे

Danik Bhaskar | Sep 11, 2018, 07:03 AM IST

नई दिल्ली. लोकसभा में ज्यादा से ज्यादा नए चेहरों के पहुंचने का ट्रेंड लौटने लगा है। पिछले तीन चुनाव देखें, तो जनता अब नए चेहरों को पहले से ज्यादा मौका दे रही है। पिछले 15 साल में ऐसे सांसदों की संख्या 69 फीसदी तक बढ़ी है। 1999 में 13वीं लोकसभा के चुनाव में 185 नए चेहरे लोकसभा पहुंचे थे, जो अब तक के सबसे कम हैं।

उसके बाद से कभी भी नए सांसदों की संख्या 270 से कम नहीं रही। 2014 में 58% उम्मीदवार पहली बार संसद पहुंचे थे। 2014 में एआईएडीएमके 90% नए सांसदों के साथ अव्वल रही। कांग्रेस के सबसे कम 20% जबकि भाजपा के 60% सांसद पहली बार लोकसभा पहुंचे हैं।

पिछली दो बार 55% से ज्यादा नए सांसद बने: 16 लोकसभा चुनावों में 7 बार ऐसा हुआ जब 300 से ज्यादा सांसद पहली बार लोकसभा पहुंचे। चौंकाने वाली बात यह है कि आठवीं लोकसभा से लेकर 14वीं लोकसभा तक एक बार भी 300 से ज्यादा सांसद पहली बार लोकसभा नहीं पहुंचे। पिछले चार चुनावों में नए सांसदों ने लगातार 150,250 और 300 का आंकड़ा पार किया है। पिछले चुनाव में 314 सांसद नए बने।

लोकसभा पहली बार सांसद दो या अधिक बार सीट

लोकसभा पहली बार सांसद दो या अधिक बार सीट
16वीं (2014) 314 (58%) 226 543
15वीं (2009) 302 (55%) 181 543
14वीं (2004) 271 (50%) 220 543
13वीं (1999) 185 (34%) 262 543

*7 बार 300 से ज्यादा सांसद पहली बार लोकसभा पहुंचे।


नए सांसदों के प्रतिशत में भाजपा, कांग्रेस पिछड़ीं

पार्टी पहली बार सांसद दो या ज्यादा बार सांसद
एआईएडीएमके 34 (90%) 3 (10%)
बीजेडी 12 (60%) 7 (40%)
तृणमूल कांग्रेस 19 (56%) 15 (44%)
भाजपा 165 (41%) 116(59%)
कांग्रेस 9 (20%)

35 (80%)

- 2014 में भाजपा ने 282 सीटें जीत इतिहास रचा। जबकि कांग्रेस के लिए नतीजे सबसे बुरे रहे। लेकिन नए सांसदों के प्रतिशत के मामले में दोनों अन्य दलों से पिछड़ गईं।

- सबसे ज्यादा 69% पहली बार लोकसभा पहुंचने वाले सबसे ज्यादा 377 सांसद 1977 में रहे।
- सबसे कम 34% पहली बार लोकसभा पहुंचने वाले सबसे कम 185 सांसद 1999 में रहे।
- कांग्रेस के 80% सांसद 2014 में मोदी लहर के बावजूद दोबारा चुनाव जीतने में सफल रहे।
- रामविलास पासवान, कमलनाथ और दिवंगत पीए संगमा 9-9 बार चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे।

स्रोत: चुनाव आयोग, इलेक्शंस डॉट इन