प्रतिभा / चेहरा देखकर खुलेगा दफ्तर या घर का दरवाजा, 'लर्निंग मशीन' बनाने वाली टीम को पहला इनाम

मशीन के साथ नमन।

  • यूआईईटी स्टूडेंट्स ने जीता डीलाॅयट हैकाथाॅन
  • इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) की थीम पर हैदराबाद में हुआ हैकाथाॅन

Dainik Bhaskar

Apr 20, 2019, 10:35 AM IST

चंडीगढ़.बायाेमैट्रिक में साइन काॅपी हाे सकता है, आरएफआईडी में भी गड़बड़ हाे सकती है, लेकिन चेहरे से मशीन काे बेवकूफ बनाना आसान नहीं हाेता। लर्निंग मशीन में चेहरे के 64 पॉइंट हाेते हैं, जाे हर चेहरे काे बाकियाें से अलग करते हैं। इसी काे ध्यान में रखकर यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) की टीम ने तैयार किया था एक सिस्टम। इस पर स्टूडेंट्स काे नेशनल लेवल पर पहला स्थान मिला है, बल्कि उन्हें जाॅब भी मिली है।

इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) की थीम पर हैदराबाद में आयोजितहैकाथाॅन टेक्नाेत्सव तुषार श्रीवास्तव, युवराज और नमन अग्रवाल की टीम ने जीता है। उन्हाेंने ऐसा सिक्याेरिटी सिस्टम बनाया है, जिसमें हर चेहरे का रिकाॅर्ड डाटा बेस में रखा जाएगा। इसी के जरिए ऑफिसेज या घर में एंट्री हाेगी। यूआईईटी की इस टीम को 75000 रुपए का प्राइज मिला है। उन्होंने इंट्रूडर डिटेक्शन बनाया है, जाे फेस डिटेक्शन टेक्नीक पर आधारित है। मशीन लर्निंग औरआईआईटी के लिए तुषार आईटी छठवेंसेमेस्टर के स्टूडेंट्स हैं, जबकि युवराज और नमन सीएस 6 सेमेस्टर के स्टूडेंट्स हैं।

हैदराबाद में 15 और16 अप्रैल को हुए इस कंपीटिशन में लगभग 14000 पार्टिसिपेंट्स पहुंचे थे। चार ऑनलाइन राउंड के बाद एप्टिट्यूड टेस्ट के आधार पर 32 टीमें फिनाले के लिए शॉर्टलिस्ट हुई थीं। हैकाथाॅन के लिए तीन थीम थे। डाटा साइंस एंड मशाीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, काग्नीटिव ऑटाेमेशन और ब्लाॅकचैन भी थे। साक्षी भाखड़ा, रिद्धिमा सिंगला और सारा मेहता की भी छठवेंसेमेस्टर स्टूडेंट्स हैं, जिनकाे इसके फाइनल राउंड में जगह मिल पाई थी।

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