अरुण यादें / सिनेमा को भारत का वैकल्पिक धर्म बताते थे जेटली, कहते थे- इसे देखकर युवा ज्यादा सीखते हैं

2014 में आईएफएफआई के दौरान रजनीकांत को विशेष शताब्दी पुरस्कार देते अरुण जेटली और अमिताभ बच्चन।

Dainik Bhaskar

Aug 24, 2019, 08:07 PM IST

बॉलीवुड डेस्क. अरुण जेटली 2014-2016 में जब मोदी सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्री थे, तब वो गोवा में हुए भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह (आईएफएफआई) की ओपनिंग में बतौर चीफ गेस्ट पहुंचे थे। उस समय उन्होंने अपनी स्पीच में सिनेमा को भारत का वैकल्पिक धर्म बताया था। जेटली ने कहा था, "हम अपने देश में हर साल 1000 से ज्यादा फिल्में बनाते हैं, जो दुनियाभर की किसी भी इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा हैं। कभी-कभी कहा जाता है कि भारत में क्रिकेट एक धर्म है। यह सही है। लेकिन सिनेमा हमारे देश का वैकल्पिक धर्म है।"

'मनोरंजन के साथ सिखाता भी है सिनेमा'

  1. जेटली ने अपनी इस स्पीच में आगे कहा था कि सिनेमा मनोरंजन के साथ-साथ सिखाने का काम भी करता है। उनके शब्द थे, "युवाओं का विकसित होता दिमाग औपचारिक शिक्षा के मुकाबले फिल्में देखकर ज्यादा सीख रहा है। भारत में सिनेमा इंडस्ट्री परिपक्व है।" 

  2. रजनीकांत को किया था सम्मानित

    आईएफएफआई की ओर से 2013 में  विशेष शताब्दी पुरस्कार की घोषणा की थी। पहले साल यह अवॉर्ड एक्ट्रेस वहीदा रहमान को दिया गया था। जबकि 2014 में इसके लिए सुपरस्टार रजनीकांत का नाम चुना गया था। अरुण जेटली ने अमिताभ बच्चन के साथ मिलकर रजनीकांत को यह अवॉर्ड सौंपा था। 

अरुण जेटली और अमिताभ बच्चन आईएफएफआई-2014 के दौरान।
आईएफएफआई-2014 के दौरान रजनीकांत, अमिताभ बच्चन और अरुण जेटली।
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