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हिंसा के दौरान 6वीं से 8वीं कक्षा की छात्राओं से हैवानियत, दंगाइयों ने ट्यूशन से लौट रहीं बच्चियों के कपड़े फाड़े, अश्लील हरकतें भी कीं

एक वर्ष पहले
यह बृजपुरी का विक्टोरिया स्कूल है। जिसकी 2 बस दंगाइयों ने फूंक दी और दी वैन भी। गार्ड ने बताया कि सीसीटीवी का डीवीआर भी ले गए।
  • बच्चियां घर जाने के लिए मिन्नतें करती रहीं लेकिन नहीं सुनी, दहशत से घर से नहीं निकल रहीं बच्चियां
  • नॉर्थ-ईस्ट के हिंसा प्रभावित इलाके करावल नगर में 25 फरवरी की घटना
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नई दिल्ली . नॉर्थ-ईस्ट के हिंसा प्रभावित इलाके करावल नगर में मंगलवार को दंगाइयों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थीं। उन्होंने ट्यूशन पढ़कर घर लौट रही बच्चियों को भी नहीं बख्शा। दंगाइयों ने इन बच्चियों के कपड़े तक फाड़ दिए और अश्लील हरकतें भी की। एक पीड़ित लड़की की मां सुषमा (बदला हुआ नाम) ने बताया कि आस-पड़ोस की करीब 8 से 9 लड़कियां ट्यूशन पढ़कर घर आ रही थीं। कोचिंग सेंटर घर से करीब 500 से 600 मीटर की दूरी पर है। रास्ते में सैंकड़ों की संख्या में दंगाइयों ने रोक लिया। पीड़ित मां ने बताया कि छठवीं से आठवीं कक्षाओं में पढ़ने वाली मासूम बच्चियों के कपड़े फाड़कर शारीरिक छेड़छाड़ की गई। बच्चियों ने दंगाइयों से काफी मिन्नतें की लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। एक अन्य पीड़ित बच्ची की मां ने बताया कि हादसे के बाद से बच्ची सदमे में है। उसके शरीर पर नाखुनों के निशान हैं।


बच्ची अब घर से बाहर भी नहीं निकल रही है। बाहर जाने को कहती है कि दंगाई फिर आ जाएंगे। पीड़िता की मां ने कहा कि उनकी किसी समुदाय विशेष के साथ कभी कोई दुश्मनी नहीं है। इसके बावजूद बच्चियों के साथ इतनी घिनौनी हरकत की है। पीड़ित बच्चियों की मां ने बताया कि दंगाइयों ने उनकी किताबें हाथों से छीन ली और फाड़कर उपर की तरफ उछाल दी। एक-दो बच्चियों ने विरोध किया तो दंगाइयों ने थप्पड़ मारे और गाली-गलौज की। एक अन्य पीड़िता की मां का कहना है जब बच्ची जब रोते हुए घर पहुंची तो उसने हादसे के बारे में बताया। दंगाइयों के दहशत के कारण कोई भी परिवार घटना स्थल तक पर नहीं गया। भास्कर ने जब पीड़ित परिवारों से मामले की पुलिस में शिकायत करने को पूछा तो उन्होंने बताया कि अभी वह सदमें में हैं। कुछ वक्त बाद शिकायत करने जाएंगे। बता दें कि उपद्रवियों ने हिंसा के दौरान कई स्कूलों को भी नुकसान पहुंचाया था। बृजपुरी के विक्टोरिया स्कूल में करीब दो हजार छात्र पढ़ते हैं। स्कूल की बसें फूंक दी गई थीं।

जेएनयू प्रशासन ने छात्राें से कहा- हिंसा के आराेपियाें काे शरण न दें
जेएनयू प्रशासन ने छात्राें काे निर्देश दिए हैं कि दिल्ली हिंसा के आराेपियाें काे कैंपस में आकर रहने के लिए न बुलाएं। कुलपति प्राेफेसर जगदीश कुमार ने कहा कि हम दिल्ली में शांति और सद्भाव चाहते हैं। प्रभावित लाेगाें काे मदद देने की जरूरत है। कुछ छात्राें ने बाहरी लाेगाें काे कैंपस में आकर रहने का आह्वान किया है। ये वही छात्र हैं, जिन्हाेंने दावा किया था कि जनवरी में बाहरी लाेगाें ने कैंपस में आकर हिंसा काे अंजाम दिया था।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सभी स्कूल छात्रों के लिए 7 मार्च तक बंद, शिक्षक स्कूल आएंगे
दंगे के कारण बिगड़े हालात और बच्चों के मन मंे दहशत को देखते हुए दिल्ली सरकार ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली जिला के सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूल 7 मार्च तक बंद रखने का सरकुलर जारी किया है। इस दौरान गृह परीक्षाएं नहीं होंगी। आदेश में कहा गया है कि शिक्षक व स्कूल प्रमुख सामान्य दिनों की तरह स्कूल आएंगे। गृह परीक्षाओं की अगली तारीख जल्द घोषित की जाएगी। यह सरकुलर दिल्ली शिक्षा निदेशालय के अतिरिक्त शिक्षा निदेशक डॉ. सरोज सेन की तरफ से जारी किया गया। इसके अनुसार छात्रों के मन में तनाव और दर्दनाक स्थिति के बीच परीक्षा की तैयारी के लिए एकाग्रता में कमी हो सकती है। स्कूल प्रमुखों को कहा गया है कि छात्र व उनके परिजनों को स्कूल बंद होने की सूचनाएं एसएमएस या कॉल के माध्यम से दी जाए। दिल्ली के बाकी हिस्सों में गृह परीक्षाएं अपने पूर्व शेड्यूल के हिसाब से जारी रहेंगी। सीबीएसई ने साफ किया है कि 2 मार्च से देशभर और उत्तर पूर्वी दिल्ली सहित सभी केंद्रों पर पूर्व निर्धारित शेड्यूल के हिसाब से परीक्षाएं होंगी। सीबीएसई की प्रवक्ता ने बताया है कि दिल्ली हाईकोर्ट में एक शपथपत्र दाखिल किया था कि परीक्षाएं निर्धारित समय पर कराई जा सके। इस पर हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार को निर्देश दिए हैं कि स्टूडेंट्स की सुरक्षा और परीक्षा कराने में सहायता इन इलाकों में उपलब्ध कराएं।

हिंसा में मृत 42 में से 35 का हुआ पोस्टमॉर्टम, 3 की पहचान नहीं
हिंसा में मारे गए लोगों की डेडबॉडी का पोस्टमार्टम तेजी से हो रही हैं। कुल 42 डेडबॉडी में से 35 का पोस्टमॉर्टम हो चुका है। इसमें से जीटीबी अस्पताल में 32, लोकनायक में 2 और जगप्रवेश में एक पोस्टमार्टम हुआ है। 7 पोस्टमार्टम होने बाकी हैं। इसमें से 6 जीटीबी में हैं। इनमें तीन की पहचान अभी नहीं हो सकी है। जीटीबी अस्पताल प्रशासन ने उसके यहां मौजूद सभी डेडबॉडी का पोस्टमार्टम रविवार तक पूरा होने की संभावना जताई है। जीटीबी अस्पताल में शनिवार को 11 डेडबॉडी का पोस्टमार्टम हुआ। इन्हें मिलाकर 32 डेडबॉडी का पोस्टमार्टम हो चुका है। अस्पताल में कुल 38 लोगों की मौत हुई थी। जीटीबी अस्पताल के मेडिकल सुप्रीटेंडेंट डॉ सुनील कुमार ने कहा कि पोस्टमार्टम तेजी से हो रहा है। अब सिर्फ 6 डेडबॉडी का पोस्टर्माटम होना बाकी है। तीन की पहचान होनी अब की बाकी है। संभव है कि रविवार को इनकी पहचान भी हो जाए। रविवार को हम सभी डेडबॉडी का पोस्टमार्टम कर देंगे।

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