उपलब्धि / क्रिएटिव टेक्नोलॉजी की जोरदार वापसी, सुपर एक्स-फाई आडियो तकनीक बनी गेम चेंजर

क्रिएटिव टेक्नोलॉजी के चेयरमैन सिम वांग हू

  • विश्व का ‌पहला मल्टी मीडिया, मल्टी लिंगुअल कंप्यूटर बनाकर सुर्खियों में आए थे, फिर हो गए बर्बाद
  • एप्पल के सह संस्थापक स्टीव जॉब्स के साथ सिम वांग हू के रिश्ते बेहद तल्ख रहे, कोर्ट तक पहुंची लड़ाई

Dainik Bhaskar

Feb 25, 2019, 02:51 PM IST

ब्लूमबर्ग. अपने एमपी-3 के जरिए घर-घर तक पहुंच बनाने वाले क्रिएटिव टेक्नोलॉजी के चेयरमैन सिम वांग हू ने एक बार फिर जोरदार वापसी की है। लगभग बर्बादी के कगार पर पहुंच चुके सिम ने इस बार सुपर एक्स-फाई आडियो तकनीक से अपनी कंपनी को नया जीवन दिया है। विश्व का पहला ‌मल्टी मीडिया, मल्टी लिंगुअल कंप्यूटर क्यूबिक सीटी बनाकर सिम सुर्खियों में आए थे।

  1. सिम ने साउंड ब्लास्टर कार्ड बनाकर सिंगापुर के हर घर तक अपनी कंपनी का नाम पहुंचा दिया था। इसके जरिए 40 करोड़ निजी कंप्यूटर आडियो सिस्टम से जुड़े थे। स्टीव जाब्स की कंपनी एप्पल से पोर्टेबल म्यूजिक प्लेयर को लेकर उनका विवाद हुआ। आई पॉड के पेटेंट को लेकर 2006 में यह लड़ाई कोर्ट तक जा पहुंची। 711 करोड़ रुपये लेकर उन्होंने आई पॉड का पेटेंट एप्पल को सौंप दिया।

  2. इसके बाद दोनों कंपनियों की तस्वीर पूरी तरह से बदल गई। आई पॉड ने सिम के एमपी 3 को खत्म कर दिया। क्रिएटिव के पतन की शुरुआत भी यहीं से हुई। सिंगापुर एक्सचेंज में उसके शेयर औंधे मुंह गिर पड़े। हालात इतने खराब हुए कि सिम की कंपनी को शेयर बाजार से डी-लिस्ट होना पड़ गया।

  3. क्रिएटिव की मार्केट वेल्यु 1920 करोड़ तक पहुंची

    सिम की कंपनी फिर से बाजार में नए आयाम स्थापित कर रही है। 22 फरवरी से 5 मार्च के दौरान कंपनी के शेयर सात गुना तक बढ़े। सुपर एक्स-फाई आडियो तकनीक को लासवेगास में 2018 का सीईएस अवार्ड मिला। उनकी कंपनी की मार्केट वेल्यु 1920 करोड़ तक पहुंच गई है। जबकि 2017 में इसकी वेल्यु 350 करोड़ के आसपास थी।

  4. सिम का मानना है कि उसकी सुपर एक्स-फाई आडियो तकनीक गेम चेंजर साबित होने वाली है। यह तकनीक हैडफोन और हैडफोन एम्पलीफायर में उपलब्ध है। इसका इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति को आवाज कुछ इस तरह से सुनाई देती है जैसे यह दूर रखे बहुत सारे स्पीकरों से आ रही हो। अगले दो सालों में उसकी योजना सुपर एक्स-फाई आडियो के ग्राहकों की संख्या 5 करोड़ तक पहुंचाने की है।

  5. सिम का जन्म 1955 में सिंगापुर में हुआ था। इसी साल स्टीव जॉब्स भी जन्मे थे। सिम कभी ग्रेजुएट नहीं हो सके। 1975 में उन्होंने पॉलीटेक्निक का डिप्लोमा हासिल किया था। 1981 में सिम ने कंप्यूटर शॉप के तौर पर क्रिएटिव टेक्नोलॉजी शुरू की। 1986 में सिम की कंपनी ने विश्व का ‌पहला मल्टी मीडिया, मल्टी लिंगुअल कंप्यूटर क्यूबिक सीटी बनाकर तहलका मचा दिया। 2000 तक सिम सिंगापुर के सबसे कम उम्र के अरबपति बन चुके थे।

  6. सफलता को कायम नहीं रख सके

    एप्पल जैसी कंपनी के साथ वह लंबे समय तक स्पर्धा नहीं कर सके। सिम का कहना है कि अपने खराब दिनों से उन्होंने सीख ली। इससे उन्हें फिर से खड़ा होने की ताकत मिली। उन्होंने कभी विवाह नहीं किया, लेकिन वह शादी के खिलाफ नहीं हैं। उनका मानना है कि यह बंधन उद्यमी को रिस्क लेने से रोकता है।

  7. स्टीव जॉब्स को नहीं भूल सके सिम

    अक्टूबर 2011 में जब सारा विश्व स्टीव जाब्स को श्रद्धांजलि दे रहा था तब 11 अक्टूबर को अखबार के पूरे पन्ने पर एक विज्ञापन छपा। इसमें जाब्स को श्रद्धांजलि दी गई थी। सिम के हस्ताक्षर वाले संदेश में लिखा था- ‘बड़े सबक और महान उत्पाद देने के लिए धन्यवाद’।

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