फैशन & स्टाइल / तीन हजार साल पुराना कच्छ का काला कपास बना नए डिजाइनर्स की पहली पसंद

Dainik Bhaskar

Sep 08, 2019, 06:59 PM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. गुजरात के कच्छ में होने वाला काला कपास तीन हजार साल से अपनी उपस्थिति दर्ज कराए हुए है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन अहमदाबाद से ग्रैजुएट चिनार फारुकी भी इसके जादू से बच नहीं पाई है। काले कॉटन, जामदानी और मलमल के अलग अंदाज के बारे में बता रही हैं फैशन राइटर अस्मिता अग्रवाल...

बुनकरों के बच्चे तलाश अन्य रोजगार

  1.  

    इंजिरी लेबल देश के अलग-अलग हिस्से से बुने हुए कपड़ों को खरीदकर उन कपड़ों को आधुनिक महिलाओं के लिए डिजाइन करता है। यह प्रकृति प्रेमी लेबल स्थायीत्व की खास परवाह करता है। राजस्थान में पली-बढ़ी फारुकी के पिता एक आईपीएस ऑफिसर हैं, इसलिए अलग-अलग जगहों पर रहते हुए स्वदेशी तकनीक से होने वाली बुनकरी की कला को समझा। साथ ही यह कि बुनकरी में लाभ न होने के कारण परंपरागत कार्य को छोड़कर बुनकरों की नई पीढ़ी अब रोजगार की तलाश में शहरों में भटक रही है। जयपुर बेस्ड टेक्स्टाइल रिवाइवलिस्ट चिनार खुद को फैशन डिजाइनर कहलाना पसंद नहीं करती हैं। वह कहती हैं कि हम बुनकरों को कुछ महीने के लिए नहीं बल्कि साल भर कमा सकें इसलिए थोक में ऑर्डर देते हैं। हम ऐसे कपड़े बनाते हैं जो समय से परे क्लासिक हों और जिन्हें व्यक्ति लंबे समय तक पहन सके। बड़ौदा के एक कॉलेज से फाइन आर्ट में ग्रैजुएट चिनार विक्टोरिया म्यूजियम, क्राफ्ट म्यूजियम दिल्ली, बर्मिंघम म्यूजियम यूके और कैलिको म्यूजियम अहमदाबाद की यात्रा कर इस कला को समझकर इस क्षेत्र में आईं। वह बुनकर समूहों के साथ काम करती हैं और तीन सौ स्टोर के माध्यम से बुनकरों के कपड़े लोगों तक पहुंचाती हैं। चिनार जामदानी और काले कॉटन पर काम करती हैं। 
     

  2. इराक के मोसुल से मलमल

    मलमल सबसे पहले मध्य पूर्व से 17वी शताब्दी में यूरोप में आयात किया गया था। इसका नाम इराक में स्थित मोसुल शहर के नाम पर रखा गया। मखमल के उत्पादन के दो सबसे प्रमुख केन्द्र ढाका और मसुलीपट्नम थे। हाथ से बुना हुआ हल्का और पारदर्शी कपड़ा मलमल आमतौर पर सफेद रंग का होता है। जामदानी और चिकनकारी के वस्त्रों को मुगलों ने गर्मियों के कपड़े के रूप में संरक्षित किया। कलेक्शन में इनका संयोजन किया गया है। 
     

  3. रंग ने किया जीवंत

    रंगों का प्रयोग किसी भी चीज को जीवंत करने के लिए काफी होता है। रंगों के माध्यम से कैसे कपड़ों की खूबसूरती को बढ़ाया जा सकता है, यह इस विचार से प्रेरित है। इस कलेक्शन को तैयार करने के लिए मजबूत रंग के कपड़ों का इस्तेमाल किया गया है, जो डिजाइन के मुख्य तत्व हैं। सर्दियों में जब मौसम में उदासी होती है उस समय वस्त्रों में रंगों की चमक परिवेश में नई आभा जोड़ देती है।

  4. पुराने दिनों की यादें चारबाग

    क्लासिक बॉटनिकल पेंटिंग्स से प्रेरित यह कलेक्शन उस दौर की याद दिलाता है जब बचपन में स्कूल के दिनों में फूलों को सुखाकर उन्हें फाइल में चिपकाकर रखा जाता था। इस कलेक्शन को बनाने में ऑर्गेनिक कॉटन और जामदानी की बुनाई पर हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग तकनीक का प्रयोग किया गया है। यह कलेक्शन गर्मी की रुखी शाम को हल्के और हवादार फैब्रिक के परिधानों के जरिए मौसम की तकलीफ से महिलाओं को मुक्त कर देता है। 

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