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एडिक्शन/ ड्रग्स छोड़ने जैसा मुश्किल होता है जंक फूड छोड़ना, हफ्तेभर रह सकता है माइग्रेन-डिप्रेशन

शक्कर और नमक इंसानों में खाने की प्रबल इच्छा पैदा करते हैं। फास्ट फूड में आमतौर पर इनकी मात्रा काफी ज्यादा होती है। -फाइल

  • मिशिगन यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट्स की रिसर्च में सामने आए फास्ट फूड छोड़ने के नतीजे
  • जंक फूड से तौबा करने पर कई दिन तक रह सकती है थकान
     

Dainik Bhaskar

Sep 26, 2018, 09:05 AM IST

न्यूयॉर्क. जंक फूड छोड़ने का असर ड्रग्स छोड़ने जितना मुश्किल हो सकता है। मिशिगन यूनिवर्सिटी की रिसर्च में यह बात सामने आई। इसमें कहा गया कि अगर कोई व्यक्ति अचानक फास्ट फूड खाना बंद कर देता है तो उसे कम से कम एक हफ्ते तक थकान, डिप्रेशन और सिरदर्द जैसी समस्याएं रह सकती हैं। यही लक्षण ड्रग्स छोड़ने वाले व्यक्ति में भी दिखाई देते हैं। 

 

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर किसी ने शुरुआती पांच दिन जंक फूड छोड़ दिया तो उसके लिए इसे पूरी तरह बंद करना आसान होता है। साथ ही सारे बुरे असर भी धीरे-धीरे बंद हो जाते हैं। 

रिसर्च के मुताबिक, फैट (वसा) युक्त खाना दिमाग को लत का शिकार बना देता है। लोगों को कुछ समय बाद अपनी डाइट बदलने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। 

 

मोटापा बढ़ाता है फास्ट फूड : रिसर्चर डॉक्टर एशली गियरहार्ट का कहना है कि शक्कर और नमक, दोनों ही इंसानों में खाने की प्रबल इच्छा पैदा करते हैं। फास्ट फूड में आमतौर पर इनकी मात्रा काफी ज्यादा होती है। भूखा इंसान फास्ट फूड खाने की इच्छा नियंत्रित नहीं कर पाता पाता। इससे मोटापे की समस्या बढ़ती है। 

 

231 लोगों पर की गई रिसर्च : रिसर्चर्स ने 231 वयस्कों पर रिसर्च के बाद यह रिपोर्ट तैयार की। सभी से पूछा गया फास्ट फूड छोड़ते वक्त कैसा महसूस किया। सभी की एक जैसी शिकायतें थीं। हालांकि, पांच दिन बाद उनकी हालत सामान्य होने लगी और फास्ट फूड छोड़ना आसान हो गया। 

 

27 साल बाद 25% लोगों में होगा मोटापा : एक रिसर्च के मुताबिक दुनिया की करीब एक-चौथाई आबादी 2045 तक मोटापे का सामना कर रही होगी। माना जा रहा है कि इसी मोटापे की वजह से आने वाले समय में हर आठ में से एक व्यक्ति टाइप-2 डायबटीज का शिकार होगा और लोगों में दिल की बीमारियां और कैंसर के खतरे भी बढ़ेंगे।