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हरियाणा/ चौटाला बोले- गद्दारों का समर्थन नहीं, पत्नी स्नेहलता ने कहा- दिग्विजय-दुष्यंत जैसे बच्चे पैदा न हों

Dainik Bhaskar | Jan 22, 2019, 12:11 PM IST
ओमप्रकाश चौटाला को जय प्रकाश अस्पताल से तिहाड़ में शिफ्ट करते कर्मी

  • तिहाड़ जेल प्रशासन ने पूर्व सीएम व इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला की फरलो की तारीख 29 जनवरी की
  • पति की पैरोल तारीख बढ़ने पर मेदांता में भर्ती पत्नी स्नेहलता पहली बार पारिवारिक कलह पर बोलीं

Dainik Bhaskar

Jan 22, 2019, 12:11 PM IST

जींद. तिहाड़ जेल प्रशासन ने पूर्व सीएम व इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला की फरलो की तारीख 22 से बढ़ाकर 29 जनवरी कर दी है। अब वे जींद उपचुनाव में 28 तारीख की वोटिंग के अगले दिन बाहर आएंगे। उन्हें सोमवार देर शाम लोक नारायण जय प्रकाश अस्पताल से तिहाड़ शिफ्ट कर दिया गया।

 

चौटाला आवाज से बीमार लग रहे थे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘आप पार्टी वालों ने जेजेपी से मिलकर साजिश रची है, ताकि मैं जींद में प्रचार न कर सकूं।’ जब उनसे पूछा गया कि दिग्विजय-दुष्यंत का समर्थन करेंगे तो बोले, ‘मैं गद्दारों और देशद्रोहियों का समर्थन नहीं करता। मेरी पार्टी इनेलो का उम्मीदवार उमेद सिंह रेढू है। तन-मन-धन से उनकी मदद करूंगा।’ उधर, गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती ओपी चौटाला की पत्नी स्नेहलता ने पहली बार पारिवारिक कलह पर बयान दिया।

 

पति की पैरोल की तारीख बढ़ाने पर दुखी मन से वे बोलीं, ‘दिग्विजय और दुष्यंत जैसे बच्चे तो किसी के पैदा ही ना हों। हों तो रहें ना।’ इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा, ‘जींद में आप पार्टी जेजेपी को समर्थन देती है। कुछ ही देर बाद दिल्ली सरकार फरलो रद्द करती है। यह दुर्भावना से किया गया है। जो लोग अपने दादा के नहीं हो सके, वे प्रदेश की जनता के क्या होंगे। जेल प्रशासन के फैसले के खिलाफ मंगलवार को वकीलों से बात करके कोर्ट में चुनौती देंगे। इससे पहले आप के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार गुप्ता ने जेजेपी को समर्थन देने का ऐलान किया।

 

मैं बीमार हूं, मुझे जबरदस्ती अस्पताल से निकाला जा रहा है :

दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल से जब चौटाला को तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया गया तो उन्होंने कहा कि साजिश के तहत उनकी फरलो रद्द कराई गई है।  पूछा गया कि दुष्यंत व दिग्विजय का समर्थन करेंगे तो उन्होंने कहा, ‘मैं गद्दारों और देशद्रोहियों का समर्थन नहीं करता। इनेलो का उम्मीदवार उमेद रेढू है।’  स्वास्थ्य संबंधी सवाल पर कहा, ‘मैं स्वस्थ नहीं हूं। मुझे जबरदस्ती अस्पताल से निकाला जा रहा है।  जींद की राजनीति पर कहा, ‘जींद मेरे पिताजी का राजनीतिक क्षेत्र है और वहां के लोग पूरी तरह समर्पित हैं। मैं लोगों से अपने उम्मीदवार के पक्ष में वोट करने की अपील करता हूं।’
 

 

मैं मर जाऊं तो भी वो चारों मेरी अर्थी को हाथ भी न लगाएं, मुझे देखने भी न आएं :

गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में एडमिट ओपी चौटाला की पत्नी स्नेहलता ने कहा कि 'पता नहीं दुष्यंत दिग्विजय जैसे अपने को क्या समझते होंगे, पर उन जैसा नालायक बच्चा किसी के पैदा न हो। अगर किसी के घर में हो गया तो सत्यानाश ही हो जाएगा, हमारा ताे कर दिया उन्होंने। ये तो सब को पता है किसने क्या किया है। रैली में जो धक्का-मुक्की हुई थी, वो भी किसी से छुपी हुई नहीं है। वो तो अपने दादा को गिराना चाहते थे, ताकि उनके पैर-हाथ टूट जाएं। दुष्यंत जैसा, दिग्विजय जैसे नालायक किसी के पैदा ही ना हों और हों तो रहें ना। मैं तो आखिरी में यही कहती हूं कि मैं मर जाऊं तो वो चारों मेरी अर्थी के भी हाथ न लगाएं और मुझे भी देखने भी न आएं, मैं इतनी दुखी हूं उनसे। और मेरे से क्या पूछोगे। (इसके बाद वे रोने लगीं।)’  

फरलो रद्द नहीं हुई, खुद करवाई गई, क्योंकि चुनाव प्रचार न करने की थी शर्त : हिसार के सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि अगर हम इतने ताकतवर होते तो हमारे नेता डॉ. अजय सिंह चौटाला को ही दोबारा छुट्टी पर ले आते। हम जींद उपचुनाव में बड़ी जीत हासिल करने जा रहे हैं और उनकी जमानत नहीं बचने वाली।

 

हमारी जानकारी के अनुसार दादा ओमप्रकाश चौटाला जी की इस शर्त के साथ फरलो मंजूर हुई थी कि वे कोई राजनीतिक गतिविधि या चुनाव प्रचार नहीं करेंगे। संभव है इस शर्त को देखते हुए उन लोगों ने खुद ही फरलो रद्द करवा दी हो, क्योंकि खबरें आ रही थीं कि वे प्रचार करने जींद आएंगे। शर्त वाली फरलो मिलने का आदेश तो मीडिया में है, लेकिन रद्द होने का आदेश कहीं नहीं है। इससे तो यही लगता है कि फरलो रद्द हुई नहीं, खुद करवाई गई है।

 

पैरोल डीजी ने बढ़ाकर 29 से की, इसमें कुछ गलत नहीं : एडिशनल आईजी और तिहाड़ जेल प्रवक्ता राजकुमार का कहना था कि इस मामले में कुछ भी गलत नहीं है। ओमप्रकाश चौटाला को पहले 22 जनवरी से पैरोल देेने का निर्णय दिया गया था, पर काॅम्पिटेंट ऑफिसर (डीजी तिहाड़) के द्वारा उनके पैरोल को बढ़ाकर 29 जनवरी से कर दिया गया है। अब चौटाला 29 जनवरी को पैरोल पर बाहर जाएंगे।

मेदांता अस्पताल में भर्ती ओपी चौटाला की पत्नी स्नेहलता

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