हाई कोर्ट / सुप्रीम कोर्ट के जज यात्रा के दौरान हुए परेशान तो हाईकोर्ट ने दिया स्पीड ब्रेकर हटाने के आदेश

  • इसी माह एक कार्यक्रम में आए थे सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी
  • जिस रोड से जस्टिस त्रिपाठी गए उसपर स्पीड ब्रेकर बहुत ज्यादा था

Dainik Bhaskar

Dec 13, 2018, 03:21 PM IST

बिलासपुर.हाईकोर्ट ने एक अहम आदेश में प्रदेश की सभी सड़कों पर मनमाने और अनाधिकृत तरीके से बनाए गए स्पीड ब्रेकर को चार सप्ताह के भीतर हटाने के निर्देश राज्य सरकार को दिए हैं। चीफ जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी और जस्टिस पीपी साहू की बेंच ने 8 जनवरी को आदेश के परिपालन की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

चीफ जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी ने 1 दिसंबर को हाईकोर्ट में हुए समारोह में अनाधिकृत और मनमाने तरीके से बनाए गए स्पीड ब्रेकर पर सख्त टिप्पणी की थी। दरअसल, रायपुर- बिलासपुर सड़क जाम होने के कारण सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जस्टिस अरुण मिश्रा को दूसरे रास्ते से आना पड़ा। इस रास्ते पर मनमाने ढंग से बने स्पीड ब्रेकर से उन्हें काफी परेशानी हुई। समारोह को संबोधित करते हुए चीफ जस्टिस ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि मैं नहीं जानता स्पीड ब्रेकर छत्तीसगढ़ की तरक्की किस तरह बाधा बन रहे हैं, लेकिन हमें इतने ब्रेकर की जरूरत नहीं है।

बिलासपुर के सरकंडा में रहने वाले डीडी आहूजा ने एडवोकेट सुनील ओटवानी के जरिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इसमें उन्होंने बताया है कि प्रदेश की करीब सभी सड़कों पर अनाधिकृत और मनमाने तरीके से स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। स्पीड ब्रेकर बनाने में इंडियन रोड कांग्रेस द्वारा निर्धारित मापदंडों का भी पालन नहीं किया गया है। जगह- जगह बनाए गए स्पीड ब्रेकर की लोगों को जानकारी देने के लिए संकेतक भी नहीं लगाए गए हैं। इस वजह से यह ब्रेकर जानलेवा साबित हो रहे हैं। संसद में उठाए गए प्रश्न का जवाब देते हुए केंद्रीय परिवहन मंत्री ने माना था कि देशभर में स्पीड ब्रेकर की वजह से हर साल हजारों लोगों की जान जा रही है। वहीं, ऐसे ब्रेकर की वजह से शारीरिक परेशानी भी बढ़ रही हैं। याचिकाकर्ता को रिपोर्ट के आधार पर जरूरी मांग रखने की छूट दी गई है।

Share
Next Story

छत्तीसगढ़  / अंबिकापुर में मुस्कान के बाद सूरजपुर में विद्या किन्नर उतरी चुनाव के मैदान में

Next

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News