पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

यूएई का मार्स मिशन:खराब मौसम की वजह से आज तीसरी बार टला यूएई का मार्स मिशन, जापान से लॉन्च किया जाना है रॉकेट

टोक्योएक महीने पहले
जापान के तानेगशिमा स्पेस सेंटर में यूएई के मार्स आर्बिटर की लॉन्चिंग से पहले जांच करते एक साइंटिस्ट। इसे तैयार करने में यूएई के 450 से ज्यादा इंजीनियर्स और टेक्नीशियन्स ने करीब 6 साल काम किया है।-फाइल फोटो
  • यूएई के इस पहले मिशन का नाम होप है, यह तानेगशिमा स्पेस सेंटर से मित्सुबिशी हैवी इंडस्ट्रीज के एच-आईआईए रॉकेट के जरिए लॉन्च होगा
  • जापान में भारी बारिश से कयुशु आइलैंड पर कई जगहों पर बाढ़ और मडस्लाइड की स्थिति पैदा हो गई है, ऐसी स्थिति में लॉन्चिंग संभव नहीं थी
No ad for you

खराब मौसम की वजह से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का मार्स मिशन गुरुवार को तीसरी बार टाल दिया गया। यूएई मिशन टीम ने बताया है कि अब इस इसे महीने के आखिर तक लॉन्च किया जाएगा। यूएई के इस पहले मार्श मिशन का नाम ‘होप’ है। इसे जापान के तानेगशिमा स्पेस सेंटर से मित्सुबिशी हैवी इंडस्ट्रीज के एच-आईआईए रॉकेट के जरिए लॉन्च किया जाना है। पहले लॉन्चिंग के लिए बुधवार का समय तय था। हालांकि ऐसा नहीं हो पाया और इसे गुरुवार को लॉन्च करने ऐलान किया गया था।

जापान में इस हफ्ते भारी बारिश हुई है। इसकी वजह से यहां कयुशु आइलैंड पर कई जगहों पर बाढ़ और मडस्लाइड की स्थिति पैदा हो गई है। ऐसी स्थिति में लॉन्चिंग संभव नहीं है। मित्शुबिशी के लॉन्च अधिकारी केइजी सुजूकी ने बीते हफ्ते ही कहा था कि अगर बारिश हुई तो मिशन टाला जा सकता है। 

आर्बिटर की फरवरी 2021 में मंगल तक पहुंचने की उम्मीद

होप आर्बिटर के फरवरी 2021 तक मार्स की कक्षा में पहुंचने की उम्मीद है। यह मिशन यूएई के लिए अहम माना जा रहा है। आर्बिटर कम से कम दो साल तक मंगल की कक्षा के चक्कर लगाएगा। इसमें तीन ऐसे इंस्ट्रूमेंट लगे हैं जो मंगल ग्रह के ऊपरी वायुमंडल का अध्ययन करेंगे और क्लाइमेट चेंज के बारे में जानकारी जुटाएंगे। यूएई ने कहा कि यह पहली बार अलग-अलग मौसम में मंगल के वायुमंडल की पूरी तस्वीर सामने रखेगा।

पहली बार यूएई के अंतरिक्ष मिशन की कमान महिला संभाल रही

पहली बार यूएई ने अंतरिक्ष मिशन की कमान महिला साइंटिस्ट सारा अल अमीरी को सौंपी गई है। सारा ने एक इंटरव्यू में बताया कि इस मिशन में उनकी पूरी टीम ने 6 साल दिए हैं। मिशन की लान्चिंग के शुरुआती 24 घंटे में वह खुद इस पर नजर रखेंगी। क्योंकि इसी समय में उन्हें मिशन की सफलता से जुड़े शुरुआती नतीजे मिलेंगे। सारा पहले दुबई के राशि स्पेस सेंटर में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर काम करतीं थीं। उन्होंने शारजाह की अमेरिकन यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में डिग्री ली है।

No ad for you

विदेश की अन्य खबरें

Copyright © 2020-21 DB Corp ltd., All Rights Reserved