गुजरात / लाजपोर जेल में जेलकर्मी ने कैदी को इतना पीटा कि उसकी दोनों किडनी हो गई डैमेज

सिविल अस्पताल में इलाजरत आरोपी, इसकी दोनों कैदी हो गई है डैमेज।

  • भिड़े कैदी और जेलकर्मी एक दिन पहले ही पिटाई से परेशान तीन कैदियों ने किया था जेलकर्मी पर हमला
  • 30 नवंबर को कैदी की जेल सहायक ने की थी पिटाई
  • पुलिस कह रही- शिकायत ही नहीं मिली, कैसे करें कार्रवाई

Dainik Bhaskar

Dec 21, 2018, 11:46 AM IST

सूरत. लाजपोर जेल में एक कैदी के साथ जेलकर्मी द्वारा की गई पिटाई से उसकी दोनों किडनी डैमेज हो गई है। डॉक्टरों का कहना है कि जांच में पता चला है कि पिछले कई दिनों से की जा रही पिटाई की वजह से पीड़ित की किडनी डैमेज हुई है। इस मामले में अब तक आरोपी जेलकर्मी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस का कहना है कि जब तक आरोपी जेलकर्मी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दर्ज कराई जाती तब तक वह कार्रवाई कैसे कर सकते हैं।

पीड़ित व्यक्ति की जमानत हो गई है और उसका इलाज सिविल में चल रहा है। वहीं, बुधवार को फिर से जेल में मारपीट की घटना सामने आई, जिसमें तीन कैदियों ने भी जवाबी हमला कर दिया, जिसमें तीनों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई। बताया जा रहा है कि रोज-रोज की मारपीट से तंग आकर तीनों कैदी जेल सहायक से भिड़ गए थे। उधर पीड़ित परेश गोधानी ने बताया कि उसे जेल के बैरक नंबर बी/4/4 में बंद किया गया था। इसी बीच 30 नवंबर 2018 को जेल में ही दवाखाने के बाहर मोरी नामक जेल सहायक ने उसे डंडे और मुक्के से बुरी तरह पीटा।

इससे पहले भी उसके साथ मारपीट की जाती थी। इसके बाद उसके पेट में अचानक से दर्द उठा तो जेल के दवाखाने में ही इलाज के लिए ले जाया गया। राहत नहीं मिली तो 6 दिसंबर को सिविल अस्पताल में जांच के लिए ले गए। जहां प्राथमिक जांच के बाद वापस से जेल भेज दिया गया। सिविल में 13 दिसंबर को परेश रिपोर्ट निकलवाने के लिए लाया गया, जहां डॉक्टरों ने कहा कि उसकी दोनों किडनी में सूजन व चोट की वजह से डैमेज हो गई है। उसके लिए अब किडनी ट्रांसप्लांट ही रास्ता है। 18 दिसंबर को परेश की जमानत होने के बाद उसे सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उसके किडनी का डायलिसिस किया जा रहा है।


भूल से अकाउंट में आए थे पैसे, नहीं लौटाने के आरोप में जेल में था बंद
परेश सूरत में लेश पट्टी का काम करता था। कुछ महीने पहले बैंक द्वारा उसके अकाउंट में गलती से 20 लाख रुपए जमा हो गए थे। इसके बाद परेश ने उसमें से चार लाख रुपए निकाल लिए थे। बैंक ने परेश को पैसे लौटने को कहा मगर आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वो पैसे नहीं लौटा पाया और उसे जेल हो गई।

अगर कोई शिकायत करने आएगा तो कार्रवाई करेंगे: सचिन पीआई
सचिन इलाके में आने वाले लाजपोर जेल में बुधवार को एक कांस्टेबल पर तीन कैदियों द्वारा हमला करने के बाद सचिन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया। सचिन इंचार्ज पीआई एमवी बतूल ने बताया कि परेश के मामले के बारे में उनके पास कोई जानकारी नहीं आई है। अगर इस विषय में कोई भी शिकायत आती है तो जरूर मामला दर्ज किया जाएगा।

इतना पीटा कि अब ट्रांसप्लांट ही हो सकता है, इलाज नहीं
सिविल अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि परेश की जांच में साबित हुआ है कि उसकी दोनों किडनी बुरी तरह डैमेज हाे चुकी हैं। किडनी में सूजन व चोट के निशान भी मिले हैं। साबित होता है कि उसके साथ कई दिनों से मारपीट की जा रही थी। अब उसको बचाने का एकमात्र उपाय किडनी ट्रांसप्लांट ही है।

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