पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
Open Dainik Bhaskar in...
Browser
Loading advertisement...

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

इंडस्ट्री में बहस:नेपोटिज्म पर गोविंदा के भांजे कृष्णा अभिषेक ने दिया रिएक्शन, बोले- 'ऐसा चलता तो मैं वरुण धवन की जगह पर होता'

5 महीने पहले
Loading advertisement...

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से ही इंडस्ट्री में नेपोटिज्म और कैंप बाजी के मुद्दे गर्म हैं। मामला बढ़ते ही आलिया भट्ट, अनन्या पांडे, महेश भट्ट, करन जौहर को भी सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है। आगे जाकर ये बहस इनसाइडर और आउटसाइडर की बहस में भी बदल गई। अब इस मामले में गोविंदा के भांजे कहलाए जाने वाले कृष्णा अभिषेक ने अपने विचार सामने रखे हैं। उनका मानना है कि हर किसी का अपना स्ट्रगल होता है और उसी की बदौलत हर किसी को काम मिलता है।

कृष्णा का मानना है कि भले ही उन्हें गोविंदा की वजह से काम मिला हो मगर ये उनका खुद का टैलेंट है जिससे वो आगे बढ़े हैं। हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत के दौरान कृष्णा ने कहा, 'हर किसी को अपने तरीके से स्ट्रगल करना पड़ता है। जी हां, मैं गोविंदा का भांजा हूं मगर वो मेरे बदले आकर काम नहीं करते। वो नहीं आते मेरी जगह काम करने, मुझे खुद काम करना पड़ता है। हो सकता है कि गोविंदा ने मुझे काम दिलवाया हो मगर उसके बाद सिर्फ ये टैलेंट की बात है। नेपोटिज्म का उससे कोई लेना देना नहीं है।

नेपोटिज्म है तो मुझे वरुण धवन की जगह होना थाः कृष्णा

आगे बात करते हुए कृष्णा ने बताया, 'मैं फिल्मी फैमिली से हूं, मुझे तो वरुण धवन की जगह होना चाहिए था। लेकिन मैं संघर्ष कर रहा हूं। वरुण धवन के पिता डेविड धवन फिल्ममेकर हैं, मगर उनको भी ये लगता होगा कि उन्हें कहीं और होना चाहिए था। हर किसी का अपना सफर और स्ट्रगल होता है'।

गौरतलब है कि कृष्णा अभिषेक ने 'जस्ट मोहब्बत' से साल 1996 में बतौर टीवी एक्टर करियर की शुरुआत हुई की थी। कई टीवी शोज और फिल्मों का हिस्सा बनने के बावजूद उन्हें फेम हासिल नहीं हुआ। आखिरकार उन्होंने कॉमेडी शोज में हिस्सा लिया जहां से उन्हें पहचान मिलना शुरू हुई। फिलहाल एक्टर पॉपुलर कॉमेडी शो 'द कपिल शर्मा शो' में सपना के किरदार में खूब सराहना बटोर रहे हैं।

Loading advertisement...
खबरें और भी हैं...

Copyright © 2020-21 DB Corp ltd., All Rights Reserved

This website follows the DNPA Code of Ethics.