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कीर्ति हुए कांग्रेसी/ कहा- बचपन कांग्रेस के साथ गुजरा; पार्टी जो कहेगी वह करूंगा, दरभंगा से चुनाव लड़ने की बात बता चुका हूं

Dainik Bhaskar | Feb 19, 2019, 10:14 AM IST
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  • दरभंगा सांसद कीर्ति आजाद ने सोमवार को नई दिल्ली में 26 वर्षों के भाजपा से राजनीतिक रिश्ते को तोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया

Dainik Bhaskar

Feb 19, 2019, 10:14 AM IST

दरभंगा. दरभंगा सांसद कीर्ति आजाद ने सोमवार को नई दिल्ली में 26 वर्षों के भाजपा से राजनीतिक रिश्ते को तोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया। करीबियों ने दावा किया है कि वे दरभंगा से ही कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। उनके लोग पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एवं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बीच यह सहमति हो चुकी है कि जो भी सीटिंग सांसद जिस दल में जाएंगे, इस दल से लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे।

मेरे लिए कांग्रेस नई नहीं है
सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि कांग्रेस मेरे लिए नई पार्टी नहीं है। मेरा बचपन कांग्रेस के साथ ही गुजरा। पहले मेरे पिताजी भागवत झा आजाद नई दिल्ली के 24 अकबर रोड स्थित पार्टी कार्यालय में जाया करते थे। अब वे भी जाएंगे। लोकसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर पूछे गए प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि दरभंगा से संसदीय चुनाव लड़ने की इच्छा वे पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के समक्ष रख चुके हैं।

कीर्ति ने मुरझाए कमल को खिलाया था
भाजपा ने दरभंगा लोकसभा सीट से अपने कई दिग्गजों को खड़ा किया। कीर्ति आजाद भाजपा के पहले लोकसभा चुनाव उम्मीदवार हुए जिन्होंने दरभंगा में मुरझाए कमल को खिलाया। 1999 में भाजपा ने उन्हें दरभंगा लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। पहली बार भाजपा के खाते में दरभंगा सीट गई। 2004 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। राजद के मो. अशरफ अली फातमी ने उन्हें हराया। पुन: 2009 के लोकसभा चुनाव में कीर्ति ने फातमी को हरा कर विजयी हुए। 2014 के लोक सभ चुनाव का परिणाम भी इनकी झोली में गया।

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कैसा सिला दिया तूने मेरे प्यार का..
भाजपा छोड़ने के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कैसा सिला दिया तूने मेरे प्यार का नामक गीत गाते हुए कहा कि भाजपा ने मेरी पीठ में छूरा भोंकने का काम किया। प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने कहा था कि देश से भ्रष्टाचार को समाप्त कर दिया जाएगा। न खाएंगे न खाने देंगे। लेकिन हो रहा है सीधे उलटा। दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन में हुए 400 करोड़ रुपये के घोटाले को उन्होंने उठाया तो उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। क्या है भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की लड़ाई है। मोदी सरकार ने देश के कुख्यात भ्रष्टाचारियों को देश से भागने का मौका दिया गया।