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पंजाब/ एसीआर में मुख्यमंत्री की टिप्पणी से प्रमोशन रुकने का था खतरा, हाईकोर्ट पहुंचे खेमका, नोटिस जारी

Dainik Bhaskar | Jan 21, 2019, 07:18 AM IST
हरियाणा के सीनियर आईएएस अशोक खेमका

  • आईएएस अधिकारी का सरकार से फिर टकराव
  • सीएम मनोहर लाल ने खेमका के अंक घटाते हुए की थी टिप्पणी 

Dainik Bhaskar

Jan 21, 2019, 07:18 AM IST

चंडीगढ़. अकसर विवादों में रहने वाले हरियाणा के सीनियर आईएएस अशोक खेमका फिर सरकार के साथ टकराव की राह चल पड़े हैं। इस बार मामला उनकी 2016-17 की वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (एसीआर) से जुड़ा है। एसीआर में सीएम मनोहर लाल ने खेमका के अंक घटाते हुए प्रतिकूल टिप्पणी की थी। इससे पदोन्नति रुकने का खतरा देख खेमका ने कैट (केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण) में अर्जी लगाई, लेकिन वहां से कोई राहत नहीं मिली। अब उन्होंने अपने एडवोकेट बेटे श्रीनाथ ए खेमका के जरिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस पर न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की खंडपीठ ने मुख्य सचिव के जरिए प्रदेश सरकार को नोटिस भेजा है। मामले की सुनवाई अगले माह होगी।
 

मंत्री ने 9.92 अंक दिए, 9 अंक देकर सीएम ने लिखा- उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर दर्शाया :

1991 बैच के आईएएस अशोक खेमका ने 7 जून 2017 को वर्ष 2016-17 के लिए एप्रेजल भरा था। इसमें मुख्य सचिव डीएस ढेसी  ने उन्हें 10 में से 8.22 नंबर दिए। 27 जून को खेल एवं युवा मामलों के मंत्री अनिल विज ने उन्हें 10 में से 9.92 अंक देते हुए टिप्पणी की है कि कैबिनेट मंत्री के रूप में उन्होंने 3 साल में 20 से अधिक आईएएस अफसरों के साथ काम किया, लेकिन कोई भी अधिकारी खेमका के करीब नहीं था। खेमका की योग्यता, सच्चाई, ईमानदारी का कोई सानी नहीं। 31 दिसंबर 2017 को खेमका की एप्रेजल रिपोर्ट सीएम मनोहर लाल के पास पहुंची। सीएम ने खेमका के नंबर काट दिए और 10 में से 9 अंक दिए। साथ लिखा कि खेमका पर विज की रिपोर्ट में थोड़ा बढ़ा-चढ़ाकर वर्णन किया गया है।
 

टिप्पणी हटाने और 9.92 अंक बहाल करने की मांग :

दरअसल एसीआर में 10 में से 9 अंक होने के बावजूद सीएम की टिप्पणी से खेमका की केंद्र में अतिरिक्त सचिव के रूप में पदोन्नति प्रभावित हो सकती है। एक बैच से केवल 20 फीसदी आईएएस अफसरों को उच्च स्तर के लिए प्रमोट किया जाता है। मुख्यमंत्री की टिप्पणी खेमका के खिलाफ काम करेगी। पदोन्नति प्रभावित होती देख पहले तो खेमका ने कैट में अर्जी लगाई। वहां से कोई राहत न मिलने के बाद हाईकोर्ट में याचिका लगाते हुए अपनी मूल्यांकन रिपोर्ट से सीएम की टिप्पणी हटाने और विज द्वारा दिए 9.92 नंबर बहाल कराने की मांग की है।

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