Advertisement

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News

भीड़ का एक और कहर, अपराधी को बाइक से खींचकर जमीन पर पटका और सैकड़ों तमाशबीन लोगों के सामने सांस थमने तक मारते रहे

अपराधियों ने रेलकर्मी का सिर पिस्टल की बट से फोड़ दिया था, इसी बात से गुस्से में थे लोग।

Bhaskar News | Sep 12, 2018, 11:19 AM IST

सासाराम (बिहार)। एसबीआई के सामने भीड़-भाड़ से भरे पुरानी जीटी रोड पर अपराधियों ने दिनदहाड़े रेलवे के रुपए की लूट की घटना के बाद भीड़ इतनी गुस्से में थी कि उसने एक आरोपी को पीट-पीटकर मार डाला। मंगलवार को रेलकर्मी रुपए जमा कराने एसबीआई मुख्य शाखा आए थे। यहां उनपर तीन अपराधियों ने कैश लूटने की कोशिश की। अशोक कुमार सिंह, शैलेश कुमार और कार चालक चंदन ने शोर मचाना शुरू किया तो आसपास की भीड़ अपराधियों पर टूट पड़ी। पहले से खड़ी अपाची मोटरसाइकिल पर तीनों अपराधी बैठकर भागने ही वाले थे कि सबसे पीछे बैठा पंकज भीड़ के हाथ लग गया। लोगों ने बाइक से खींचकर उसे सड़क पर पटक दिया। लोगों ने इतनी पिटाई की कि वह अधमरा हो गया। टाउन और मॉडल पुलिस ने पंकज गिरि को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। उसकी मौत हो गई। बता दें, कुछ दिन पहले बिहार के सीतामढ़ी में भी भीड़ ने एक युवक को पीट-पीटकर मार डाला था।

 

अपराधियों ने फायरिंग करने के साथ बट से रेलवेकर्मी को सिर फाेड़ा था

24 लाख 78 हजार रुपए से भरे बैग को रेलकर्मी ने उन हालत में बचाया जब अपराधियों ने फायरिंग करने के साथ बट से मारकर सिर फाेड़ दिया था। सिर से बहते खून के बीच अशोक सिंह बैग के बेल्ट को हाथ में लपेटकर अपराधियों से जूझते रहे। इसी बीच आसपास खड़ी भीड़ अपराधियों पर टूटी तो एक अपराधी ने फायर किया। गोली बगल में खड़ी महिला लालो कुंअर के पैर में जा लगी। वह सड़क पर गिर पड़ी। इसके बाद भीड़ के अंदर जैसे किसी ने आग लगा दी। भीड़ के हत्थेचढ़े कुख्यात पंकज गिरि सड़क पर पड़ा था। सैकड़ों लोग पीटते रहे। किसी ने लात-घूसों से पिटाई की, तो किसी ने पत्थर मारकर लहूलुहान कर दिया था।

 

15 वर्षोंं का आपराधिक इतिहास रहा है पंकज का

15 वर्ष पहले अपराध जगत में कदम रखने वाले पंकज की गिरफ्तारी के लिए रोहतास पुलिस आजमगढ़ (उप्र) तक गई थी। गया डीआईजी विनय कुमार (जो तत्कालीन बिक्रमगंज एएसपी थे) ने बताया- रोहतास में सक्रिय अपराधियों में सुनील नागर व पंकज गिरि प्रमुख थे। सुनील की गिरफ्तारी कर ली थी। पंकज भाग निकला था। पंकज पर 15 से ज्यादा हत्याएं, फिरौती के लिए अपहरण के मामले दर्ज हैं। 

 

भास्कर विचार : बिना पुलिस प्रोटेक्शन के 5 माह से बैंक में पैसे जमा होने पर उठे सवाल

5 माह से सासाराम रेलवे स्टेशन के बुकिंग काउंटर के पैसे बिना पुलिस प्रोटेक्शन के एसबीआई की मुख्य शाखा में जमा किए जा रहे थे। नतीजा रहा कि रेलकर्मियों की गतिविधियों की रेकी कर रहे अपराधियों ने बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना डाली। कर्मियों के जोखिम भरे कदम पर आमलोग ही नहीं, बल्कि पुलिस ने भी सवाल उठाया है। एएसपी राजेश कुमार ने कहा- ऐसा करना जोखिम भरा है। हमने आम आदमी को भी यह सुविधा दे रखी है कि ज्यादा राशि होेने पर बैंक जाने के लिए आप पुलिस की मदद जरूर लें। फिर सरकार के पैसों को लेकर इतनी बड़ी जोखिम क्यों उठाई गई यह बड़ा प्रश्न है।

Advertisement

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News

टॉप न्यूज़और देखें

Advertisement

बॉलीवुड और देखें

स्पोर्ट्स और देखें

Advertisement

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News

जीवन मंत्रऔर देखें

राज्यऔर देखें

वीडियोऔर देखें

बिज़नेसऔर देखें