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घाना / दुनिया की सबसे बड़ी मेडिकल ड्रोन सेवा शुरू हुई, इसकी रोज 600 उड़ानें होंगी

  • 2 हजार हेल्थ सेंटरों में वैक्सीन, खून और जीवनरक्षक दवाओं की सप्लाई की जाएगी
  • ड्रोन सर्विस ऑपरेट करने के लिए 4 हब बनाए गए, हर हब के पास 30 ड्रोन्स

Dainik Bhaskar

Apr 26, 2019, 08:14 AM IST

अकरा. घाना में दुनिया की सबसे बड़ी मेडिकल ड्रोन सेवा शुरू की गई है। करीब 3 करोड़ आबादी वाले इस देश में ड्रोन्स की रोज 600 उड़ानें होंगी। इससे करीब एक करोड़ 20 लाख लोगों को फायदा होगा। इसमें मरीजों के लिए 2 हजार हेल्थ सेंटरों में वैक्सीन, खून और जीवनरक्षक दवाओं की सप्लाई की जाएगी।

4 हब बनाए गए

  1. ड्रोन सर्विस के लिए 4 हब बनाए गए हैं। हर हब में 30 ड्रोन रखे गए हैं। ड्रोन्स को कैलिफोर्निया की रोबोटिक्स कंपनी जिपलाइन ने बनाया है।ड्रोन सेवा के उद्घाटन के दौरान राष्ट्रपति नाना अकूफो-अद्दो ने कहा कि इससे देश के हर नागरिक तक जीवनरक्षक दवाएं मिल पाएंगी। अब घाना के किसी व्यक्ति की मौत इसलिए नहीं होगी कि उसे समय पर दवाएं नहीं मिल पाईं।

  2. हालांकि ड्रोन सेवा पर शुरुआत में चिंता भी जताई गई थी। आलोचकों ने कहा था कि अभी देश में 55 एंबुलेंस हैं। लिहाजा पैसे का इस्तेमाल स्वास्थ्य सेवाओं (एंबुलेंस-क्लीनिक) की बेहतरी के लिए किया जाना चाहिए।

  3. उधर, घाना मेडिकल एसोसिएशन ने प्रोजेक्ट सस्पेंड करने के लिए कहा था। यह भी कहा था कि इसका पहले परीक्षण करना चाहिए। एसोसिएशन का दावा था कि यह स्वास्थ्य क्षेत्र की समस्याओं को हल नहीं कर पाएगा।

  4. घाना की संसद में प्रोजेक्ट को रखा गया, जिसे 58 के मुकाबले 102 वोट से पास कर दिया गया। इसके बाद सरकार ने जिपलाइन को चार साल तक प्रोजेक्ट चलाने लिए 12 मिलियन डॉलर (करीब 84 करोड़ रुपए) दिए।

  5. जिपलाइन को वैक्सीन सपोर्ट करने वाले गावी ग्रुप के सीईओ डॉ.सेठ बर्कले का कहना है कि सरकार की मांग पर हम रोज की दवाओं की जरूरत को पूरा करेंगे। हम भरोसा दिलाते हैं कि घाना का कोई भी बच्चा बिना वैक्सीन के नहीं रहेगा।

  6. जिपलाइन ने 2016 में पहली बार रवांडा में ड्रोन सेवा शुरू की थी। तब से अब तक वहां 13 हजार बार जीवनरक्षक दवाएं दी जा चुकी हैं। जिपलाइन के मुताबिक- हमें आप मैसेज के जरिए दवाओं की जरूरत के बारे में बता सकते हैं। पैकेजिंग और डिलीवरी में महज आधा घंटा लगता है। ड्रोन से दवाएं एक पैराशूट के जरिए उतारी जाती हैं।

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