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चंडीगढ़ / बेसहारा बुजुर्गों के लिए बनाया पार ब्रह्म आसरा

  • डेराबस्सी के पास लगते गांव तोगांपुर में बनाए गए इस ओल्ड एज होम में 56 बुजुर्गों के रहने की है व्यवस्था
  • बुजुर्गों के व्यस्त रहने के लिए गेम्स औरलाइब्रेरी भी,आसरा देने से पहले की जाएगी बुजुर्गों और उनके बच्चों की काउंसलिंग

Dainik Bhaskar

Apr 18, 2019, 04:00 PM IST

चंडीगढ़. एक शायर सेक्टर-15 स्थित आेल्ड एज होम में मुशायरे के लिए गया। वहां मौजूद बुजुर्गों को अपनी रचनाएं सुनाईं तो उनके लिए कुछ और करने का मन किया। परयह मौका उन्हें मिल हीजाएगा, ये शायर ने कभी नहीं सोचा था।इस ख्याल को हकीकत करने का ख्यालशायर के मन में तब आया जब वह रात नौ बजे एक अस्पताल के गेट के बाहर एक बुजुर्ग से मिला जो काफी परेशान था।

कारण पूछा तो पता चला कि उसका बेटा उसे सुबह अस्पताल दिखाने आया और वापस लेने के लिए नहीं लौटा। तब वहीं खड़े एक आदमी ने शायर से कहा कि ऐसे बहुत से लोग हैं, जो अपने मां-बाप को इसी तरह से छोड़ जाते है। बस तब से शायर ने ठान लिया था उस खयालको हकीकत में बदलने का। उसके बाद डेराबस्सी के पास लगते गांव तोगांपुर में ओल्ड एज होम- पार ब्रह्म आसरा बना डाला।इस शायर का नाम अशोक भंडारी नादिर है जोएक समाज सेवक भी हैं।

56बुजुर्गों के रहने का है इंतजाम: अशोक ने बताया कि इस आसरा में 50 बुजुर्गाें के रहने का इंतजाम है। उनके व्यस्त रहने के लिए गेम्स और लाइब्रेरी भी बनाई है। इसमें उन्होंने खुद से कलेक्ट कीं 2500 किताबें रखी हैं। इस शनिवार से यहां 3 बुजुर्ग रहने के लिए आ रहे हैं। कुछ समय बाद 6 अाैर। सबसे पहले कोशिश रहेगी कि उनके बच्चों और उनकी काउंसलिंग की जाए ताकि ओल्ड एज होम में रहने की नाैबत ही ना आए।

जेनरेशन गैप भी आ जाता है आढ़े: अशोकने बताया कि उन्होंने एक बुजुर्ग व उसके परिवार वालों की काउंसलिंग भी की है। बात 99 प्रतिशत बन गई है। जो भी यहां रहने के लिए आया उनकी जांच-पड़ताल भी की। इस दौरानसामने आया कि बच्चों की गलती तो कई जगह होती है लेकिन कई बार बुजुर्ग भी बच्चों को जेनरेशन गैप की वजह से नहीं समझ पाते।

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