आस्था / दीपावली पर रतलाम का महालक्ष्मी मंदिर नोटों और जेवरातों से सजेगा

मां महालक्ष्मी मंदिर।

  • मंदिर को सजाने के लिए मुंबई-मैंगलुरु से आए श्रद्धालु नोटों के गडि्डयाें की लड़ियांबना रहे हैं
  • धनतेरस तक सजावट पूरी होगी, भाईदूज के बाद सबका धन लौटा दिया जाता है

Dainik Bhaskar

Oct 22, 2019, 10:08 AM IST

रतलाम(मध्यप्रदेश). यहांकेमां महालक्ष्मी मंदिर में लोगों केनोटों और सोना-चांदी से सजावट शुरू हो गई है। सोमवार को दिनभर नोटों से लड़ियां बनाने का काम चला। कई लोग सोने-चांदी के जेवर लेकरपहुंचे। एक व्यापारी ने तिजोरी को मंदिर में रखा है।मंदिर प्रबंधन के मुताबिक, धनतेरस से एक दिन पहले तक सजावट का काम पूरा हो जाएगा। दीवाली के बाद भाई-दूज तक मंदिर इन नोटों और जेवरात से सजा रहेगा।

मैंगलुरुके पास मुडबिदिरी की रहने वाली सुजाता बिल्लावा अपनी मुंबई की सहेली वर्षा चिचानी (57) के साथ सोमवार सुबह मां महालक्ष्मी मंदिर पहुंची। संयोग से सोमवार से मंदिर में नोटों की सजावट का काम शुरू हुआ तो दोनों नोटों की लड़ियां बनाने में जुट गई। दोनों ने यू-ट्यूब पर वीडियो देख महालक्ष्मी के दर्शन करने की ठानी थी।

नोट देख धड़कन बढ़ गई थीं
दोनों सहेलियां सोमवार को मंदिर में आईं, दर्शन के बाद पंडितजी से पूछा मंदिर कब सजेगा तो वे बोले आज से ही। सुजाता और वर्षा ने कहा कोई सेवा हो तो बताओ, तो उन्होंने नोटों की गड्डियां पकड़ा दी। इतने नोट देखकर पहले तो दिल की धड़कन तेज हो गई, लेकिन अब लगातार नोट की माला बना रही हूं, मेरा यह अनुभव वाकई अद्भुत है।

नोट गिनने मशीनें लगाईं
महालक्ष्मी मंदिर में शृंगार सामग्री (नोट, सोना, चांदी आदि।) लेकर लोग पहुंच रहे हैं। सोमवार को पुष्य नक्षत्र होने पर कई लोग सोने-चांदी लेकर भी पहुंचे। एक व्यापारी ने मंदिर में नोटों से भरी तिजोरी रखवा दी। इस साल मंदिर में प्रशासन की नजर में दीपोत्सव मनाया जा रहा है। मंदिर में आने वाले धन का भी हिसाब रखा जा रहा है। मंदिर में नोटों को गिनने के लिए दो मशीनें भी लगाई हैं।

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