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लोकसभा सीट अररिया / मुस्लिम बहुल इस सीट पर महागठबंधन को हराना एनडीए के लिए बड़ी चुनौती

  • अररिया लोकसभा सीट पर हार और जीत का फैसला मुस्लिम वोटरों के पास
  • राजद प्रत्याशी सरफराज आलम और भाजपा उम्मीदवार प्रदीप सिंह के बीच मुख्य मुकाबला
  • इस सीट से सबसे ज्यादा जीत का रिकॉर्ड सुखदेव पासवान के नाम, 5 बार चुने गए

Dainik Bhaskar

Apr 21, 2019, 04:02 AM IST

अररिया. 1967 से लेकर 2014 तक मुस्लिम बहुल अररिया लोकसभा सीट पर हुए 14 आम चुनावों में 4 बार कांग्रेस, 3-3 बार भाजपा, जनता दल, राजद और एक बार भारतीय लोक दल को जीत मिली है। महागठबंधन में हुए सीट शेयरिंग के बाद अररिया सीट राजद के खाते में आई है और पार्टी ने यहां से सरफराज पर फिर भरोसा जताया है। प्रदीप सिंह यहां से भाजपा उम्मीदवार हैं। मुख्य मुकाबला महागठबंधन और एनडीए में है। इस सीट पर 23 अप्रैल को मतदान होना है।

2014 में हुए लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद इस सीट पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। राजद प्रत्याशी मोहम्मद तस्लीमुद्दीन ने भाजपा के प्रदीप कुमार सिंह को हराया था। 2017 में तस्लीमुद्दीन का निधन हो गया। इसके बाद 2018 में हुए उपचुनाव में राजद ने तस्लीमुद्दीन के बेटे सरफराज आलम को टिकट दिया। सरफराज भाजपा प्रत्याशी प्रदीप सिंह को हराकर पहली बार लोकसभा पहुंचे।

इस सीट पर 3 बार जीती बीजेपी, रामजी ऋषिदेव ने खुलवाया था खाता
अररिया लोकसभा सीट पर हुए 14 आम चुनावों में 3 बार भाजपा ने जीत दर्ज की है। 1998 में रामजी ऋषिदेव ने इस सीट पर भाजपा का खाता खुलवाया था। उन्होंने राजद उम्मीदवार गीता देवी को हराया था। 1999 में राजद के टिकट पर चुनाव जीतने वाले सुखदेव पासवान ने 2004 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। सुखदेव एसपी के रामजी ऋषिदेव को हराकर पांचवीं बार संसद पहुंचे। 2009 में भाजपा के टिकट पर प्रदीप सिंह ने लोजपा प्रत्याशी जाकिर हुसैन को हराया।

सबसे ज्यादा जीत का रिकॉर्ड सुखदेव पासवान के नाम, 5 बार चुने गए
इस सीट से सबसे ज्यादा जीत का रिकॉर्ड सुखदेव पासवान के नाम है। वे इस सीट से 5 बार सांसद बने। 1989 से 1996 तक जनता दल के टिकट पर वे लगातार तीन बार चुने गए। 1999 में राजद और 2004 में भाजपा के टिकट पर दिल्ली पहुंचे। आरक्षित सीट होने की वजह से सुखदेव पासवान को काफी फायदा हुआ। मुस्लिम और यादव वोटरों के साथ-साथ उन्हें दलितों का भी वोट मिला। यह सीट 2004 तक आरक्षित थी।

...जब जीत के बाद सुखदेव पर बरसी थी लाठियां
बात 1999 लोकसभा चुनाव की है जब राजद प्रत्याशी सुखदेव पासवान ने भाजपा के परमानंद ऋषिदेव को हराया था। चुनाव जीतने के बाद सुखदेव के कार्यकर्ता जश्न मना रहे थे। जीत के नशे में डूबे कुछ कार्यकर्ता हंगामा करने लगे। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान पुलिस ने सुखदेव पर भी लाठीचार्ज किया। इसमें सुखदेव घायल हो गए। वे भीड़ से निकले और पुलिस से बचने के लिए एक घर में घुसकर दरवाजा बंद कर लिया।

लोकसभा का चुनावी गणित
अररिया सीट पर करीब 44 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं। एमवाय समीकरण की वजह से यहां राजद की स्थिति काफी मजबूत है। अररिया में वोटरों की कुल संख्या 1,311,225 है। इसमें 621,510 महिला और 689,715 पुरुष मतदाता हैं।

अररिया संसदीय क्षेत्र में 6 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं- नरपतगंज, रानीगंज, फारबिसगंज, अररिया, जोकिहाट और सिकटी। इसमें 4 सीटों पर एनडीए, एक सीट राजद और एक पर कांग्रेस का कब्जा है।

स्थानीय मुद्दे
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अररिया में विकास की सारी बातें हवा-हवाई हो गई हैं। सिर्फ जातियों के मुद्दे पर प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा एक तरफ राष्ट्रवाद का झंडा बुलंद किए है वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन धर्मनिरपेक्षता को मुद्दा बनाई हुई है। जिले में न कोई इंजीनियरिंग कॉलेज है और न कोई मेडिकल कॉलेज। रेल के नाम पर जोगबनी से एक-दो ट्रेनें हैं। परमान नदी की वजह से हर साल आने वाले बाढ़ से जनजीवन करीब 3 से 4 महीने तक त्रस्त रहता है लेकिन इस चुनाव में ये मुद्दा कहीं नहीं है।

अररिया सीट एक नजर-

साल जीते हारे
1967 तुलमोहन राम(कांग्रेस) जे राम(बीजेएस)
1971 तुलमोहन राम(कांग्रेस) डुमर लाल बैठा(एनसीओ)
1977 महेंद्र नारायण सरदार(भारतीय लोक दल) डुमर लाल बैठा(कांग्रेस)
1980 डुमर लाल बैठा(कांग्रेस) नवल किशोर भारती(जनता पार्टी)
1984 डुमर लाल बैठा(कांग्रेस) मरेंद्र नासरदार(लोक दल)
1989 सुखदेव पासवान(जनता दल) डुमर लाल बैठा(कांग्रेस)
1991 सुखदेव पासवान(जनता दल) सुखा पासवान(भाजपा)
1996 सुखदेव पासवान(जनता दल) रामजी ऋषिदेव(भाजपा)
1998 रामजी ऋषिदेव(भाजपा) गीता देवी(राजद)
1999 सुखदेव पासवान(राजद) परमानंद ऋषिदेव(भाजपा)
2004 सुखदेव पासवान(भाजपा) रामजी ऋषिदेव(एसपी)
2009 प्रदीप कुमार सिंह(भाजपा) जाकिर हुसैन(लोजपा)
2014 मोहम्मद तस्लीमुद्दीन(राजद) प्रदीप कुमार सिंह(भाजपा)
2018(उपचुनाव) सरफराज आलम(राजद) प्रदीप कुमार सिंह(भाजपा)
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