फूड / देशों की सीमाओं से परे हैं पकौड़े, हर देश में अलग-अलग नाम से खाए जाते हैं भजिये

Dainik Bhaskar

Sep 15, 2019, 05:22 PM IST

हेल्थ डेस्क. बारिश के मौसम में इन दिनों सबसे लोकप्रिय स्नैक अगर कोई है तो वह है चाय या कॉफी के साथ पकौड़े। उत्तर से लेकर दक्षिण तक, हर जगह गली-नुक्कड़ पर फूड वेंडर्स पकौड़े बेचते मिल जाएंगे। पकौड़े को कहीं भजिया बोलते हैं तो कहीं भज्जी भी। अंग्रेजी जानने वाले नफासती किस्म के लोग इन्हें ‘फ्रीटर्स’ कहते हैं। लेकिन हम हिंदुस्तानियों को जो फीलिंग पकौड़े या भजिये नाम में मिलती है, वह फ्रीटर्स में कहां! वैसे इसे किसी भी नाम से पुकारे, इसके चाहने वाले दुनियाभर में मिल जाएंगे। आज बात इंडियन पकौड़े के बजाय अन्य देशों में मिलने वाले पकौड़ों (फ्रीटर्स) की करेंगे। शेफ और फूड राइटर हरपाल सिंह सोखी बता रहे हैं विभिन्न देशों में खाए जाने वाले पकौड़ों के बारे में...

वेज, नॉन-वेज के अलावा कई तरह से बनाएं जाते हैं पकौड़े

  1. दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों जैसे इंडोनेशिया, मलेशिया, दक्षिणी थाईलैंड और वियतनाम में पकौड़ों को ‘क्युकुर’ या ‘कुये क्युकुर’ कहते हैं। ये घरों में तो खाए ही जाते हैं, गली-नुक्कड़ों पर भी खूब बेचे जाते हैं। ब्रुनेई में पकौड़ों को ‘जेम्पुट-जेम्पुट’ कहा जाता है। कुछ लोग ‘कोकोडॉक’ भी कहते हैं। इनका आकार प्राय: गोल होता है। कई लोग केवल बेसन के आटे से बनाते हैं तो कुछ लोग इसमें केले, मक्का, प्याज या प्रॉन मछली भी मिला देते हैं। मीठे पकौड़े (पुवे) जैसी डिश होती है ‘कुइह पेंजारम’। इसे चावल के आटे और पॉम शुगर से बनाया जाता है। थाईलैंड की शादियों में इसका खास सांस्कृतिक महत्व है। वहां की शादियों में इसे परोसने के पीछे यह विश्वास रहता है कि इससे नवदंपती के बीच प्यार पनपेगा और उनके संबंध जिंदगी भर के लिए प्रगाढ़ बने रहेंगे। 
     

  2. इंडोनेशिया में ‘बाकवॉन’ नामक पकौड़े हर जगह गली- नुक्कड़ों पर फूड वेंडर्स की दुकानों पर मिल जाएंगे। इसमें चावल के बैटर में अंकुरित बीन्स और कतरी हुई पत्ता गोभी व गाजर मिलाकर उन्हें तेल में क्रिस्पी होने तक तल लिया जाता है। इसी तरह की डिश है ‘पिसांग’। साधारण आटे, चावल के आटे और ब्रेड के चूरे को मिलाकर बैटर बनाया जाता है और उसमें केले के टुकड़े लपेटकर उन्हें पाम ऑइल में अच्छी तरह से तल लिया जाता है। ये प्राय: इवनिंग स्नैक के तौर पर चाय या कॉफी के साथ खाए जाते हैं। इंडोनेशिया (और अन्य दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में भी) में एक अन्य पॉपुलर पकौड़ा है ‘टेम्पेह’। इसमें टोफू को तेल में तब तक फ्राई किया जाता है, जब तक कि वह गोल्डन ब्राउन कलर का न हो जाए। 

  3. पकौड़े का एक और प्रकार है ‘पर्कीडेल’ जिसे बनाने के लिए आलू, मांस, मक्का/टोफू, हरे प्याज और अंडों का इस्तेमाल किया जाता है। इसे बनाने की प्रक्रिया थोड़ी जटिल और लंबी है। पहले आलू की स्लाइस को डीप फ्राई किया जाता है। इस डीप फ्राइड आलू को फिर मांस और मक्के या टोफू के साथ अच्छी तरह से मिक्स कर लिया जाता है। इस मिक्सचर में बारीक पिसा हुआ प्याज मिला लिया जाता है। इस पर व्हाइट पेपर पाउडर छिड़ककर इस मिश्रण के चपटे और राउंड आकार में टुकड़े कर लिए जाते हैं। इन टुकड़ों को अंडे की सफेदी (अंडे के अंदर का लिक्विड) में डुबोकर डीप फ्राइड कर लिया जाता है। इस तरह तैयार होता है पर्कीडेल। 

  4. जापान में भी पकौड़े जैसी कई डिशेज प्रचलन में हैं। इनमें से एक है ‘टेम्पुरा’। इसे प्याज, गाजर या अन्य स्थानीय सब्जियों या सी-फूड से बनाया जाता है। मक्के के आटे, अंडे के याक (पीले भाग) और बैकिंग सोडा में फ्रीज का ठंडा पानी मिलाकर बैटर बनाया जाता है। फिर इसमें सब्जियों को स्लाइस करके या सी- फूड को लपेटकर उन्हें तेल में तल लिया जाता है। 

  5. कोरियाई कुजीन में ‘ट्विगिम’ नाम से फ्रीटर या पकौड़े बनाए जाते हैं। ‘डाक ट्विगिम’ में चिकन लेग्स को विभिन्न मसालों से लपेटकर डीप फ्राइड किया जाता है। फ्राइड चिकन पर फिर ब्रश के जरिए सॉस लगाकर उसे परोसा जाता है। इसी तरह के और भी कई तरह की पकौड़ा डिश वहां प्रचलन में हैं जैसे गिम मारी ट्विगिम, गोगुमा ट्विगिम, गुल ट्विगिम, ओजिनजियो ट्विगिम आदि। इन्हें शकरकंद, झींगा, ओयस्टर आदि से बनाया जाता है।

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