मलेशिया / पर्यावरण हितैषी: तेल मिल और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले चूहों को खा रहे मकाक बंदर

मकाक बंदर।

  • मलेशिया पाम ऑयल का सबसे बड़ा निर्यातक, ऑयल मिलों को 10% नुकसान चूहों के कारण होता है
  • मकाक बंदर चूहों की तादाद को 75% तक घटाने में सक्षम, ये कीटनाशकों का विकल्प भी साबित हो रहे

Dainik Bhaskar

Oct 23, 2019, 08:10 AM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. बंदरों की एक खास प्रजाति दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देश मलेशिया की तेल मिलों के लिए भी फायदेमंद साबित हो रही है। बंदरों का चूहे खाना पेस्ट कंट्रोल(कीटनाशकों) का विकल्प बन रहाहै। इससेवैज्ञानिकोंभी आश्चर्यचकित हैं। सुअर जैसी पूंछ वाले मकाक बंदर तेल मिलों को नुकसान पहुंचा रहे चूहों को खाकर खत्म कर रहे हैं। कुछ समय पहले ये माना जा रहा था कि इन बंदरों के कारण मिल के आसपास की पाम फसलों को नुकसान हो रहा है,लेकिन जर्मनी की लीपजिग यूनिवसिर्टी की हालिया रिसर्च में इसे गलत साबित किया गया है।

मकाक बंदरों के दो समूहों पर रिसर्च

  1. इन बंदरों को वैज्ञानिक भाषा में पिग-टेल्ड मकाक कहा जाता है। ये तेल मिलों और उसके आसपास पाम और दूसरे फलों की फसलों को कितना नुकसान पहुंचा रहे हैं, इसे समझने के लिए शोधकर्ताओं ने रिसर्च की। मलेशिया के तेल मिल क्षेत्र और सेगरी फॉरेस्ट रिजर्व में पाए जाने वाले मकाक बंदरों के दो समूहों पर नजर रखी गई। जनवरी 2016 से सितंबर 2018 तक इनके व्यवहार पर अध्ययन किया गया।

  2. करंट बायोलॉजी जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक, मकाक बंदर तेल मिलों के लिए फायदेमंद साबित हो रहे हैं और नुकसान नाममात्र का ही हो रहा है। ये बंदर मिल के पास आते हैं और चूहों को खाते हैं। चूहे मिल के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। चूहों की संख्या में कमी होने से फसलों को नुकसान कम हो रहा है।

  3. मलेशिया दुनियाभर में सबसे बड़ा पाम ऑयल का निर्यातक है। लीपजिग यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता एना होल्जनर के मुताबिक, दुनिया का कुल 30% पाम ऑयल का उत्पादन मलेशिया में होता है। तेल मिलें जिस क्षेत्र में हैं, वहां बंदर रोजाना तीन घंटे बिताते हैं। कथित तौर पर ये 12.4 टन पाम फल को खा जाते हैं। 

     

     

  4. आंकड़ों के मुताबिक, ये बंदर कुल पाम का 0.56% खा जाते हैं। जबकि कुल पाम ऑयल का 10% नुकसान चूहों के कारण हो रहा है। शोध के मुताबिक, बंदरों के मुकाबले चूहे 18 गुना ज्यादा नुकसान पहुंचा रहे हैं। रिसर्च के मुताबिक, मकाक बंदर चूहों की संख्या को 75% तक घटाने में सक्षम हैं। इस तरह बंदर कीटनाशकों का विकल्प भी साबित हो रहे हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक, चूहों की संख्या कम होने नुकसान 10 से घटकर 3% हो सकता है। हर साल 4 करोड़ 27 लाख रुपए का नुकसान होने से बचाया जा सकता है।

  5. पिग-टेल्ड मकाक को इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर ने दुर्लभ प्रजाति का प्राणी घोषित किया है। इनका वास स्थान घटने और बढ़ते शिकार के कारण संख्या में  तेजी से घट रही है। इनकी संख्या में कमी होने का एक अन्य कारण ऑयल मिलों के लिए पौधरोपण भी रहा है। दुनियाभर में करीब 1,90,000 वर्ग किमी जमीन में पाम के पौधों लगे हैं। शोध के मुताबिक, किसानों को ऐसे बंदरों को सहेजने की सलाह दी गई है ताकि कीटनाशक का प्रयोग कम हो सके।

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