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आईटीआर फाइलिंग प्रोसेस:पुराने आईटीआर के वैरिफिकेशन से जुड़े नए नियम, 5 बातें करेंगी टैक्सपेयर की मदद

नई दिल्ली25 दिन पहले
टैक्सपेयर द्वारा एक बार आईटीआर फाइल करने के बाद इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग प्रोसेस को पूरा करने के लिए वैरिफाइड करना जरूरी है
  • आपने आईटीआर को वैरिफाइड नहीं किया है, तो आपके पास 30 सितंबर तक का समय है
  • निर्धारित समय के अंदर ITR-V फॉर्म नहीं भरने पर ITR को 'नॉन-एस्ट' घोषित किया जा सकता है
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यदि आपने असेसमेंट ईयर 2015-16 से 2019-20 के लिए अपने इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) को वैरिफाइड नहीं किया है, तो आपके पास 30 सितंबर तक का समय है। क्योंकि आयकर विभाग ने टैक्सपेयर को एक बार की छूट दी है, जिन्होंने अभी तक अपनी ई-फाइल टैक्स रिटर्न वैरिफाइड नहीं किया है। 

टैक्सपेयर द्वारा एक बार आईटीआर फाइल करने के बाद इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग प्रोसेस को पूरा करने के लिए वैरिफाइड करना जरूरी है। निर्धारित समय के अंदर ITR-V फॉर्म नहीं भरने पर ITR को 'नॉन-एस्ट' घोषित किया जा सकता है।

पुराने आईटीआईर को वैरिफाइड करने के लिए 5 बातें ध्यान रखें

1. छूट पिछले पांच असेसमेंट ईयर 2015-16, 2016-17, 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के लिए एक बार ही एप्लिकेबल है।

2. छूट उन मामलों में लागू नहीं होगी, जिनमें आयकर विभाग ने पहले से ही टैक्सपेयर को नॉन-एस्ट घोषित कर दिया है। ऐसे में टैक्सपेयर ने टैक्स रिटर्न फाइल करने को सुनिश्चित करने के लिए अन्य उपायों का सहारा लिया है।

3. डिजिटल हस्ताक्षर के बिना इलेक्ट्रॉनिक रूप से आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने वाले टैक्सपेयर को आधार वन-टाइम पासवर्ड (OTP) का उपयोग करके इसे सत्यापित करना होगा, या नेट बैंकिंग के माध्यम से या इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन कोड (EVC) द्वारा ई-फाइलिंग खाते में लॉगइन करना होगा। आईटीआर फाइल करने के 120 दिन के अंदर ITR-V फॉर्म को साइन करके सीपीसी बेंगलुरु को पोस्ट करना होगा।

4. नंगिया एंड कंपनी एलएलपी के पार्टनर शैलेश कुमार ने कहा, "कई मामलों में टैक्सपेयर द्वारा फाइल आईटीआर वैरिफिकेशन प्रोसेस पूरी न होने की वजह से अमान्य हो जाता है। ऐसे में टैक्स रिफंड का दावा भी अटक जाता है। सरकार ने 30 सितंबर तक की तारीख बढ़ाकर ना सिर्फ टैक्सपेयर को ढील दी है, बल्कि 31 दिसंबर 2020 तक पिछले अमान्य आईटीआर के वैरिफाइड कराने का भी मौका दिया है।"

5. क्लियरटैक्स के सीईओ अर्चित गुप्ता ने कहा कि जो करदाता समय पर अपने रिटर्न का सत्यापन नहीं कर सकते थे, उनके पास ऐसा करने के लिए पर्याप्त समय है। उन्होंने कहा, "टैक्सपेयर को इस मौके का उपयोग यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी पिछले रिटर्न विधिवत सत्यापित हैं। यदि 30 सितंबर तक इन्हें पूरा नहीं किया जाता है, तो टैक्सपेयर को नॉन-फाइल करने के लिए नोटिस भेजा जा सकता है।"

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