एमवी एक्ट / झारखंड भी खिलाफ, लोगों को 17 सितंबर से मिल सकती है भारी-भरकम जुर्माने से राहत

  • परिवहन मंत्री सीपी सिंह का भीमानना,भारी-भरकम जुर्माने से आम लाेग परेशान हैं
  • जुर्माने की राशि काे लेकर लाेगाें में आक्राेश ताे है ही, विपक्ष भी इसे मुद्दा बनाने में जुट गया है

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2019, 05:17 AM IST

रांची.गुजरात और उत्तराखंड के बाद अब झारखंड में भी लाेगाें काे नए ट्रैफिक नियम के भारी-भरकम जुर्माने से राहत मिलेगी। सरकार 17 सितंबर काे इस संबंध में अादेश जारी कर सकती है। परिवहन मंत्री सीपी सिंह ने माना था कि भारी-भरकम जुर्माने से आम लाेग परेशान हैं। उन्हाेंने परिवहन सचिव काे इसमें बदलाव का प्रस्ताव देने का निर्देश दिया था।

इसके बाद विभागीय अधिकारियाें ने ड्राइविंग लाइसेंस, हेलमेट, रजिस्ट्रेशन और प्रदूषण नियंत्रण के नियमाें का उल्लंघन पर तय जुर्माने की समीक्षा की। इसके बाद कुछ मामलाें में जुर्माना राशि कम करने पर सहमति बनी है। भारी जुर्माने की राशि काे लेकर लाेगाें में आक्राेश ताे है ही, विपक्ष भी इसे मुद्दा बनाने में जुट गया है। इसी मुद्दे पर 11 सितंबर काे झाविमाे प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने साइकिल रिक्शा मार्च निकाला था। पार्टी ने पूरे प्रदेश में प्रदर्शन किया था। गाैरतलब है कि दाे अाैर राज्य भी जुर्माना घटाने की तैयारी में है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने जुर्माना घटाने का अादेश दिया है ताे महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र से इस पर दाेबारा विचार करने काे कहा है। सात अन्य राज्य भी इसके
विराेध में हैं।

चालान के डर से भागे तो बाइक दीवार से टकराई, दाे की माैत

कैरबेड़ा करमटाेली के पास बुधवार शाम गाड़ियाें की जांच कर रही पुलिस काे देखकर भागते समय बाइक दीवार से टकरा गई। इस हादसे में दाे युवकाें अमृत हाेराे (18) और सुभाष कुजूर (22) की माैत हाे गई। एक अन्य युवक छाेटू बड़ाइक घायल है। छाेटू ने बताया कि वे तीनाे बुधवार शाम बाइक से बानाबीरा चर्च जा रहे थे। रास्ते में कैराबेड़ा के पास पाकरटांड थाने की पुलिस वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। हमलाेगाें ने न ताे हेलमेट पहना था और न ही बाइक के कागजात थे। इसलिए डर गए और तेजी से भागने लगे। करमटाेली के पास बाइक अनियंत्रित हाे गई और दीवार से टकरा गई।

राज्यों के रुख पर कानूनी राय ले रहा परिवहन मंत्रालय

नई दिल्ली.देश में नए मोटर व्हीकल कानून में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना वसूला जाने पर मची हायतौबा के बीच परिवहन और हाईवे मंत्रालय ने कानून विशेषज्ञों से सलाह मांगी है। मंत्रालय ने यह राय भाजपा शासित गुजरात और उत्तराखंड द्वारा नए कानून लागू होने के बाद जुर्माने की राशि कम करने की घोषणा और उत्तर प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों द्वारा जुर्माने कम करने संबंधी रुख के बाद मांगी है।

एक अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय यह जानना चाहता है कि नए कानून में केंद्र द्वारा निर्धारित न्यूनतम जुर्माने को राज्य सरकारें किस आधार पर घटा सकती हैं। हमने कानून मंत्रालय को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने का कहा है। एक बार पता चल जाए कि राज्य अपने अधिकार का इस्तेमाल कर कैसे जुर्माने को कम कर सकते हैं, तो उसके मुताबिक कदम उठाएंगे।

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