शेयर बाजार / सेंसेक्स 635 अंक चढ़कर 41452 पर, निफ्टी 190 प्वाइंट ऊपर 12216 पर बंद

  • अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद से एशियाई बाजारों में खरीदारी
  • जेएसडब्ल्यू स्टील के शेयर में 6% उछाल, टाटा मोटर्स में 5.4% तेजी
  • टीसीएस के शेयर में 1.6% गिरावट, कोल इंडिया में 1.1% नुकसान

Dainik Bhaskar

Jan 09, 2020, 06:30 PM IST

मुंबई.शेयर बाजार में गुरुवार को खरीदारी बढ़गई। सेंसेक्स 634.61 अंक की बढ़त के साथ 41,452.35 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान 41,482.12 तक पहुंचा था। निफ्टी की क्लोजिंग 190.55 प्वाइंट ऊपर 12,215.90 पर हुई। इंट्रा-डे में 12,224.05 तक चढ़ा था। यह 9 अक्टूबर के बाद एक दिन की सबसे बड़ी तेजी है।कारोबारियों के मुताबिक दूसरे एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों से भारतीय बाजार में तेजी आई।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को ईरान के साथ शांतिपूर्णसमाधान का प्रस्ताव रखा। इससे अमेरिकी और प्रमुख एशियाई बाजारों पर सकारात्मक असर हुआ।

एनएसई पर 11 में से 10 सेक्टर इंडेक्स में बढ़त
सेंसेक्स के 30 में से 26 और निफ्टी के 50 में से 43 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। एनएसई पर 11 में से 10 सेक्टर इंडेक्स फायदे में रहे। ऑटो इंडेक्स सबसे ज्यादा 2.7% चढ़ा। सिर्फ आईटी इंडेक्स 0.18% नुकसान में रहा।

निफ्टी के टॉप-5 गेनर

शेयर बढ़त
जेएसडब्ल्यू स्टील 5.90%
इन्फ्राटेल 5.44%
टाटा मोटर्स 5.40%
आईसीआईसीआई बैंक 3.74%
इंडसइंड बैंक 3.37%

निफ्टी के टॉप-5 लूजर

शेयर गिरावट
टीसीएस 1.56%
कोल इंडिया 1.12%
एचसीएल टेक 0.82%
ब्रिटानिया 0.62%
गेल 0.36%

निवेशकों को 2.25 लाख करोड़ रुपए का फायदा
सेंसेक्स की बढ़त से बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 2.25 लाख करोड़ रुपए बढ़कर 157 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया।

सोने में 766 रुपए की गिरावट, चांदी 1148 रुपए लुढ़की
दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने का भाव 766 रुपए घटकर 40634 रुपए प्रति 10 ग्राम रह गया। चांदी में 1148 रुपए की गिरावट आई, भाव 47932 रुपए प्रति पर आ गया।

रुपया 48पैसे मजबूत, क्रूड के रेट में 0.40% तेजी
अमेरिका-ईरान के बीच तनाव घटने की उम्मीद से रुपए में भी तेजी आई। डॉलर के मुकाबले रुपया 48 पैसे मजबूत होकर 71.21 पर बंद हुआ। उधर,ब्रेंट क्रूड सस्ता तो नहीं हुआ लेकिन कीमतों में ज्यादा तेजी भी नहीं आई।

शेयर बाजार, क्रूड, सोना और रुपए का कनेक्शन क्या?

प्रमुख अर्थव्यवस्था वाले देशों के बीच राजनीतिक या आर्थिक तनाव बढ़ने जैसी स्थितियोंमें निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने में पैसा लगाते हैं। अंतरराष्ट्रीय व्यापार की मुद्रा होने की वजह से अन्य करंसी के मुकाबले डॉलर मजबूत होता है। जोखिम को देखते हुए निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालते हैं। लेकिन, तनाव कम होता है तो ये ट्रेंड बदल जाते हैं। ईरान तेल उत्पादक देश भी है, इसलिए तनाव बढ़ने पर क्रूड महंगा होने का जोखिम भी था।

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