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स्टडी / जिन महिलाओं का 3 से ज्यादा बार गर्भपात हुआ था, उनके पतियों को योग कराया; 7 महिलाएं मां बनीं

  • स्वस्थ रहने के अलावा संतान सुख हासिल करने के लिए भी मददगार बन रहा है योग और मेडिटेशन
  • एम्स में 30 पुरुषों पर 21 दिन तक की गई स्टडी, योग से स्पर्म काउंट में बढ़ोतरी हुई

Dainik Bhaskar

Apr 22, 2019, 12:30 PM IST

नई दिल्ली.योग और मेडिटेशन के जरिए स्वस्थ रहने के बारे में तो आपने खूब सुना होगा। लेकिन शायद ही कभी यह सुना हो कि इसके जरिए संतान सुख भी मिल सकता है। दिल्ली के एम्स में हुई एक स्टडी में यह बात सामने आई है। इसमें बताया गया कि पुरुष के योग और मेडिटेशन करने का सकारात्मक असर उसके खराब होते डीएनए, आरएनए, प्रोग्रेसिव मोटेलिटी (शुक्राणु) और उन तमाम चीजों पर पड़ता है। जिसके जरिए एक महिला गर्भवती होकर स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती है।

स्टडी के बाद 7 महिलाओं ने सामान्य ढंग से स्वस्थ बच्चे को जन्म भी दिया। यह स्टडी इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के रिसर्च जर्नल आईजेएमआर और एशियन पेसिफिक जर्नल ऑफ कैंसर प्रिवेंशन (एपीजेसीपी) में प्रकाशित हो चुकी है। यह स्टडी उन महिलाओं के पतियों पर की गई, जिनका प्रेग्नेंसी के 20 सप्ताह के अंदर तीन या फिर उससे ज्यादा बार गर्भपात हो गया था। 30 पुरुषों पर 21 दिन तक की गई स्टडी के बाद चौंकाने वाले परिणाम सामने आए।

एम्स में 30 पुरुषों पर 21 दिन तक की गई स्टडी, योग से स्पर्म काउंट में बढ़ोतरी हुई

प्रोग्रेसिव मोटेलिटी में बढ़ोतरी के साथ ही डीएनए और आरएनए में सुधार दिखाई दिया। स्टडी के दौरान उन्हें रोज 1 घंटा योगासन और मेडिटेशन कराया गया। इसमें करीब 10 तरह के आसन और 5 तरह के प्राणायाम शामिल थे। स्टडी में बताया गया है कि योगासन और प्राणायाम से डीएनए की क्वालिटी और आरएनए में सुधार हुआ। इस दौरान पुरुषों से सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, अर्ध चक्रासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, पश्चिमोत्तानासन, भुजंगासन, मत्यासन, कपालभाती, भ्रामरी, शवासन जैसे आसन कराए गए थे।

डीएनए-आरएनए ठीक करने में सहायक है योग

डॉक्टर रीमा दादा ने बताया कि कई शोधों से पता चला है कि महिला के 20 सप्ताह से पहले 3 या फिर उससे ज्यादा बार गर्भपात होने की वजह पुरुष भी होते हैं। स्टडी में शामिल पुरुषों को 21 दिन तक योग और प्राणायाम की प्रैक्टिस कराई गई। इनके स्पर्म काउंट और प्रोग्रेसिव मोटेलिटी मेंे बढ़ोतरी हुई है। योग और प्राणायाम डीएनए और आरएनए डैमेज ठीक करने में सहायक हैं। महिला का गर्भवती होकर स्वस्थ बच्चे को जन्म देना आसान हो जाता है।

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