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एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत: सुसाइड नोट में सामने आया काली शक्ति का सच

Dainikbhaskar.com | Sep 12, 2018, 03:27 PM IST

मां, अगर तुम मेरी बात को पहले मान लेती, तो आज यह हालत न होती।

पत्नी कविता और बेटी श्रीन के साथ कुणाल त्रिवेदी।
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अहमदाबाद। नरोडा में कास्मेटिक चीजों का व्यापार करने वाले व्यापारी कुणाल त्रिवेदी (50) ने पत्नी कविता(45) और बेटी श्रीन(16) को जहर पिलाकर खुद फांसी लगा ली। इस घटना से पूरे शहर में सनसनी फैल गई। कुणाल का सुसाइड नोट मिलने से पता चला कि यह मामला काली शक्ति का है। कुणाल ने 75 वर्षीय मां जयश्री बेन को भी जहर पिलाकर सुला दिया था, पर वह बच गई। पहले यही समझा गया कि मामला आर्थिक तंगी से जुड़ा है…

इस मामले को पुलिस ने पहले यही समझा कि आर्थिक तंगी के चलते पूरा परिवार मौत के आगोश में समा गया है। पर कुणाल का सुसाइड नोट सामने आया, जिसमें उसने मां को संबोधित करते हुए लिखा है कि मां, मैंने तुमसे कई बार कहा कि कोई काली शक्ति है, जिससे मैं परेशान हूं। अगर तुम मेरी बात को पहले मान लेती, तो आज यह हालत न होती। शहर के विभिन्न इलाकों में रहने वाले कुणाल की बहन-जीजा और परिवार के अन्य रिश्तेदारों ने पहुंचकर वृद्ध मां को अस्पताल में भर्ती कराया।

मां, तुम मुझे नहीं समझ पाई

तीन पेज के सुसाइड नोट में कुणाल ने लिखा है कि मम्मी, तुम मुझे कभी समझ नहीं पाई। पूरी दुनिया मुझे शराबी कहती है, पर मैं नशा क्यों करता था, इसे तुम यदि पहले ही दिन समझ जाती, तो आज मेरी जिंदगी कुछ अलग ही होती। मैं जीवन में कभी किसी से नहीं डरा। मेरी डिक्शनरी में आत्महत्या शब्द है ही नहीं। मैंने कई बार काली शक्तियों के बारे बताया, परंतु तुमने कभी उसे नहीं माना। तुम उसका कारण मेरे द्वारा नशा करना मानती रही।

मैंने शौक से शराब नहीं पी

कुणाल ने लिखा है कि मैंने कभी शौक से शराब नहीं पी। मेरी कमजोरी का काली शक्तियों ने भरपूर उपयोग किया। मैंने धंधे में एमपी वाले को 14 लाख 55 हजार रुपए दिए हैं। मैं कर्जदार नहीं हूं। मैंने धंधे में माल के लिए 6 लाख रुपए दिए हैं। कोई भी तुम लोगों से हजार रुपए भी नहीं मांग सकता। मैंने कभी नहीं चाहा कि मेरे द्वारा किसी को थोड़ी-सी भी परेशानी हो। किंतु हालात ने मुझे कभी ऊपर नहीं आने दिया। मैं कई बार गिरा और खड़ा हुआ, पर कभी हारा नहीं। पर अब यह सारी परेशानियां दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। मम्मी, तुम तो जानती ही हो।

काली शक्तियां आसानी से पीछा नहीं छोड़ती

सुसाइड नोट के आखिर में कुणाल ने लिखा है-जिज्ञेश भाई, अब यह आपकी जवाबदारी है, शेर अलविदा कह रहा है। जिज्ञेश कुमार, तुषार भाई आप सबने कुणाल की यह स्थिति देखी है। परंतु कोई कुछ नहीं कर पाया। मां की तरह पत्नी कविता जितना कर सकती थी, उतना किया भी, उसे विश्वास था कि कुलदेवी आकर उसे बचा लेगी, पर काली शक्ति इतनी आसानी से पीछा नहीं छोड़ती।

किसी ने फोन नहीं उठाया, तो हुई शंका

इसके पहले मंगलवार की रात नरोडा के हरिदर्शन चौराहे के पास अवनि फ्लैट में रहते हुए कास्मेटिक का व्यापार करने वाले कुणाल त्रिवेदी, पत्नी कविता और 16 साल की बेटी श्रीन तथा वृद्ध मां जयश्री बेन के साथ किराए से रहते थे। पिछले 24 घंटों से उनके फोन बज रहे थे, पर कोई उठा नहीं रहा था। इससे उनके संबंधियों को शंका हुई। तब पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने जब फ्लैट का दरवाजा तोड़ा, तो देखा कि हाल में वृद्धा जहरीली दवा के असर से बेहोश थी। बेडरूम में पत्नी और बेटी की लाश पड़ी थी। एक कमरे में कुणाल का शव लटका हुआ पड़ा था।

पत्नी-बेटी को जहर पिलाकर लगा ली फांसी।
हंसती-मुस्कराती बेटी के साथ कुणाल