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जन्माष्टमी सेलिब्रेशन:रोहिताश गौर से लेकर स्नेहा वाघ तक, इस तरह टीवी एक्टर्स मना रहे हैं जन्माष्टमी का उत्सव

किरण जैन2 महीने पहले
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इस जन्माष्टमी टीवी कलाकार अपने घरों में भगवान श्रीकृष्ण का स्वागत करने के लिए उत्साहित हैं और घर पर अपने परिवार के साथ इस त्योहार को बहुत धूमधाम से मनाने वाले हैं। इन कलाकारों में शामिल हैं-‘‘हप्पू की उलटन पलटन‘‘ से हप्पू सिंह (योगेश त्रिपाठी) और राजेश (कामना पाठक), ‘कहत हनुमान जय श्री राम‘ से अंजनी माता (स्नेहा वाघ), ‘भाबीजी घर पर है‘ से तिवारी जी (रोहिताश गौर), ‘संतोषी मां सुनाएं व्रत कथायें’ से संतोषी मां (ग्रेसी सिंह) और ‘गुड़िया हमारी सभी पे भारी‘ से गुड़िया (सारिका बहरोलिया) एवं गुड्डू (करम राजपाल)।

मेरा बेटा कन्हैया की तरह तैयार होता हैः योगेश त्रिपाठी

योगेश त्रिपाठी कहते हैं, ‘‘हर साल जन्माष्टमी के दौरान हम भगवान कृष्ण के लिए एक छोटा पालना तैयार करते हैं और उन्हें फूलों एवं गहनों से सजाते हैं। माखन मिश्री, खीर, मीठी मठरी और गुझिया जैसे मीठे व्यंजनों को बनाकर प्रसाद के रूप में हम पहले नन्हें कान्हा को अर्पित करते हैं। उसके बाद पूरा परिवार साथ बैठकर यह प्रसाद ग्रहण करता है। पहले, मेरा बेटा दिशु कन्हैया के रूप में सजता था। सभी की नजरें उसी पर होती थीं और वह घर पर बने पकवानों के मजे लेता था।”

बचपन से भगवान कृष्ण से रहा है खास लगावः स्नेहा वाघ

स्नेहा वाघ ने बचपन की बातों को याद करते हुए कहा, ‘‘जन्माष्टमी का मेरे जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान है, क्योंकि मेरा हमेशा से ही भगवान कृष्ण के प्रति लगाव रहा है। मैं चार या पांच साल की रही होंगी, जब मैं जन्माष्टमी के मेले में गई हुई थी। वहां पर मैंने अपनी ही उम्र के एक लड़के को भगवान कृष्ण बने हुए देखा। उसे देखकर मैं भगवान कृष्ण से और ज्यादा प्यार करने लगी। जैसे-जैसे मैं बड़ी होती गई, मैंने उनके बारे में और उनके उपदेशों को पढ़ना शुरू कर दिया, जिससे मुझे अपनी परेशानियों को दूर करने में काफी मदद मिली और मेरे ऊपर उनका काफी सकारात्मक असर हुआ। मेरी ओर से सभी छोटे कान्हा और उनके परिवारों को इस वर्ष जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं!‘‘

मां के हाथों से बनी खीर मिस करूंगीः कामना पाठक

कामना पाठक कहती हैं, ‘एक व्यक्ति व्यक्तिगत तौर पर जो विश्वास करता है, वह वैसा ही बन जाता है। हमारे रोजमर्रा के जीवन में सकारात्मक विचारों को स्थापित करने से, हमेशा आशावादी बने रहने में सहायता मिलती है। भगवान कृष्ण की शिक्षाऐं अपने समय से आगे थीं और वे आज भी प्रासंगिकता रखती हैं। उनके पास मन और हृदय का सही संतुलन था। हालांकि मैं उत्सव के दौरान मां द्वारा बनाई गई खीर को, जो कि मेरे पसंदीदा पकवानों में से एक है, याद करूंगी। मैं चाहती हूं कि यह जन्माष्टमी सभी के जीवन में मिठास और दयाभाव लाए।’

बचपन में खुद नन्हें कान्हा बनते थे रोहिताश गौर

रोहिताश गौर, ‘‘भगवान कृष्ण बुराई का नाश करते हैं, इसलिये जन्माष्टमी अच्छाई की जीत और बुराई के विनाश का त्योहार है। बचपन में मैं हमेशा नन्हें कान्हा के रूप में तैयार होता था और इस त्योहार का बेसब्री से इंतजार करता था। इस बार महामारी के कारण, हम घर पर पूजा और भोजन की तैयारी करेंगे। मेरी सभी के लिए यही कामना है कि इस जन्माष्टमी, भगवान कृष्ण सभी के जीवन में सुख और शांति लाएं।‘‘

घर पर ही पूजा करें, कुछ भव्य नहीं होगाः ग्रेसी सिंह

ग्रेसी सिंह ने कहा, ‘हम घर पर पूजा करेंगे। कुछ भी ज्यादा भव्य नहीं होगा। मैं भगवान कृष्ण के सभी भक्तों को एक खुशहाल जन्माष्टमी की शुभकामना देती हूं। यह मस्ती और उल्लास का त्योहार है, जो हमें यह भी सिखाता है कि हमें हमेशा गलत के खिलाफ लड़ना चाहिए। आपके जीवन में खुशी, समृद्धि, और आनंद लाने के लिए सर्वशक्तिमान का आशीर्वाद आपके साथ रहे, यही मेरी कामना है।’

मां के हाथों से बने स्वादिष्ट भोजन के बिना त्योहार अधूराः सारिका

सारिका बहरोलिया कहती हैं, ‘‘ग्वालियर में हमारे घर में मेरी मां हमें भगवान कृष्ण मंदिर में प्रार्थना करने के लिए ले जाती थी। फिर यह परंपरा जैसी बन गई। मैं अक्सर अपनी खिड़की से दही-हांडी देखती थी और स्पीकरों पर बजने वाले ऊर्जा से भरपूर बॉलीवुड गानों का आनंद लेती थी। मां द्वारा तैयार किए गए स्वादिष्ट भोजन के बगैर तो दिन पूरा ही नहीं हो सकता। मैं इस जन्माष्टमी के दौरान अपने परिवार के साथ रहना पसंद करूंगी। ‘‘

दही हांडी समारोह ना होने की कमी खलेगीः करम राजपाल

करम राजपाल कहते हैं, ‘‘यह परिवार के साथ घर पर एक छोटे से समारोह की तरह होगा। इस बार महामारी के कारण दही-हांडी का उत्सव नहीं हो पायेगा, जिसकी कमी काफी खलेगी। इसलिए, हमने घर पर एक छोटा सा समारोह करने का फैसला किया है। हम आधी रात को पूजा करेंगे और पंजीरी, खीर, माखन, मिश्री इत्यादि भगवान को अर्पित करने के बाद भगवान कृष्ण के जन्म का जश्न मनाएंगे। मेरी यही कामना है कि भगवान कृष्ण इस जन्माष्टमी पर सभी के तनाव और चिंताओं को दूर करें और सभी को प्यार, शांति और आनंद दें। ‘‘

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