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पेमेंट डेटा/ वीजा, मास्टरकार्ड जैसी कंपनियां विदेश में डेटा स्टोर कर भारतीय नियम तोड़ रहीं : न्यूयॉर्क टाइम्स

  • आरबीआई के निर्देशों के मुताबिक विदेशी फर्मों को भारत में डेटा स्टोर करना जरूरी
  • कंपनियों को 15 अक्टूबर रात 12 बजे तक आरबीआई को अपनी योजना बतानी थी
  • वीजा, मास्टरकार्ड, अमेरिकन एक्सप्रेस ने डेटा लोकलाइजेशन का सिस्टम नहीं बनाया
  • वॉट्सऐप ने अपनी पेमेंट सर्विस का सिस्टम भारत में तैयार करने की जानकारी दी

Dainik Bhaskar | Oct 16, 2018, 07:37 PM IST

मुंबई. वीजा, मास्टरकार्ड और अमेरिकन एक्सप्रेस जैसी अमेरिकी कंपनियां भारत के नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। आरबीआई के निर्देशों के मुताबिक 16 अक्टूबर से विदेशी कंपनियों को पेमेंट से जुड़े डेटा भारत में ही स्टोर करने थे। कंपनियों को 15 अक्टूबर रात 12 बजे तक आरबीआई को इस संबंध में बताना था, लेकिन अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी कार्ड कंपनियों ने ऐसा नहीं किया।

जुर्माना लगा सकता है आरबीआई

  1. आरबीआई ने चेतावनी दी थी कि तय समय सीमा तक निर्देशों का पालन नहीं करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई की जाएगी। आरबीआई ने अप्रैल में सर्कुलर जारी कर कहा था कि जिन कंपनियों का सर्वर विदेश में है उन्हें पेमेंट सिस्टम से जुड़ा डेटा भारत में ही स्टोर करना पड़ेगा।

  2. अमेरिकी कंपनियों ने 12 महीने का वक्त मांगा

    अमेरिकी कंपनियों ने 12 महीने का वक्त और मांगा है। कंपनियों की दलील है कि उनकी मशीनों का सिस्टम दुनियाभर में एक जैसा है। सिर्फ भारत के लिए सिस्टम को इतनी जल्दी नहीं बदला जा सकता।

  3. डेटा लोकलाइजेशन के खिलाफ लॉबीइंग

    अमेरिका के डिप्टी ट्रे़ड रिप्रजेंटेटिव डेनिस शिया ने भी शुक्रवार को कहा कि इन्फॉर्मेशन का फ्री फ्लो सुनिश्चित करने के लिए हम डेटा का लोकलाइजेशन नहीं चाहते। शिया ने कहा कि ऐसा करने वाले देशों को फिर से सोचना चाहिए।

  4. ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका की फाइनेंशियल कंपनियों की शिकायत के बाद वहां के अधिकारियों ने डेटा लोकलाइजेशन पर आपत्ति जताई। अमेरिकी कंपनियां डेटा लोकलाइजेशन के खिलाफ दुनियाभर में लॉबीइंग करती रही हैं।

  5. वॉट्सऐप ने नियम का पालन किया

    मोबाइल मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप ने पिछले दिनों कहा था कि वह आरबीआई के निर्देश मानेगा। उसने पेमेंट संबंधी डेटा भारत में स्टोर करने का सिस्टम तैयार कर लिया है।

  6. अमेजन ने भी कहा था कि वह नियम पूरे करने के लिए काम कर रही है। जहां भी कंपनी का कारोबार है, वहां के कानून का पालन करना प्राथमिकता है।

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