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स्टीव जॉब्स टैलेंट का चयन करने और उसे मोटिवेट करने वाले जादूगर थे, कोई उनकी बराबरी नहीं कर सकता: बिल गेट्स

एक वर्ष पहले
जॉब्स के साथ बिल गेट्स (फाइल फोटो)।
  • माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर ने एक इंटरव्यू में प्रतिद्वंद्वी रहे स्टीव जॉब्स की जमकर तारीफ की 
  • बिल गेट्स ने कहा, उनका जादू केवल मेरे ऊपर नहीं चला, क्योंकि मैं भी एक छोटा जादूगर हूं
  • मैं ऐसे बहुत कम लोगों से मिला जो जॉब्स जैसा अपने साथ काम करने वालों को प्रेरित कर सकें
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न्यूयॉर्क.  माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स ने कहा कि एपल के को-फाउंडर और पूर्व सीईओ स्टीव जॉब्स के पास किसी खत्म होती कंपनी को दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बनाने की विलक्षण प्रतिभा थी। टैलेंट का चयन करने और उसे अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए मोटिवेट करने के मामले में वह किसी जादूगर जैसे थे। गेट्स ने ये बातें एक अमेरिकी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कही। 

सकारात्मक चीजों से जॉब्स ने एपल को सर्वश्रेष्ठ बनाया

  • गेट्स ने कहा, "जॉब्स बहुत सकारात्मक सोच वाले लीडर थे। मैं ऐसे बहुत कम लोगों से मिला जो जॉब्स जैसा अपने साथ काम करने वाले लोगों को बेहतर करने के लिए प्रेरित कर सकें। वह कठोरता के साथ कुछ अविश्वसनीय सकारात्मक चीजें लेकर आए जिसने एपल को सर्वश्रेष्ठ बनाया।" 
  • "जॉब्स 1997 में डूबती कंपनी एपल में वापस लौट कर आए। फिर उन्होंने एक ब्रिटिश डिजायनर जॉनी इव को ढूंढा। एपल के चीफ डिजाइनर बने इव ने 1998 में आइ मैक बनाया। आगे चलकर इव ने आईपॉड और आई फोन बनाया। इन प्रोडक्ट्स ने नीचे गिरती एपल को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। बाद में जॉब्स और इव गहरे दोस्त भी बने।"

जॉब्स असफल रहे तब भी सफल हुए
गेट्स ने कहा कि जब वह असफल रहे तब भी सफल हुए। 1988 में नेक्स्ट की शुरुआत का हवाला देते हुए गेट्स ने कहा कि तब शीर्ष लोगों ने जॉब्स के कम्प्यूटर को पूरी तरह असफल और बकवास बताया। फिर भी जॉब्स ने उन लोगों को मंत्रमुग्ध कर लिया। पांच साल बाद नेक्स्ट ने हार्डवेयर बनाना बंद कर दिया और 1996 में एपल ने इस कंपनी को खरीद लिया और उसके सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया। यहीं से एपल में जॉब्स की वापसी हुई। 

30 साल के रिश्ते में सहयोगी और प्रतिद्वंद्वी रहे जॉब्स-गेट्स 
बिल गेट्स और स्टीव जॉब्स का रिश्ता काफी चर्चित रहा था। 30 सालों से ज्यादा समय के जान-पहचान में दोनों कभी सतर्क सहयोगी रहे, तो कभी कड़वे प्रतिद्वंदी, तो कभी दोस्त जैसे। इसकी संभावना कम है कि आज एपल जहां है वहां बिना माइक्रोसॉफ्ट के होती या माइक्रोसॉफ्ट बिना एपल के। 1985 में माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज के पहले वर्जन की घोषणा की तो दोनों के संबंध काफी तल्ख हो गए।

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