क्राइम / सरकारी चावल बांटने गए सेल्समैन को नक्सलियों ने 3 गोली मारी, मौत

  • 10 साल पहले नक्सलियों ने सेल्समैन को परिवार सहित गांव से निकाला था
  • नारायणपुर से सोनपुर आना-जाना करता था सेल्समैन 10 साल से पूरा परिवार था नक्सलियों के निशाने पर

Dainik Bhaskar

Feb 20, 2019, 06:16 AM IST

जगदलपुर .नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ के सोनपुर के गामडी पंचायत के राशन दुकान में तैनात एक सेल्समैन की हत्या नक्सलियों ने गोली मारकर कर दी है। घटना मंगलवार दोपहर 12 से 1 बजे के बीच की है। बताया जा रहा है कि सेल्समैन सुबह नारायणपुर से राशन दुकान खोलने पहुंचा था। इसके कुछ देर बाद अचानक कुछ लोग दुकान पर आए और एक के बाद एक तीन फायर किया। तीनों ही गोलियां सेल्समेन को सामने से लगी और मौके पर ही मौत हो गई है।

घटना को अंजाम देने के लिए नक्सलियों की एक्शन स्माल टीम को जिम्मेदारी दी गई थी। पुलिस के अनुसार दुकान का सेल्समेन बुधूराम वड्डा को गांव वालों को चावल बांटना था। ऐसे में वह गांव पहुंचा हुआ था। नक्सलियों को सरकारी चावल बंट ने की खबर पहले से ही थी। ऐसे में उसकी हत्या की पूरी प्लानिंग एक दिन पहले ही कर ली गई थी। मंगलवार को जैसे ही वह राशन दुकान में चावल बांटने के लिए पहुंचा उसके कुछ देर बाद तीन चार लोग यहां पहुंचे और फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि बुधूराम की हत्या के लिए नक्सलियों ने पिस्टल का इस्तेमाल किया।

सोनपुर कैंप से मात्र एक किमी दूर की घटना :सोनपुर में पुलिस ने कुछ समय पहले एक कैंप स्थापित किया था। कैंप स्थापना के बाद इलाके में सड़कों का निर्माण भी हुआ था। इसके चलते नक्सली वारदातें बंद हो गई थी। इलाके की परस्थितियां सामान्य हो रही थी। इसी बीच मंगलवार को नक्सलियों ने कैंप से मात्र एक किमी दूर वारदात को अंजाम देकर फिर से इलाके में अपनी मौजूदगी का अहसास करवाया है।

बुधूराम को नक्सली हमले का डर था, इसी कारण वह गमंडी में कभी रुकता नहीं था :मंगलवार को गमंडी पंचायत के सेल्समेन बुधूराम को नक्सलियों ने गोली मार दी है। बुधूराम और उसका पूरा परिवार नक्सलियों के टारगेट में पिछले दस सालों से है। दरअसल बुधूराम का परिवार नारायणपुर जिले के वॉलपेंट गांव में रहता था।

दस साल पहले अचानक नक्सली इनसे नाराज हो गए और इनके पूरे परिवार को सजा के तौर पर गांव से निकाल दिया गया। इसके बाद पूरा परिवार नारायणपुर जिला मुख्यालय के शांतिनगर इलाके में रह रहा था। बुधूराम ने नारायणपुर से ही 12 वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी और फिर राशन दुकान में बतौर सेल्समैन के तौर पर काम करने लगा था। बताया जा रहा है कि बुधूराम को नक्सली हमले का डर था यही कारण है कि वह गमंडी में कभी नहीं रुकता था। वह काम निपटाने के बाद वापस नारायणपुर आ जाता था। हाल ही में सोनपुर में पुलिस कैंप स्थापित होने के बाद यह डर कुछ कम हुआ था लेकिन अचानक ही नक्सलियों की स्माल एक्शन टीम ने वारदात को अंजाम दे दिया।

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