रिपोर्ट / दुनिया के टॉप 10% अमीरों में पहली बार अमेरिका से ज्यादा चीन के लोग

सिंबॉलिक इमेज।

  • इनमें चीन के 10 करोड़ और अमेरिका के 9.9 करोड़ अमीर
  • लखपतियों में अमेरिका आगे, वहां 1.86 करोड़ लखपति; चीन में 44 लाख

Dainik Bhaskar

Oct 22, 2019, 11:46 AM IST

बीजिंग. चीन में अमीरों की संख्या पहली बार अमेरिका से ज्यादा हो गई। फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी क्रेडिट सुइस की सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के टॉप 10% अमीरों में चीन के लोगों की संख्या 10 करोड़ और अमेरिकियों की 9.9 करोड़ है।

दुनियाके 40% लखपतिअमेरिकी

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका लखपतियों की संख्या के मामले में अब भी आगे है। वहां 1.86 करोड़ लखपति हैं। यह दुनियाभर के लखपतियों का 40% है। चीन में ऐसे लोगों की संख्या 44 लाख है। अमेरिका में लखपतियों की संख्या में इजाफा भी तेजी से हो रहा है। ब्याज दरें कम होने और टैक्स घटने की वजह से अमेरिका के लोगों की संपत्ति बढ़ रही है।

क्रेडिट सुइस ने बताया कि चाइनीज की तुलना में औसत अमेरिकी ज्यादा अमीर हैं। अमेरिका में प्रति युवा संपत्ति 4 लाख 32 हजार 365 डॉलर, चीन में 58 हजार 544 डॉलर है। लेकिन इस मामले में चीन यूरोप के मुकाबले तेज रफ्तार से बढ़ रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन में व्यापारिक स्थितियां और कर्ज का स्तर चिंताजनक है, लेकिन आने वाले सालों के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

भारत में घरेलू संपत्ति दोगुनी हुई: रिपोर्ट
अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बीच भी भारत में बीते एक साल में घरेलू संपत्ति दोगुनी हो गई है। जबकि आर्थिक विकास दर पांच साल के निचले स्तर 5.8% पर है। क्रेडिट सुइस के मुताबिक 2019 में हाउसहोल्ड संपत्ति 12.6 ट्रिलियन डॉलर हो गई। जबकि इससे पहले वर्ष 2018 में घरेलू संपत्ति 5.972 ट्रिलियन थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में 2000 और 2019 के बीच घरेलू संपत्ति में चार गुना बढ़ोतरी हुई है। अनुमान के मुताबिक अगले पांच साल में संपत्ति में 4.4 ट्रिलियन डॉलर का और इजाफा होगा। रिपोर्ट ऐसे वक्त में आई है जब अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए सरकार बड़े पैमाने पर सुधार कर रही है। हालांकि रिपोर्ट में घरेलू संपत्ति दोगुनी होने का कोई कारण नहीं बताया गया है।

रिपोर्ट में फाइनेंसियल इन्वेस्टमेंट, प्रॉपर्टी, सोना आदि को शामिल कर घरेलू संपत्ति की गणना की गई है। प्रति व्यक्ति भारतीय पर 14,569 डॉलर का कर्ज है। इस साल कर्ज की राशि 120 अरब डॉलर बढ़ गई है। इसमें 11.5% ज्यादा वृद्धि हुई है। फाइनेंसियल असेट्स में 1.4% और नॉन फाइनेसिंयल में 6.9% का इजाफा हुआ है।

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