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पहले चरण की 18 सीटों पर मतदान आज; पिछले चुनाव में भाजपा को 6, कांग्रेस को 12 सीटें मिली थीं

4 वर्ष पहले
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  • बस्तर की 12 सीटों में से 8 पर भाजपा-कांग्रेस और 4 पर त्रिकोणीय संघर्ष, इस बार जोगी कांग्रेस-बसपा भी मैदान में
  • राजनांदगांव की 6 सीटों पर कांग्रेस 2013 का परफॉर्मेंस दोहराने की कोशिश में, राहुल ने यहां सभा और रोड शो किया
  • राज्य में पिछले 15 सालों से भाजपा की सरकार, मुख्यमंत्री रमन सिंह के खिलाफ कांग्रेस ने अटलजी की भतीजी करुण शुक्ला को उतारा
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रायपुर.  छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 18 सीटों पर मतदान खत्म हो गया। पहले चरण में शाम 5 बजे तक 60.49 % वोटिंग हुई। बस्तर की 12 सीटों पर 62 फीसदी और राजनांदगांव की 6 सीटों पर 70 फीसदी मतदान हुआ। हांलाकि यह आंकड़े अनंतिम हैं। कुछ बूथ से पोलिंग पार्टियां वापस नहीं आई हैं। सबसे ज्यादा राजनांदगांव के खुज्जी में 72 और सबसे कम बीजापुर में 33 फीसदी मतदान हुआ। इससे पहले नक्सलियों ने दंतेवाड़ा के 12 गांवों में ग्रामीणों को वोट देने से रोकने के लिए उन्हें बंधक बना लिया। यह अभी पता नहीं चल पाया है कि कितने लोग बंधक बनाए गए हैं। हालांकि, बाकी इलाकों में नक्सलियों की धमकी बेअसर साबित हुई। 

 

दंतेवाड़ा के निलावाया, बुरगुम, पोटाली, नहाडी, काकड़ी, बर्रेम, जबेली, रेवाली, एटपाल, जियाकोडता, पूजारी पाल और मुलेर के ग्रामीणों को बंधक बनाया गया है। एडिशनल एसपी जीएन बघेल ने बताया कि इन गांवों में वोटिंग बूथ खुले रहे, लेकिन वोट डालने के लिए कोई नहीं आया। नक्सली ग्रामीणों को ले गए और उन्हें बंधक बनाकर रखा है।
 

 

पांच सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय: पहले चरण में 31.79 लाख मतदाता हैं। कुल 190 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें 42 उम्मीदवार करोड़पति हैं। कांग्रेस के 7 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। भाजपा का क्रिमिनल रिकॉर्ड वाला कोई उम्मीदवार नहीं है। इस बार पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस ने बसपा के साथ गठबंधन किया है। इससे पहले चरण में चार से पांच सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। दूसरे चरण का मतदान 20 नवंबर को होगा और परिणाम 11 दिसंबर को आएंगे।

 

मतदान अपडेट्स 

पहले चरण में इन पर नजर 

  • डॉ. रमन सिंह : मुख्यमंत्री राजनांदगांव सीट से लगातार तीन चुनावों (2003, 2008 और 2013) से जीतते आ रहे हैं। उन्होंने पहले फेज की 18 सीटों के लिए 27 से ज्यादा रैलियां कीं।
  • करुणा शुक्ला : करुणा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी हैं। कांग्रेस ने राजनांदगांव सीट पर रमन सिंह के खिलाफ मैदान में उतारा है। राहुल गांधी ने उनके लिए 9 नवंबर को एक सभा और रोड शो भी किया। करुणा पहले भाजपा में थीं।
  • कवासी लखमा: कवासी लखमा आदिवासी नेता हैं और विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष हैं। वह पहली बार 2003 कांग्रेस के टिकट पर कोंटा सीट से चुने गए। उनकी नक्सल प्रभावित क्षेत्र में अच्छी पकड़ है। वे 2013 में झीरम घाटी में नक्सली हमले में बच गए थे। तब वे संदेह के घेरे में आए थे। भाजपा ने उनका नार्को टेस्ट कराने की मांग की थी।
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