दिल्ली / दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड रेल को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी, खर्च में दिल्ली का हिस्सा तय नहीं

  • आरआरटीएस के निर्माण में 30,274 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान, 5634 करोड़ मदद और लोन के तौर पर देगा केंद्र
  • दिल्ली सरकार पहले ही दे चुकी सैद्धांतिक मंजूरी, सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली के हिस्से के खर्च को लेकर सुनवाई आज

Dainik Bhaskar

Feb 20, 2019, 02:25 AM IST

नई दिल्ली.दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ के बीच चलने के लिए प्रस्तावित पहली रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने मंगलवार को मंजूरी दे दी। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने फैसले पर बताया कि 82.15 किमी के इस कॉरिडोर में सिर्फ 14.12 किमी हिस्से अंडरग्राउंड होगा। इसके निर्माण में 30,274 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है।

इसमें केंद्र सरकार 5634 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद अनुदान और लोन के रूप में देगी। ये ट्रेन दिल्ली से मेरठ 60 मिनट में पहुंचाएगी। हर ट्रेन में एक बिजनेस कोच और एक लेडीज कोच होगा। दिल्ली सरकार की तरफ से प्रोजेक्ट खर्च की 1138 करोड़ रुपए की हिस्सेदारी नहीं दिए जाने को लेकर कैबिनेट ने कोई फैसला नहीं दिया है। लेकिन कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब कॉरिडोर का काम तेज होगा।

नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन से जुड़े अधिकारी का कहना है कि अब काम में गति आएगी। अभी तक कई मामले में क्लियरिटी नहीं थी जिसकी वजह से यूपी में धीमी गति से काम चल रहा था। दिल्ली में काम को लेकर अधिकारी ने बताया कि केंद्र से मिलने वाले पैसे से काम शुरू होगा। सराय काले खां से साहिबाबाद के बीच ट्रेन का ऑपरेशन दूसरे चरण में शुरू होना है।

2016 में एनसीआरटीसी ने सौंपी थी डीपीआर :दिल्ली व यूपी को दिसंबर, 2016 में डीपीआर दिया था जिसे यूपी ने मई, 2017 में खर्च वहन करने की मंजूरी दे दी। पहले स्टेशन अंडरग्राउंड प्लान था लेकिन दिल्ली-अलवर और दिल्ली पानीपत कॉरिडोर की वजह से स्टेशन को दिल्ली सरकार के अधिकारियों के साथ सलाह मशविरा करके रि-डिजाइन किया गया। सराय काले खां से मेरठ के अलावा अलवर और पानीपत कॉरिडोर भी जुड़ना है। एनसीआरटीसी स्टेशन निर्माण के लिए पत्र लिखकर जमीन मांग चुकी है।

हर ट्रेन में बिजनेस क्लास और लेडीज कोच होंगे :एनसीआरटीसी के अनुसार 6 कोच की ट्रेन में 432 यात्री बैठकर यात्रा करने के साथ एकसाथ 1221 यात्रियों को चलने की सुविधा है। जबकि आठ कोच ट्रेन में एकसाथ 648 सीट के साथ 1884 यात्री चल सकेंगे। हर ट्रेन में एक बिजनेस क्लास और एक लेडीज कोच होगा। ट्रेन सीसीटीवी और लैपटॉप व मोबाइल चार्जिंग सुविधा से लैस होगी।

Share
Next Story

कार्रवाई / वन विभाग की जमीन पर कब्जे की धांधली में 2 डिप्टी रेंजर को सस्पेंड, भू माफिया पर केस दर्ज

Next

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News