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बरारी की मुख्य सड़क वर्षों से जर्जर तीन किमी जाने में लगता है एक घंटा

Bhaskar News Network | Mar 20, 2019, 02:15 AM IST

प्रखंड मुख्यालय सहित रेफरल अस्पताल, स्टेशन, डाकघर, बैंक आदि महत्वपूर्ण जगहों पर जाने वाली मुख्य सड़क की स्थिति कई...

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प्रखंड मुख्यालय सहित रेफरल अस्पताल, स्टेशन, डाकघर, बैंक आदि महत्वपूर्ण जगहों पर जाने वाली मुख्य सड़क की स्थिति कई वर्ष से जर्जर हैं। यहां बता दे कि रेलवे की ये सड़क काढ़ागोला स्टेशन बाजार से थाना चौक होते हुए सिवाना ढाला होते हुए रौनिया जाने वाली सड़क हैं। यह मुख्य सड़क दर्जनों पंचायत को जोड़ती हैं इस सड़क पर सिर्फ टूटे-फूटे ईंट दिखलाई पड़ती है। रोजाना सैकड़ों गांवों के किसान, राहगीर व वाहन चालक आवागमन में परेशानी होती है। टूटे सड़क होने के कारण मिनटों की दूरी तय करने में घंटों का समय लग रहा है। रेल प्रशासन एवं आरईओ ग्रामीण विभाग भी इस रोड की अब तक सुधि नहीं ले रहे हैं। जिस कारण ग्रामीण आंदोलन के मूड में है।

प्रखंड मुख्यालय, अस्पताल, बैंक जाने का है मुख्य मार्ग

गड्ढे और टूटी-फूटी उबर-खाबर ईंट के सड़क पर चलने को राहगीरों को मजबूर होना पड़ता है। सड़क की स्थिति देख ऐसा महसूस होता है कि लोग सड़कों पर नहीं बल्कि जोत नुमा खेतों पर चल रहा हो। हिचकोले खाती गाड़ियां सड़क छोड़ अगल बगल से निकलती साइकिलें, मोटरसाइकिलें यही इस सड़क की पहचान बन चुकी है। जबकि प्रखण्ड क्षेत्र के पूर्वी भाग सुखासन, दुर्गापुर, सकरेली, वेशागोविंदपुर सेमापुर सहित दर्जनों पंचायत के लोगों को प्रखण्ड मुख्यालय, रेफरल अस्पताल, आने-जाने के लिए इसी मुख्य सड़क पर आना होता है। यही एक मात्र मुख्य सड़क है जिससे लगभग प्रतिदिन सैकड़ों गाड़ियों के अलावे कई लोगों का आना जाना लगा रहता है। सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना उनलोगों को करना पड़ता है जो प्रतिदिन बरारी प्रखंड के कई जगह काम करने एवं काढ़ागोला स्टेशन ट्रेन पकड़ने के लिये आते हैं। बरसात के दिनों में तो इसकी स्थिति और खराब हो जाती है।

तीन किमी की दूरी तय करने में लगता है एक घंटे का समय

लोगों का कहना है कि अगर कोई बीमार व्यक्ति या फिर गर्भवती महिला इस रोड से गुजरता है तो उसकी तबीयत और बिगड़ जाती है क्योंकि यही एक मात्र सड़क है जिससे बरारी प्रखंड के कई पंचायत के लोगों का प्रखंड कार्यालय रेफरल अस्पताल एवं शहर जाने के लिये साधन मात्र है। जिससे लोगों सफर करना काफी मुश्किल भरा होता है। काढ़ागोला स्टेशन रोड से होते हुए थाना चौक से एवं सिवाना होते हुए रौनिया रेलवे ढाला तक रेल की सड़क तकरीबन 03 किलोमीटर वाली इस सड़क की दूरी तय करने में लोगों को करीब एक घंटे लग जाता है।

यही है बरारी की जर्जर मुख्य सड़क जिसपर पैदल चलने में भी चोटिल होने का रहता है खतरा।

कई वर्षों से नहीं हुई मरम्मत : विगत कई वर्षों से इस सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है । लगभग आठ से दस वर्षों से सड़क की दुर्दशा पर लोग आंसू बहाने को मजबूर हैं। इस जर्जर सड़क के संबंध में स्थानीय लोग समाजसेवी चंद्रमोहन सिंह, कैलाश महतो, दिलीप ठाकुर, राजकिशोर यादव, बॉबी सिंह, मो आलमगीर, मो नईम आदि का कहना है कि दशकों से ये दर्जनों पंचायत को जोड़ने वाली मुख्य सड़क जो कि लगभग 03 किलोमीटर के आसपास है काफी जर्जर है। लोगों ने रेल प्रशासन एवं जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द इस रोड का जीर्णोद्धार कराए ताकि दर्जनों पंचायत के लोगो को राहत मिले।

स्टेशन अधीक्षक ने कहा : इस संबंध में काढ़ागोला स्टेशन अधीक्षक श्याम किशोर प्रसाद ने बताया कि इस सड़क की जर्जर हालत के बारे में मंडल रेल प्रबंधक, अपर रेल मंडल प्रबंधक तसहित सहायक अभियंता रेलवे इंजीनियरिंग दूरभाष पर बात हुई है। कार्यपालक अभियंता एस कुमार थानाबिहपुर से भी इस जर्जर सड़क की मरम्मत को लेकर दूरभाष पर दो माह पूर्व जानकारी दी गई। जिसपर अभियंता ने बताया कि जल्द ही यह सड़क बनेगी।