पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

हायर एजुकेशन कॉन्क्लेव में पीएम का भाषण:नई शिक्षा नीति में ‘How to think’ पर दिया गया जोर, 21वीं सदी के भारत की फाउंडेशन तैयार करने वाली है एजुकेशन पॉलिसी 2020

2 महीने पहले
  • कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और कई यूनिवर्सिटीज के वाइस चांसलर भी हुए शामिल
  • 'ट्रांसफॉर्मेशनल रिफॉर्म्स इन हायर एजुकेशन अंडर नेशनल एजुकेशन पॉलिसी' की थीम पर आयोजित हुआ इवेंट
No ad for you

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हायर एजुकेशन पर हो रहे कॉन्क्लेव में अपना उद्घाटन भाषण दिया। इस दौरान पीएम ने कहा कि 3-4 साल के व्यापक विचार-विमर्श और लाखों सुझावों के बाद एजुकेशन पॉलिसी को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति आने के बाद देश के किसी भी वर्ग से ये भेदभाव की बात नहीं उठी,इससे पता चलता है कि लोग सालों से चली आ रही शिक्षा व्यवस्था में बदलाव चाहते थे।

उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संदर्भ में आज का यह इवेंट बहुत महत्वपूर्ण है। इस कॉन्क्लेव से भारत के एजुकेशन वर्ल्ड को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी मिलेगी।

सोशल मीडिया पर हुआ टेलीकास्ट

कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और कई यूनिवर्सिटीज के वाइस चांसलर भी शामिल थे। 'ट्रांसफॉर्मेशनल रिफॉर्म्स इन हायर एजुकेशन अंडर नेशनल एजुकेशन पॉलिसी' की थीम वाले इस इवेंट को यूजीसी और मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया। सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए इसका लाइव टेलीकास्ट किया गया।

प्रधानमंत्री के भाषण की बड़ी बातें

  • नई शिक्षा नीति का स्वरूप जड़ से जग तक,मनुज से मानवता तक, अतीत से आधुनिकता तक सभी बिंदुओं का समावेश करते हुए तय किया गया है।
  • 10+2 के फॉमूले से आगे बढ़कर अब 5+3+3+4 करिकुलम का स्ट्रक्चर ग्लोबल स्टैंडर्ड की दिशा में एक कदम है।
  • अभी तक जो हमारी शिक्षा व्यवस्था है, उसमें What to Think पर फोकस रहा है। जबकि इस शिक्षा नीति में How to think पर बल दिया जा रहा है।
  • बच्चों के घर की बोली और स्कूल में पढ़ाई की भाषा एक ही होने से बच्चों के सीखने की गति बेहतर होती है। इसलिए 5वीं तक बच्चों को उनकी मातृभाषा में ही पढ़ाने पर सहमति दी गई है।
  • हर स्टूडेंट को अपने पैशन को फॉलो करने और अपनी सुविधा या जरूरत के हिसाब से किसी डिग्री या कोर्स को करने और छोड़ने का मौका मिलना चाहिए। इसलिए हायर एजुकेशन को स्ट्रीम्स से मुक्त कर मल्टीपल एंट्री- एग्जिट और क्रेडिट बैंक की सुविधा लाई गई।
  • किसान, श्रमिकों और, मजदूरों को समझने के मकसद से ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्टूडेंट एजुकेशन और डिग्निटी ऑफ लेबर पर बहुत काम किया गया है।
  • 21वीं सदी के भारत से पूरी दुनिया को बहुत अपेक्षाएं हैं। भारत का सामर्थ्य है कि वो टैलेंट और टेक्नॉलॉजी का समाधान पूरी दुनिया को दे सकता है, नई एजुकेशन पॉलिसी इस जिम्मेदारी को भी एड्रेस करती है।
  • नेशनल एजुकेशन पॉलिसी में डिग्निटी ऑफ टीचर्स और टीचर ट्रेनिंग का भी विशेष ध्यान रखा गया है
  • सभी लोग राष्ट्रीय शिक्षा नीति के इंप्लिमेंटेशन से सीधे तौर पर जुड़े हैं, इसलिए इसमें सबकी भूमिका बहुत ज्यादा अहम है।
  • एजुकेशन सिस्टम का मकसद अपनी वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को फ्यूचर रेडी करना होता है।
  • नई शिक्षा नीति में हुए बदलाव को कागजों पर उतारने के बाद अब सबकी निगाहें इसके इंप्लिमेंटेशन की तरफ हैं।
  • बीते सालों में एजुकेशन सिस्टम में हुए बड़े बदलावों में क्यूरियोसिटी और इमेजिनेशन को प्रमोट करने के बजाय भेड़ चाल को प्रोत्साहन मिला।
No ad for you

करिअर की अन्य खबरें

Copyright © 2020-21 DB Corp ltd., All Rights Reserved