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तैयारी/ रेलवे स्टेशन के पास 1.5 करोड़ से वेस्ट वाटर रिसाइकलिंग प्लांट बनेगा, हर दिन 75 हजार गैलन लीटर पानी की होगी बचत

Dainik Bhaskar | Jan 19, 2019, 12:09 PM IST
काल्पनिक तस्वीर।
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  • टाटानगर स्टेशन रेलवे ने 25 अतिक्रमणकारियों को दिया नोटिस, एक सप्ताह में खाली करें

जमशेदपुर. टाटानगर रेलवे क्षेत्र में वेस्ट वाटर रिसाइकलिंग प्लांट लगाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। रेलवे इंजीनियरिंग कॉलोनी स्थित केंद्रीय विद्यालय के पास प्लांट बनाया जाएगा। शुक्रवार को रेलवे इंजीनियरिंग विभाग ने उपरोक्त जमीन पर अतिक्रमण कर रहरहे 25 घरों को नोटिस दिया। उन्हें एक सप्ताह तक जगह खाली करने का आदेश दिया गया है। अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर बल पूर्वक अतिक्रमण हटाया जाएगा। प्लांट बनने के बाद प्रतिदिन लगभग 75 हजार गैलन लीटर पानी की बचत होगी। इससे पानी की समस्या भी दूर होगी।
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तीन स्तर पर होगा पानी का ट्रीटमेंट

  1. गंदे पानी को स्टेशन के ट्रीटमेंट कर कोच क्लीनिंग, प्लेटफॉर्म क्लीनिंग, बाथरूम, वाशरूम में सप्लाई किया जाएगा। इस पानी को भी फिर से रिसाइकलिंग प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। यह क्रम चलता रहेगा। प्लांट में पानी लाने के बाद इसे तीन स्तर पर ट्रीटमेंट किया जाएगा। गंदा पानी एक टंकी में आकर जमा होगा। इसके बाद उस पानी का ट्रीटमेंट किया जाएगा। इसमें 1.5 करोड़ रुपए खर्च होंगे। स्टेशन क्लीनिंग, कोच क्लीनिंग और स्टेशन क्षेत्र में अलग- अलग सफाई कार्य में तकरीबन प्रतिदिन 75 हजार गैलन पानी का उपयोग होता है। अगर गंदे पानी को साफ करने के बाद उसे उपयोग में लाया जाएगा, तो प्रतिदिन इतने ही रॉ वाटर की बचत होगी। 

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  2. यह होगा फायदा

    रिसाइकलिंग प्लांट बनने से गंदे पानी की रिसाइकलिंग करने के साथ उसका प्रबंधन भी किया जाएगा। प्रबंधन का अर्थ ड्रेनेज की समस्या से भी है। गंदा पानी नाला के माध्यम से सीधे नदी में पहुंचता है। इससे नदी का जल भी प्रदूषित होता है। अगर ऐसे पानी को रिसाइकल कर उपयोग में लाया जाएगा, तो नदी भी प्रदूषित नहीं होगी। 

  3. स्वच्छता को भी मिलेगा बल

    स्टेशन क्षेत्र में प्रतिदिन लाखों लीटर पानी का उपयोग अलग- अलग कार्यों में होता है। इस दौरान पानी नाला में भी बहता है। नाला में कचरा जमा होने से पानी का ठहराव हो जाता है। इससे गंदगी की समस्या भी होगी है। लेकिन नाले के पानी को रिसाइकलिंग प्लांट में ले जाने के लिए जब लगातार काम होगा, तो यह समस्या भी स्वत: दूर हो जाएगी।