जमीन / दो मरले जमीन को लेकर रिटायर्ड तहसीलदार ब्लॉक माजरी, पटवारी और बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज

  • धोखाधड़ी से किसी के हिस्से की जमीन का इकरारनामा बहामी तक्सीम के जरिए इंतकाल करवाया

  • न्यू चंडीगढ़ के गांव ढोडेमाजरा की जमीन का मामला, ईओ विंग की रिपोर्ट की जांच पर कार्रवाई

Dainik Bhaskar

Apr 18, 2019, 11:30 AM IST

मोहाली.मुल्लांपुर पुलिस ने न्यू चंडीगढ़ के गांव ढोडेमाजरा की करीब दो मरले जमीन का जाली तरीके से इकरार बहामी तक्सीम बनवा कर जमीन का तक्सीम इंतकाल हिस्सेदार को बताए बिना करवाने के मामले में केस दर्ज किया है। इसको लेकर एसडीएम खरड़ कोर्ट में भी केस चला था। शिकायतकर्ता शर्मीला देवी निवासी अंबाला सिटी की शिकायत पर पुलिस ने इस मामले में धोखाधड़ी, कागजों से छेड़छाड़ और साजिश का केस दर्ज किया है।

पुलिस ने एफआईआर में तत्कालीन नायब तहसीलदार (अब रिटायर्ड) ब्लॉक माजरी तरसेम शर्मा, पटवारी बलजीत सिंह, मैसर्ज अंबिका रियल कोण प्राइवेट लिमिटेड ढोडेमाजरा मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) के डायरेक्टर्स एवं मालिक, कंबिटिक ग्लोबल कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड 2227/7 चुना मंडी पहाड़गंज नई दिल्ली के डायरेक्टर एवं मालिक और इसी कंपनी के कर्मचारी बलजीत सिंह निवासी मोरिंडा, विपिन जैन निवासी सेक्टर-16 मकान नंबर- 3219 सोनीपत सिटी, हरियाणा को आरोपी बनाया है। अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

अंबिका के डायरेक्टर रितेश सहगल ने कहा कि ये केस पूरी तरह से गलत दर्ज किया गया है। ये विरोधी कंपनियों के दबाव में बदनाम करने के लिए किया गया है। जमीन का कोई भी विवाद नहीं है। सभी कागजात व हिस्सेदार सही हैं। जो विवाद है वह कुछ गज जमीन को लेकर है जो पहले ही एक साइड पर प्रोजेक्ट में छोड़ कर रखी गई है। बाकी पूरा प्रोजेक्ट सही है। वहीं, दूसरी कंपनी कंबिटिक के डायरेक्टर से संपर्क नहीं हो पाया।

एसएचओ मुल्लांपुर राजेश अस्थीर ने बताया कि ईओ विंग की जांच पर केस दर्ज किया है। शर्मीला देवी पुत्री राममूर्ति ने एसएसपी मोहाली को अपने गांव ढोडेमाजरा की जमीन की तक्सीम बहामी व इंतकाल उनकी हाजिरी के बिना किए जाने की शिकायत की थी। जिसकी जांच इकोनॉमिक ऑफेंस विंग को दी गई थी। ईओ विंग की जांच के बाद मुल्लांपुर पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया है।

जांच में पाया गया है कि शर्मीला देवी के हिस्से की जमीन से संबंधित इकरारनामा बहामी तक्सीम राममूर्ति विधवा गुलाब सिंह जो शर्मीला की माता और अंबिका व कॉम्बिटिक के बीच किया है। वो फर्जी तौर पर शर्मीला देवी की सहमति और उसके हस्ताक्षरों के बिना तैयार किया है। उक्त कंपनी ने अपने फायदे के लिए धोखाधड़ी से इसे तैयार किया पाया गया है।

इस इकरारनामे की जांच से ये भी सामने आया कि इसमें राममूर्ति का जिक्र किया है। जबकि शर्मीला देवी और उसकी दो बहनों जो बराबर की हिस्सेदार हैं उनका जिक्र नहीं है। जबकि कंपनी ने जो जांच में तथ्य पेश किए, उसमें कहा गया राममूर्ति के किसी प्रतिनिधि ने तैयार करवाया था। उसने ही हस्ताक्षर करवा कर देने थे। जांच में कंपनी के ये तथ्य सही साबित नहीं हुए। क्याेंकि इकरारनामा सिर्फ राममूर्ति नेे ही तैयार करवाया दिखाया है। 1 जून, 2015 को शर्मिला देवी की सहमति, उसकी हाजिरी और हस्ताक्षरों के बिना ही इंतकाल नंबर-1139 पर दर्ज व मंजूर कर दिया गया। ये इंतकाल गांव ढोडेमाजरा के खसरा नंबर-7//7/7(5-7)4(8-0)5/2(2-9) इस जमीन में हिस्सा 0 कनाल 1 2/3 मरला( जो करीब दो मरले) है। इंतकाल कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए कंपनी के नुमाइंदे बलजीत सिंह और विपिन जैन ने रेवेन्यू विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से ये इंतकाल मंजूर करवाया।

हलका पटवारी बलजीत सिंह ने बताया कि ये इंतकाल उस समय के नायब तहसीलदार तरसेम शर्मा के कहने पर शर्मिला देवी की गैरहाजिरी में दर्ज किया गया था। उसने यह भी कहा कि दर्ज करते समय तहसीलदार ने उसे बाहर भेज दिया था। इस कारण इस इंतकाल को रोजनामचे में दर्ज नहीं किया गया। जांच में तत्कालीन रिटायर्ड नायब तहसीलदार के मौजूदा तहसीलदार की ओर से भी अपने बयान के साथ ऐसा कोई सुबूत नहीं पेश कर पाए।

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