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एक ही परिवार की तीन लोगों ने की सुसाइड, पति ने पहले पत्नी और बेटी को दिया जहर, फिर खुद झूल गया फांसी के फंदे पर

Bhaskar News | Sep 12, 2018, 02:31 PM IST

अहमदाबाद के नरोडा इलाके की है ये घटना।

-- पूरी ख़बर पढ़ें --

अहमदाबाद। नरोडा इलाके में मंगलवार देर रात को कॉस्मेटिक व्यापारी ने पत्नी कविता (45) और 16 वर्ष की बेटी श्रीन को मारकर खुद फांसी के फंदे पर झूल गया। मृतक कुणाल त्रिवेदी (50) 75 वर्षीय मां को भी जहर देकर मारना चाहा था लेकिन जहर का असर कम होने से वो बच गईं।अहमदाबाद के अलग-अलग इलाके में कुणाल के भाई-बहन रहते हैं। उन्होंने मां को हॉस्पिटल में एडिमट करवाया है।

3 पेज के सुसाइड नोट में व्यापारी ने लिखी कई बातें...

बुधवार को तीन लोगों की एक साथ लाश मिलने से सनसनी फैल गई। इस सामूहिक हत्याकांड की वजह शुरुआत में पुलिस पारिवारिक और आर्थिक कारणों को मान रही थी लेकिन 3 पेज का सुसाइड नोट सामने आने से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सुसाइड नोट में व्यापारी ने मां को लेकर लिखा है- मम्मी! मैंने कई बार आपको काली शक्ति के बारे में बताया लेकिन आपने मेरी एक भी बात नहीं सुनी।

मम्मी तुम मुझे कभी नहीं समझ सकी

कुणाल ने लिखा- मम्मी! तुम मुझे कभी नहीं समझ सकी। पूरी दुनिया मुझे शराबी कहती रही लेकिन मैंने नशा क्यों किया था, इसकी वजह अगर जान ली होती तो मैं यह सब न करता। तुम मुझे पहले ही दिन समझ लेती तो आज मेरी जिंदगी कुछ और होती। मैं जीवन में किसी चीज से नहीं डरा। कुणाल की डिक्शनरी में कहीं भी आत्महत्या जैसा कोई शब्द नहीं था। मैंने तुम्हें कई बार काली शक्ति के बारे में बताया था। लेकिन तुमने कभी नहीं माना और उस कारण मुझे सबने शराबी कहा।

मैंने किसी शौक से शराब नहीं पी थी...

कुणाल ने आगे लिखा- धंधा करने के लिए MP वाले ने मुझे 14,55,000 रु. दिया था। मैं कोई कर्जदार नहीं था। मैंने 6 लाख रु. का माल बेचा था। कोई भी तुम्हारे पास हजार रु. लेने का भी हकदार नहीं। मैंने किसी शौक से शराब नहीं शुरू की। मेरी कमजोरियों को काली शक्ति ने भरपूर उपयोग किया है। मैं कभी नहीं चाहता था कि आप और सास-ससुर को तकलीफ दूं। लेकिन कुछ परिस्थितियां मेरे ऊपर हावी होती चली गईं। मैं कई बार गिरा और उठा लेकिन हारा नहीं। लेकिन यह स्थितियां दिनों-दिन बढ़ती जा रही हैं। मम्मी तुम तो सब जानती हो।

काली शक्तियां आसानी से पीछा नहीं छोड़ती

सुसाइड नोट के लास्ट में लिखा- जीज्ञेश भाई! अब यह आपकी जवाबदारी है। शेर अलविदा कह रहा है। जीज्ञेश कुमार, तुषार भाई तुम दोनों कुणाल की इस स्थिति को देखा है। लेकिन कोई कुछ नहीं कर सका। लेकिन मां जितनी कविता कर सकती थी उसने की। उसे यकीन था कि कुलदेवी उसे बचाकर बाहर निकाल लेंगी लेकिन काली शक्तियां आसानी से पीछा नहीं छोड़तीं।

किसी ने फोन नहीं उठाया तो हुई आशंका...

मंगलवार रात को नरोडा के हरिदर्शन चार रास्ता के नजदीक कुणाल, कविता और उसकी 16 साल की बेटी श्रीन, बुजुर्ग मां जयश्रीबेन के साथ किराए के फ्लैट में रहता था। पिछले 24 घंटे में उनके घर के अलग-अलग लोगों और संबंधियों ने फोन किया लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद लोगों को आशंका हो गई। इसके बाद लोगों ने नरोडा पुलिस से संपर्क किया। जब पुलिस पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़ा तो देखा कुणाल फंदे पर लटक रहा था जबकि मां-बेटी की बॉडी बेडरूम में पड़ी थी। वहीं, बुजुर्ग मां बेहोशी की हालत में थी। नरोडा पुलिस ने कहा- वो मामले की जांच कर रही है।