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नवरात्रि की अंतिम तिथि:देवी दुर्गा की तस्वीर का जीवन प्रबंधन, कमल बताता है कि बुराई के बीच में भी अपने अच्छे गुण न छोड़ें

एक महीने पहले
  • देवी दुर्गा के आठ हाथों में हैं अलग-अलग चीजें, इन सभी से सीख सकते हैं अच्छी बातें
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आज शारदीय नवरात्रि की अंतिम तिथि नवमी है। देवी दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा इस तिथि पर की जाती है। दुर्गा की पूजा के साथ ही देवी की तस्वीर में बताई गई अच्छी बातें जीवन में उतारने से हमारी कई समस्याएं दूर हो सकती हैं। देवी की तस्वीरों में उनके आठ हाथ दर्शाए जाते हैं। इन हाथों में अलग-अलग चीजें हैं। इन चीजों से हम जीवन प्रबंधन के सूत्र भी सीख सकते हैं।

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार देवी दुर्गा के स्वरूप में जीवन को सुखी और सफल बनाने के सूत्र छिपे हैं। जानिए ये सूत्र कौन-कौन से हैं...

त्रिशूल - त्रिगुण नियंत्रित रखें। त्रिगुण यानी सत्व, रज और तम। इन तीनों गुणों पर नियंत्रण रखना चाहिए।

गदा - सेहतमंद रहें। गदा एक ऐसा शस्त्र है, जिसका उपयोग सेहतमंद लोग ही कर सकते हैं। इसका संदेश ये है कि हमें अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए।

तलवार - बुराइयों से दूर रहें। तलवार बुराइयों को काटने यानी उनसे दूरी बनाए रखने का संदेश देती है।

चक्र - स्थिर रहें। चक्र देवी के हाथ की उंगली में स्थिर रहकर घूमता रहता है। इसका संदेश ये है कि हालात कैसे भी रहें हमारा मन स्थिर रहना चाहिए।

शंख- शंख पवित्रता का प्रतीक है। हमें विचारों में पवित्रता बनाए रखनी चाहिए।

वर मुद्रा- आशीर्वाद दें और क्षमा करें। दूसरों की गलतियों को भूला देना चाहिए और जो हमारी शरण में आए हैं, उन्हें आशीर्वाद देना चाहिए।

धनुष-बाण- इनका संदेश ये है कि हमें शत्रुओं पर विजय प्राप्त करनी चाहिए।

कमल का फूल- बुराइयों के बीच में भी अच्छे गुण न छोड़ें। कमल कीचड़ में भी अपने अच्छे गुण नहीं छोड़ता है। यही सीख हमें भी लेनी चाहिए।

लाल रंग - उत्साह बनाए रखें। देवी दुर्गा लाल वस्त्र धारण करती हैं। लाल रंग उत्साह का प्रतीक है।

सिंह - साहस बनाए रखें। सिंह का संदेश ये है हमें बुरे समय में भी साहस बनाए रखना चाहिए।

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