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सर्जिकल स्ट्राइक/ कुत्ते न भौंके इसलिए तेंदुए की यूरिन ले गए, इससे ऑपरेशन सफल रहा

Dainik Bhaskar | Sep 12, 2018, 03:02 PM IST
लेफ्टिनेंट जनरल आरआर निम्भोरकर सर्जिकल स्ट्राइक के वक्त नगरोटा कॉर्प्स के कमांडर थे। -फाइल
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  • उड़ी हमले में 21 जवान शहीद हुए, सर्जिकल स्ट्राइक जवाबी कार्रवाई थी

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 03:02 PM IST

पुणे. उड़ी आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने 29 सितंबर 2016 को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सर्जिकल स्ट्राइक की थी। इसकी अगुआई करने वालेलेफ्टिनेंट जनरल आरआर निम्भोरकर ने ऑपरेशनसे जुड़ा एक किस्सा सुनाया।


निम्भोरकर ने मंगलवार को पुणे में एक कार्यक्रम में बताया, "हमें पूरी आशंका थी कि जब हम कार्रवाई करेंगे तो जंगली कुत्ते हम पर भौकेंगे। लेकिन मुझे ये पता था कि कुत्ते तेंदुए से डरते हैं। इसलिए हम अपने साथ तेंदुए की यूरिन ले गए। हमारी योजना सफल रही। कुत्तेआगे आने से भी डरते रहे।"


तीन किलोमीटर घुसकर आतंकी ठिकाने किए थे ढेर : 18 सितंबर 2016 को उड़ी में सैन्य शिविर पर आतंकी हमला हुआ। 21 जवान शहीद हुए। 11 दिन बाद 29 सितंबर को भारतीय सेना ने एलओसी पार कर तीन किलोमीटर अंदर तक जाकर आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की। सर्जिकल स्ट्राइक में रॉकेट लॉन्चर, मिसाइल और छोटे हथियार इस्तेमाल किए गए। इसी साल जून में सर्जिकल स्ट्राइक का एक वीडियो भी सामने आया था।