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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रेप के मामले में सुनाया ऐसा फैसला जो पहले शायद ही किसी ने सुनाया हो

अनूठा फैसला : हाईकोर्ट ने 10 हफ्ते में कलेक्टर को दिए ये काम करने के निर्देश, पीड़िता को मिलेगी बड़ी राहत

dainikbhaskar.com | Sep 12, 2018, 11:59 AM IST

न्यूज डेस्क। अपहरण और रेप के एक मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक ऐसा फैसला सुनाया है, जो संभवत देश के न्यायिक इतिहास में पहले कभी नहीं सुनाया गया। खास बता ये है कि इस फैसले में दोषियों की तमाम प्रॉपर्टी भी अटैच करने के आदेश दिए गए हैं। हाईकोर्ट के फैसले से साफ हो जाता है कि पीड़िता और उसके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। 

 

हाईकोर्ट ने क्या फैसला सुनया...
2012 में नाबालिग बच्ची से रेप के मामले में कोर्ट ने दोषी निशान सिंह और उसकी मां नवजोत कौर को 90 लाख रुपए का भत्ता पीड़िता और उसके पेरेंट्स को देने के ऑर्डर दिए हैं। ऐसा शायद पहली बार है, जब रेप के मामले में हाईकोर्ट ने इतनी बड़ी राशि का कम्पनसेशन देने के आदेश दिए हैं। 

 

क्या था मामला...
2013 में रेप और किडनेपिंग के एक मामले में सेशन कोर्ट ने निशान और उसकी मां के साथ ही 8 लोगों को दोषी करार दिया था। पीड़िता के पेरेंट्स ने कम्पनसेशन के लिए डिविजन बेंच में याचिका लगाई थी। कोर्ट ने फरीदाकोट डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को निशान और उसकी मां की प्रॉपर्टी को 10 हफ्तों में अटैच करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इससे पीड़िता को कम्पनसेशन दिया जा सके। 90 लाख रुपए पीड़ित और उसके पेरेंट्स के बीच बटेंगे। 50 लाख रुपए पीड़िता को और 20-20 लाख रुपए माता-पिता को मिलेंगे। 


नाबालिग से रेप पर अब है फांसी का प्रावधान...
बाल कानून विशेषज्ञ विभांशु जोशी (मप्र) ने बताया कि संशोधनों के लागू होने के बाद 12 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ रेप करने पर आरोपी को मौत की सजा सुनाई जाना संभव हो चुका है। संशोधनों के पहले तक आईपीसी की धारा 376ए के तहत रेप के बाद हत्या करने पर ही मौत की सजा संभव थी। संशोधनों के बाद इसमें नई धारा 376ए बी जोड़ी गई है। इसी में मासूम से रेप के बाद फांसी का प्रावधान किया गया है। 

 

जानिए पॉक्सो एक्ट में सरकार ने कौन से नए संशोधन किए हैं? और इसके बाद ऐसा करने पर अब आरोपी को क्या सजा मिलेगी?

 

क्रिमिनल लॉ
> महिला के साथ रेप करने पर मिनिमम पनिशमेंट 7 से 10 साल कर दिया गया। इसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकेगा।
> 16 साल से कम उम्र की लड़की के साथ रेप करने पर मिनिमम पनिशमेंट 10 से 20 साल है। इसे भी आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है। 

> 16 साल से कम उम्र की लड़की के साथ गैंगरेप पर उम्रकैद की सजा दी जा सकती है। 
> 12 साल से उम्र की लड़की के साथ रेप करने पर कम से कम 20 साल सजा, आजीवन कारावास और मौत की सजा संभव।
> 12 साल से कम उम्र की लड़की के साथ गैंगरेप होने पर आजीवन कारावास के साथ मौत की सजा सुनाई जा सकती है। 

 

नए बदलावों के बाद

- रेप के किसी भी मामले की जांच 2 माह में पूरी करना जरूरी है। 
- ऐसे मामलों में ट्रायल भी 2 माह में पूरा करना जरूरी है। 
- 16 साल से कम उम्र की लड़की के साथ गैंगरेप या रेप होने पर आरोपी की अग्रिम जमानत नहीं हो सकेगी। 
- 6 महीने में याचिका का निपटारा करना होगा। 
- पुलिस स्टेशंस और हॉस्पिटल्स को स्पेशल फॉरेंसिक किट्स देने का भी प्रोविजन किया गया था। 
- रेप केस के मामले में अलग से मैनपावर अवेलेबल करवाने का निर्णय लिया गया था। 
- आरोपी से मिलने वाल फाइन से भी पीड़िता को उपचार और क्षतिपूर्ति देने का प्रावधान है। 

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