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जेट एयरवेज को जुलाई-सितंबर में 1261 करोड़ रु का घाटा, लगातार तीसरी तिमाही में नुकसान

4 वर्ष पहले
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  • ईंधन और दूसरे खर्च बढ़ने की वजह से एयरलाइंस का वित्तीय संकट बढ़ा
  • जुलाई-सितंबर में ईंधन खर्च 58.6% बढ़कर 2,419.76 करोड़ रुपए रहा
  • जुलाई-सितंबर 2017 में ईंधन खर्च 1,525.66 करोड़ रुपए था
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मुंबई. जेट एयरवेज को जुलाई-सितंबर तिमाही में 1,261 करोड़ रुपए का कंसोलिडेटेड घाटा हुआ। पिछले साल की इसी तिमाही में 71 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। कंपनी ने सोमवार को बोर्ड मीटिंग के बाद तिमाही नतीजे घोषित किए। हवाई ईंधन महंगा होने और डॉलर के मुकाबले रुपए में कमजोरी की वजह से एयरलाइंस घाटे में है।

 

स्टैंडअलोन आधार पर घाटा 1,297.46 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल जुलाई-सितंबर में 49.63 करोड़ का मुनाफा हुआ था। हालांकि, रेवेन्यू में 6.9% इजाफा हुआ है। इस साल जुलाई-सितंबर में यह 6,363 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल की तिमाही में 5,952 करोड़ रुपए था।

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1) जुलाई-सितंबर में 7,534 करोड़ रुपए का खर्च

जेट एयरवेज को लगातार तीसरी तिमाही में नुकसान हुआ है। अप्रैल-जून में 1,323 करोड़ रुपए और जनवरी-मार्च में 1,036 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। ईंधन समेत दूसरे खर्च बढ़ने की वजह से एयरलाइंस दबाव में है।

जुलाई-सितंबर 2018 में जेट एयरवेज का कुल खर्च 7,534 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल की इसी तिमाही में 5,708.55 करोड़ रुपए का खर्च रहा था। ईंधन खर्च 58.6% बढ़कर 2,419.76 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल 1,525.66 करोड़ रुपए था।

एयरक्राफ्ट और इंजन के किराए का खर्च 575.15 करोड़ रुपए (जुलाई-सितंबर 2017) से बढ़कर 684.33 करोड़ रुपए हो गया। जेट एयरवेज वित्तीय संकट से जूझ रही है। अगस्त से लगातार कर्मचारियों की सैलरी में देरी हो रही है। एयरलाइंस ने उड़ानों और कर्मचारियों की संख्या में भी कटौती की है।

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