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जी20/ दस साल पहले जिन नेताओं ने दुनिया को मंदी से उबारा, अब खुद हाशिए पर



  • लीमैन संकट के बाद 2008 में वॉशिंगटन में बुलाई गई थी जी20 की आपात बैठक
  • उस मीटिंग में शामिल सिर्फ दो नेताओं को छोड़कर बाकी सभी सत्ता से बाहर
  • 20 तत्कालीन राष्ट्र प्रमुखों में से चार पर भ्रष्टाचार के आरोप, इनमें से दो जेल में
Dainik Bhaskar | Sep 20, 2018, 06:37 AM IST

इंटरनेशनल डेस्क. वित्तीय सेवाएं देने वाली अमेरिकी फर्म लीमैन ब्रदर्स सितंबर 2008 में दिवालिया घोषित हुई थी। इस घटना से पूरी दुनिया में आर्थिक मंदी आ गई थी। इससे निपटने के लिए वॉशिंगटन में विश्व बैंक और जी20 देशों ने आपात बैठक की। लीमैन ब्रदर्स की घटना के 10 साल पूरे होने पर भास्कर आपको बता रहा है उन नेताओं की मौजूदा स्थिति, जिन्होंने बड़े संकट से दुनिया को उबारा था। 

ब्राजील और कोरिया के राष्ट्रपति जेल में

  1. 20 तत्कालीन राष्ट्र प्रमुखों में से एंजेला मर्केल जर्मनी की चांसलर बरकरार हैं। रिसेप तैयप एर्दोगान भी तुर्की के राष्ट्रपति पद पर बने हुए हैं। बाकी नेता सत्ता से बाहर हैं। 

  2. ब्राजील के राष्ट्रपति रहे लुइस लूला डी सिल्वा भ्रष्टाचार के मामले में जेल में बंद हैं। दक्षिण कोरिया के तत्कालीन राष्ट्रपति ली म्युंग बाक 2013 में हार गए। 2018 में वे गिरफ्तार कर लिए गए और जेल में हैं।

  3. फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद 2012 में चुनाव हार गए। इटली के राष्ट्रपति रहे सिल्वियो बर्लुस्कोनी पर टैक्स फ्राॅड के आरोप लगे और उन्हें 2011 में इस्तीफा देना पड़ा।

मनमोहन सिंह अब राज्यसभा सदस्य

  1. तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी उस बैठक में हिस्सा लिया था। 2014 के चुनाव में कांग्रेस हार गई। अब मनमोहन राज्यसभा सदस्य हैं, लेकिन सदन के नेता नहीं हैं। पड़ोसी देश चीन में हू जिंताओ 2008 में राष्ट्रपति थे। 2012 में उनकी जगह शी जिनपिंग राष्ट्रपति बने। जिंताओ अब कम्युनिस्ट पार्टी में महासचिव हैं। 

  2. स्पेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री जोस लुइस रॉड्रिगेज जैप्टरो अब सत्ता में नहीं हैं। उन्हें 2011 में हटा दिया गया। कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर अब विपक्ष में हैं। वे 2015 में चुनाव हार गए। वहीं, 2008 में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री केविन रूड को 2010 में हटा दिया गया।

  3. यूके के तत्कालीन प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन 2010 में चुनाव हार गए थे। इसके बाद 2015 में उन्होंने राजनीति छोड़ दी। जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री तारो आसो अब भी सत्ता में हैं, लेकिन उप-प्रधानमंत्री पद पर। उनकी जगह शिंजो आबे प्रधाानमंत्री बना दिए गए। रूस के तत्कालीन राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव की पार्टी सत्ता में है, लेकिन पुतिन राष्ट्रपति हैं।

  4. अर्जेंटीना के तत्कालीन राष्ट्रपति क्रिस्टीना फर्नांडीस डी किर्चनर 2015 में चुनाव हार गए। उन पर देशद्रोह का आरोप भी लगाया गया। वहीं, मैक्सिको के तत्कालीन राष्ट्रपति फेलिप कैल्ड्रोन 2012 में चुनाव हार गए। इसी तरह इंडोनेशिया के तत्कालीन राष्ट्रपति सुसिलो बैमबैंग युद्धोयोनो 2014 में चुनाव हारकर अपना पद गंवा बैठे।

  5. लीमैन संकट का सबसे ज्यादा असर अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश की पार्टी पर पड़ा। 2008 के चुनाव में उनकी रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार जॉन मैक्केन राष्ट्रपति चुनाव हार गए और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बराक ओबामा राष्ट्रपति बने।

  6. जी20 की 2008 में हुई बैठक में हिस्सा ले चुके सऊदी अरब के तत्कालीन किंग अब्दुल्ला की 2015 में मौत हो गई थी। 2008 में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति गालेमा मोटलांथे को 2015 के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने राजनीति से संन्यास ले लिया।

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