गूगल / कर्मचारियों के लिए गाइडलाइंस- काम के दौरान राजनीतिक बहस न करें, उल्लंघन करने पर कार्रवाई होगी

  • अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में हेराफेरी का आरोप लगने के बाद कंपनी ने यह कदम उठाया
  • गाइडलाइंस के मुताबिक-कर्मचारीवह काम करें, जिसके लिए हमने उन्हें भर्ती किया,हम नहीं चाहते कि वे गैरजरूरी मुद्दों को लेकर बहस करके समय बर्बाद करें

Dainik Bhaskar

Aug 25, 2019, 08:49 AM IST

सैन फ्रांसिस्को. सर्च इंजन गूगल ने शुक्रवार को अपने कर्मचारियों के लिए एक दिशा-निर्देश जारी कर कहा कि वे अपने सहकर्मियों के साथ राजनीतिक या अन्य मुद्दों पर बहस करने के बजाय अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें। गाइडलाइंस में मैनेजर और फोरम का नेतृत्व करनेवाले व्यक्ति को कहा गया है कि यदि कोई कर्मचारी इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

नई गाइडलाइंस के तहत कर्मचारियों कोअपने काम को लेकर जिम्मेदार, सहायक और विचारशील बनने कोकहा गया है। ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्पके गूगल पर राष्ट्रपति चुनाव में हेरा-फेरी करने काआरोप लगाया था। इसके बाद कंपनी ने यह कदम उठाया। हालांकि गूगल के बारे में कहा जाता है कि वहअपने कर्मचारियों को अपनी मन की बात कहने के लिए हमेशा प्रोत्साहित करतीरहीहै।

हमने उन्हें गैरजरूरी मुद्दों पर बहस करने के लिए भर्ती नहीं किया: गूगल

  1. गाइडलाइंस के मुताबिक, “अपने सहकर्मियों के साथ सूचना और विचार साझा करने से एक बेहतर कम्युनिटी का निर्माण होता है जबकि राजनीति और अन्य समाचार पर की गई बहस से सिर्फ बाधा पहुंचती है। हमारी पहली प्राथमिकता है कि कर्मचारी वह काम करें, जिसके लिए हमने उन्हें भर्ती की है। हम नहीं चाहते कि वे गैरजरूरी मुद्दों को लेकर बहस करके समय बर्बाद करें।”

  2. गाइडलाइंस में कहा गया है, “कर्मचारियों के बीच हुई बहस से उनकी टिप्पणी सार्वजनिक होगी। इससे कंपनी को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है और इसका गलत प्रभाव पड़ेगा। गूगल के किसी भी उत्पादों या कारोबार को लेकर गलत या भ्रामक बयान देने से बचें, क्योंकि इससे हमारे उत्पादों और काम को लेकर लोगों के बीच भरोसा कम हो सकता है।”

  3. 2016 के चुनाव में गूगल ने किया हेरफेर: ट्रम्प

    इससे पहले डोनाल्ड ट्रम्प ने 2016 के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन के पक्ष में 16 मिलियन वोट के हेरफेर करने को लेकर गूगल पर आरोप लगाया था। ट्रम्प ने गूगल से निकाले गए एक इंजीनियर के बयान का हवाला भी दिया था।

  4. ट्रम्प के दावे को गूगल ने बेबुनियाद बताया

    कंपनी ने ट्रम्प के इस दावे को नकार दिया। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, “कंपनी से निकाले गए कर्मचारी का बयान पूरी तरह बेबुनियाद है। हम अपने उत्पादों और अपनी नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए काम करते हैं। हम किसी राजनीतिक झुकाव को ध्यान में नहीं रखते।” हाल के वर्षों में गूगल के कर्मचारियों ने कंपनी पर वर्कप्लेस पर यौन उत्पीड़न करने समेत कई मामलों को लेकर आरोप लगाए थे।

     

     

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