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हादसा/ अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो ममेरे भाइयों को रौंदा, ढाई किमी तक बाइक को घसीटा, मौके पर ही दोनों की हुई मौत

Dainik Bhaskar | Jan 22, 2019, 11:16 AM IST
दुर्घटना की शिकार बाइक।

  • रात दो बजे गोविंदपुर से आ रहे थे दोनों भाई, हादसे में एक अन्य घायल 
  • पुराना बाजार में दुल्हन साड़ी दुकान के मालिक हैं जसमीत के पिता, करमजीत के पिता कैटरिंग व दुकान चलाते हैं 

धनबाद. सरायढेला में फिट्जी तारा अपार्टमेंट के सामने शनिवार की देर रात लगभग दो बजे एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को रौंद दिया। मौके पर ही दोनों की मौत हाे गई। दोनों रिश्ते में ममेरे भाई थे। घटना में एक अन्य युवक गंभीर रूप से जख्मी हुआ है, जिसे बीजीएच रेफर कर दिया। उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर भाग गया। Advertisement

मृतकों में ये शामिल

  1. मरने वाले युवकों में जोड़ाफाटक रोड सिंहसभा गुरुद्वारा के पीछे रहने वाले जसपाल सिंह का 22 वर्षीय पुत्र जसमीत सिंह उर्फ साहेब तथा दूसरा धोवाटांड़ शास्त्रीनगर का सतनाम सिंह का 24 वर्षीय पुत्र करमजीत सिंह शामिल हैं। जसपाल सिंह की पुराना बाजार दरी मोहल्ला में दुल्हन नाम की साड़ी दुकान है। वहीं करमजीत के पिता पहले पीएमसीएच में मेस चलाते थे। उनकी मटकुरिया में एक दुकान भी है। 

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  2. आसनसोल का रहने वाला है घायल

    वहीं गंभीर रूप से जख्मी विकास गोराई के बारे में कहा जा रहा है कि उसके पिता का नाम सुमांता गोराई है और वह आसनसोल महल का रहने वाला है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि तीसरा घायल मारे गए दोनों युवकों की बाइक पर सवार था अथवा नहीं। हालांकि एंबुलेंस से तीनों को मौके से पीएमसीएच लाया गया था। पुलिस को अंदेशा है कि ट्रक या हाइवा ने ही दोनों को अपनी चपेट में लिया होगा। 

  3. अंतिम समय पर बेटे का चेहरा तक नहीं देख पाए

    सरायढेला में रविवार देर रात सड़क हादसे में दो परिवारों ने अपने बेटे को खो दिया। जसमीत के माता-पिता के लिए सबसे दुखद बात रही कि वे अंतिम समय पर बेटे का चेहरा तक नहीं देख पाए। जसमीत का शव पोस्टमार्टम से घर नहीं ले जाकर सीधे बड़ा गुरुद्वारा लाया गया। जहां दो मिनट शव को रख कर अरदास करने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए मटकुरिया श्मशान लेकर चले गए। जहां उसका अंतिम संस्कार किया गया। घटना में जिसे भी सूचना मिली वे जसमीत के शवयात्रा में शामिल हो गए। शवयात्रा में काफी संख्या में लोग शामिल थे। 

  4. जसमीत ने पिता से कहा था कि करमजीत के घर सोने जा रहा है

    करमजीत घर में अकेला था। माता-पिता बड़े बेटे के साथ पोती का इलाज कराने वेल्लोर गए हुए हैं। वहीं जसमीत घर से यह कह कर निकला था कि वह करमजीत के यहां सोने जा रहा है। सुबह आकर वह दुकान खोल देगा लेकिन सुबह बेटे की मौत होने की सूचना मिली तो पूरे परिवार का होश उड़ गया। परिजनाें का रो-रोकर बुरा हाल है। 

  5. बीएड की पढ़ाई कर रहे करमजीत की चार दिन बाद खत्म होने वाली थी ट्रेनिंग

    बीएड की पढ़ाई कर रहा करमजीत का ट्रेनिंग के दौरान बच्चों को पढ़ाने का काम कर रहा था। चार दिन बाद ही उसकी ट्रेनिंग खत्म होने वाली थी। घटना की सूचना मिलने के बाद बीएड कालेज के काफी संख्या में सहपाठी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। दोस्तों ने बताया कि रविवार 10 बजे रात करमजीत ने फोन कर पूछा था कि सोमवार को बच्चों को पढ़ाने जाना है या नहीं। 

  6. कभी पीएमसीएच में मेस चलाते थे पिता

    करमजीत के पिता सतनाम कभी पीएमसीएच में मेस चलाते थे। इसके बाद वे टिफिन से भोजन उपलब्ध कराने लगे। वेल्लोर में सतनाम सिंह को बेटे की मौत की सूचना पर वे फ्लाइट से कोलकाता पहुंचने के बाद देर रात घर पहुंचेंगे। 

  7. सोशल मीडिया पर 18 को किया था पोस्ट

    करमजीत सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहता था। 17 जनवरी को अपना बॉडी दिखते हुए एक पोस्ट डाला था, जिसमें लिखा था कि इस तरह का शेप के लिए वह प्रयास कर रहा है। 18 जनवरी को उरी फिल्म देख कर पोस्ट किया था। 

  8. वाहन के साथ घसीटने के कारण पूरी तरह से जल गई बाइक

    हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात का लगाया जा सकता है कि बाइक सरायढेला से 2.5 किमी दूर लाल बंगला मोड़ से से बरामद हुई। ट्रक बाइक को घसीटते हुए वहां तक ले गया। वहां फंसी बाइक को ट्रक से निकाला। फिर ट्रक समेत भाग निकला। 

  9. जसमीत का मटकुरिया में हुआ दाह संस्कार करमजीत सिंह के परिजन वेल्लोर से रवाना

    हादसे में जसमीत का सिर और धड़ अलग-अलग हो गया था। पैर भी थोड़ी दूर पर बिखरा पड़ा था। ट्रक ने उसे पूरी तरह से कुचल दिया था। शव के टुकड़ों को पुलिस ने समेट कर मौके से उठाया। परिजनों ने जसमीत के शव का दाह संस्कार मटकुरिया घाट पर कर दिया। वहीं करमजीत के परिजनों वेल्लोर में थे। सूचना मिलने पर वे धनबाद के लिए रवाना हो गए हैं। फिलहाल करमजीत का शव उसके घर पर रखा गया है। करमजीत बलियापुर के पहाड़पुर में स्थित पर्जन्य बीएड कालेज में फाइनल का स्टूडेंट था। फिलहाल वह ट्रेनिंग के तहत प्रोजेक्ट हाईस्कूल शीतलपुर में बच्चों को पढ़ा रहा था।