फर्स्ट लुक / सामने आई 'शकुंतला देवी : ह्युमन कंप्यूटर' से विद्या बालन की पहली झलक, लंदन में शुरू हुई शूटिंग

विद्या बालन शकुंतला देवी के किरदार में।

Dainik Bhaskar

Sep 16, 2019, 03:19 PM IST

बॉलीवुड डेस्क. हालिया रिलीज 'मिशन मंगल' से जोरदार वापसी कर चुकीं विद्या बालन अपने अगले प्रोजेक्ट पर जुट गई हैं। यह ह्यूमन कंप्यूटर नाम से मशहूर रहीं शकुंतला देवी की बायोपिक है, जिसका टाइटल 'शकुंतला देवी : ह्युमन कंप्यूटर' तय किया गया है। दैनिक भास्कर आपके लिए फिल्म से विद्या का फर्स्ट लुक लेकर आया है। इस फिल्म का निर्देशन अनु मेनन कर रही हैं और इसका स्क्रीनप्ले उन्होंने नयनिका महतानी के साथ मिलकर लिखा है। वहीं फिल्म की डायलॉग राइटर इशिता मोइत्रा हैं। एक तरह से देखा जाए तो यह संभवत: पहली ऐसी हिंदी फिल्म है, जिसमें डायरेक्शन से लेकर राइटिंग और मेन लीड तक की कमान महिलाओं के हाथों में हैं।

शकुंतला देवी : ह्युमन कंप्यूटर का टीजर:

मई में हुआ था अनाउंसमेंट

  1. फिल्म का अनाउंसमेंट इसी साल मई में किया गया था और अब इसकी शूटिंग शुरू हो चुकी है। विद्या बालन हाल ही में लंदन पहुंचकर इसकी शूटिंग पर जुट गई हैं। जबकि कास्ट एंड क्रू मेंबर्स पिछले हफ्ते वहां  पहुंच चुके थे। मेकर्स इस फिल्म को अगले साल गर्मियों में रिलीज करने की प्लानिंग कर रहे हैं।

  2. कौन थीं शकुंतला देवी

    शकुंतला देवी मैथ्स जीनियस के तौर पर जानी जाती थीं। गणित पर धाकड़ पकड़ के चलते उनका नाम 1982 में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ था। उन्होंने कई किताबें भी लिखीं जिसमें नॉवेल, मैथ्स पर बेस्ड बुक्स, पजल और एस्ट्रोलॉजी बुक्स भी शामिल हैं। उनकी किताब 'द वर्ल्ड ऑफ होमोसेक्सुअल्स' को भारत में होमोसेक्सुअलिटी पर बेस्ड पहली स्टडी के तौर पर लिया जाता है।

  3. पहली बार पिता ने पहचाना टैलेंट

    शकुंतला देवी के पिता सर्कस में काम किया करते थे। तीन साल की शकुंतला को कार्ड़स ट्रिक सिखाने के दौरान उन्होंने उसकी नंबर याद करने की एबिलिटी को पहचाना और सर्कस छोड़कर शकुंतला के टैलेंट के बल पर रोड शो करने लगे। वे वहां उनकी कैलकुलेशन एबिलिटी दर्शाया करते थे। शकुंतला ने इसके लिए कोई फॉर्मल एजुकेशन नहीं ली और छह साल की उम्र में उन्होंने मैसूर यूनिवर्सिटी में अपनी अरिथमैटिक एबिलिटीज को प्रदर्शित किया। फिल्म में इन सभी किस्सों को दर्शाया जाएगा।

  4. कैसे शकुंतला का नाम पड़ा 'ह्यूमन कंप्यूटर'

    1977 में डलास यूनिवर्सिटी में शकुंतला का मुकाबला कंप्यूटर 'यूनीवैक' से हुआ। शकुंतला को गणना करके 201 अंकों की एक संख्या का 23वां मूल निकालना था। इसे हल करने में उन्हें 50 सेकंड लगे। वहीं 'यूनीवैक' ने इसके लिए 62 सेकंड का समय लिया। इसके बाद से दुनियाभर में शकुंतला को ह्यूमन कम्प्यूटर के नाम से जाना जाने लगा।

  5. उनकी कहानी को बताया जाना चाहिए

     

  6. तीन बार मुलाकात का मिला मौका

     

शकुंतला देवी।
'मिशन मंगल' के एक सीन में विद्या बालन।
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