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विवाद:मनुस्मृति पर तिरूमावलवन की टिप्पणी का मामला गरमाया, विरोध करने जा रहीं खुशबू को पुलिस ने हिरासत में लिया

एक महीने पहले
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विदुथलई चिरुथैगल काच्चि (VCK) प्रमुख टी तिरूमावलवन की 'मनुस्मृति' पर टिप्पणी का मामला गरमा गया है। पूरे राज्य में उनकी टिप्पणी का विरोध हो रहा है। भाजपा नेता खुशबू सुंदर भी तिरूमावलवन की टिप्पणी के विरोध में भाजपा महिला विंग के साथ प्रदर्शन करने कुड्डलोर जा रही थीं लेकिन उन्हें पुलिस ने बीच में रोककर हिरासत में ले लिया।

तिरूमावलवन पर महिलाओं के अपमान का आरोप

हाल ही में वीसीके प्रमुख तिरूमावलवन का सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने मनुस्मृति के बारे में बात करते हुए कहा था कि मनुस्मृति में महिलाओं का अपमान किया गया है। देश संविधान से चलता है ना कि मनुस्मृति से। इस दौरान उन्होंने ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया था जिसके बाद विवाद हो गया था।

इसके बाद हिंदू संगठनों ने तिरूमावलवन पर आरोप लगाए थे कि उनके बयान से महिलाओं का अपमान हुआ है। विवाद बेहद बढ़ता देख तिरूमावलवन ने सफाई दी और कहा, ''मैंने ऐसी कोई बात नहीं कही जिससे महिलाओं का अपमान हो। मैंने केवल मनुस्मृति का हवाला दिया था। मनुस्मृति पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। भाजपा सांप्रदायिक झड़प को बढ़ावा देने के लिए फर्जी खबरें फैला रही है।"

क्या है मनुस्मृति?

मनु स्मृति ब्रह्मा के पुत्र मनु द्वारा लिखी गई थी। मान्यता है कि इन्हीं मनु की संतानों को मनुष्य और मानव कहा गया। मनुस्मृति प्राचीन सामाजिक और धार्मिक व्यवस्था के बारे में बताती है। इसे लेकर विवाद ये है कि इसमें महिलाओं, निचली जातियों आदि के बारे में कुछ विवादित श्लोक हैं।

कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आईं खुशबू

वहीं, बीजेपी नेता की बात करें तो खुशबू कुछ समय पहले ही कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आई हैं। कांग्रेस छोड़ने पर उन्होंने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी की वर्किंग पर सवाल उठाए थे। खुशबू ने साल 2010 में डीएमके में शामिल होकर अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद 2014 में उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा था।

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