छत्तीसगढ़  / बिलासपुर जिले के 36 हजार किसानों को माफी की आस, 132 करोड़ का है कर्ज

  • सबसे ज्यादा जांजगीर क्षेत्र में, 43 हजार किसानों ने 256 करोड़ रुपए का लिया है ऋण
  • मुंगेली में 23 हजार अन्नदाता ने लिया 109 करोड़, सहकारी बैंक के अधीन हैं ये शाखाएं
  • प्रत्येक एकड़ में देते हंै 18 हजार 6 सौ रुपए, 11 हजार नगदी और बाकी के खाद बीज

Dainik Bhaskar

Dec 13, 2018, 10:59 AM IST

आशीष दुबे। बिलासपुर.जिले में 36 हजार किसानों ने 132 करोड़ रुपए का कर्ज ले रखा है। उन्होंने इसका इस्तेमाल धान और दूसरे फसलों की उपज पर किया है। सरकार प्रत्येक किसान को एक एकड़ के पीछे 18600 रुपए देती है। इसमें 11 हजार रुपए नगद और बाकी के पैसे खाद, बीज के तौर पर देती आ रही है। किसानों को ऋण के एवज में दिए गए इन पैसों में कोई 20 करोड़ पहले के हैं और बाकी अभी के। यूपीए के दावों के मुबाबिक इन्हें भी आस है कि नई सरकार उनके पैसे माफ करेगी।

राज्य में लोन की रिकवरी 77 फीसदी तक

  1. राज्य में 35 लाख किसान हैं। इनमें से करीब 12.50 लाख किसान खरीफ और रबी फसलों के लिए जिला सहकारी बैंकों से कर्ज लेते हैं। पिछले साल यानी 2016-17 में इन बैंकों ने करीब 3100 करोड़ का कर्ज किसानों को दिया है। राष्ट्रीयकृत बैंकों ने भी 550 करोड़ का कर्ज दिया हुआ है। 

  2. छत्तीसगढ़ में किसान यदि पूरा कर्ज 31 मार्च तक अदा कर देते हैं, तो उनसे ब्याज नहीं लिया जाता है। इस सुविधा का राज्य के किसान पूरा लाभ उठाते हैं। इसके चलते राज्य में लोन रिकवरी 77 फीसदी तक आंकी गई है। इसी साल पर नजर डालें तो अब तक खरीफ के लिए लिए गए 2800 करोड़ के कर्ज में से 2500 करोड़ रुपए की रिकवरी हो चुकी है।

  3. माना जा रहा है कि 31 मार्च तक पूरी राशि वसूल हो गई होगी। यही नहीं, 350 करोड़ का रबी कर्ज अदा करने के लिए किसानों के पास 30 जून तक का वक्त है। वहीं बिलासपुर और बाकी जिलों पर गौर करें तो जांजगीर में सबसे ज्यादा किसान हैं, जिन्होंने खेती के लिए कर्जा लिया है। इसके बाद बिलासपुर और फिर मुंगेली का नंबर आता है। अफसरों का कहना है समय समय पर यहां से वसूली आम बात है। उन्होंने यही आंकड़े दिए हैं। 

  4. जानिए बिलासपुर संभाग के किसानों की स्थिति 

    बिलासपुर सहकारी बैंक के अधीन जांजगीर के बैंक में किसानों 256 करोड़ रुपए का कर्जा लिया है। इनकी संख्या 43 हजार है। इसी तरह मुंगेली में 23 हजार कृषकों ने 109 करोड़ का कर्जा लिया है। कोरबा में 12 हजार किसानों ने 51 करोड़ रुपए का ऋण लिया हुआ है। 

  5. इस लिहाज से बाकी जिलों से कोरबा के किसान कम ऋण ले रहे है। ये भी माना जाता है कि कोरबा इंडस्ट्रीयल एरिया है, जिसके चलते यहां खेती का काम बाकी जिलों से कम ही होता है। बिलासपुर में भी 36 हजार किसान हैं, जिन्होंने बतौर कर्ज पैसे लेकर खेती का काम का काम कर रहे हैं। 

  6. हमारे यहां वसूली को लेकर समस्या नहीं है 

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